अजनबी लड़के से मोम की चुदाई

By   March 9, 2018
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हैलो फ्रेंड्स, में दिल्ली में जॉब करता हूँ. यह मेरी पहली रियल stranger sexy story है, मुझ से कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ़ कर देना.


 

यह हॉट स्टोरी मेरी गर्लफ्रेंड की माँ की चुदाई की है, जो मेरी गर्लफ्रेंड ने अपनी खुली आँखों से देखी और उसने मुझे खुद बताया था और कहानी लिखने को बोला. तो लीजिये पेश है मेरी गर्लफ्रेंड की मम्मी की सेक्स कहानी उसी की जुबानी.

हैलो दोस्तो, मैं प्रिया18 वर्ष की हूँ, मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी की बी कॉम पहले साल की स्टूडेंट हूँ. यह सेक्सी कहानी मेरी मौसी की शादी में मेरी मम्मी की किसी अनजान लड़के से चुदाई की है. जी हां…

कुछ दिनों पूर्व, गर्मियों में हम लोग मेरी एक दूर के रिश्ते में मौसी की शादी में जयपुर, राजस्थान गए थे. पापा को ऑफिस से छुट्टी न मिलने की वजह से वो हमारे साथ नहीं जा पाये थे. तो सिर्फ मैं, मम्मी और मेरा छोटा भाई ही शादी में जा पाए थे. शादी एक बड़े होटल में थी तो हम तीनों सीधे होटल में ही पहुँचे, जहाँ पहले से लगभग सभी लोग आ चुके थे. हम अपने सब रिश्तेदारों से मिले, फिर सबने डिनर किया और चूँकि शादी अगले दिन थी और उस दिन कुछ भी कार्यक्रम नहीं था इसलिए डिनर के बाद सब अपने अपने रूम में जाकर सो गए. सब परिवारों को एक एक रूम मिला हुआ था होटल में

अब मैं आपको अपनी मम्मी के बारे में बता दूँ. मेरी मम्मी की उम्र 38 साल है लेकिन देखने से वो 30 की ही लगती हैं. मेरी माँ का फिगर 36-30-36 का है. रंग साफ़ है, चेहरा गोल थोड़ा अंडाकार है. मेरी मम्मी का बदन थोड़ा गदराया हुआ है तो आज भी कोई कमसिन जवान लौंडा या कोई अधेड़ावस्था का पुरुष यानि किसी भी उम्र का मर्द मेरी मम्मी को देखता है तो देखता ही रह जाता है और उसका हाथ उसके लंड पर पहुँच ही जाता है. मेरी मम्मी है ही इतनी सेक्सी और चोदने लायक माल! मेरी मम्मी के चूतड़ पीछे थोड़े बाहर को उभरे हुए हैं, जब वो चलती है तो उसके ऊपर नीचे होते कूल्हे सड़क पर कोहराम मचा देते हैं.

मेरे पापा भी मेरी मम्मी की जवानी और खूबसूरती के दीवाने हैं. मैंने उन्हें अक्सर दिन में मम्मी के साथ छेड़छाड़ करते हुए देखा है. कई बार उनके कमरे से चुदाई की आवाजें, सीत्कारें, बेड की चरमराहट भी सुनी है. मुझे महसूस होता है कि मेरी मम्मी भी चुदाई की दीवानी हैं.

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अब मैं रियल सेक्स स्टोरी पर आती हूँ. शादी के दिन जब बारात आ गई और जय माला का कार्यक्रम हो गया तो सब लोग डी जे स्टेज पर डांस कर रहे थे. मेरी मम्मी भी वहीं पर डांस कर रही थीं जो कि लहँगा चोली में थीं और वो बहुत हॉट लग रही थीं. मम्मी की चूचियां और कूल्हे उछल उछल कर सबके दिलों पर, क्या बूढ़े क्या जवान, कहर ढा रहे थे.

अचानक मैंने देखा कि कुछ 2-3 लड़के जो शायद दूल्हे के फ्रेंड थे, मेरी मम्मी के पास आ कर उन से चिपक कर डांस करने लगे. मुझे बहुत गुस्सा आया लेकिन मैंने देखा कि मेरी मम्मी भी उनके साथ बहुत इंट्रेस्ट ले कर डांस कर रही हैं.

एक लड़के ने तो हद ही कर दी, डांस करते करते वो मेरी मम्मी की पूरी बॉडी पर हाथ फेर रहा था और साथ में मम्मी की गांड भी दबा रहा था लेकिन मेरी मम्मी ने कोई ऐतराज नहीं किया, वो उन लफंगे लड़कों को कुछ नहीं बोल रही थीं.

थोड़ी देर बाद उस लड़के ने जो मेरी मम्मी के बदन पर अश्लील तरीके से हाथ फेर रहा था, मेरी मम्मी के कान में कुछ कहा और वो दोनों स्टेज से नीचे उतर आए और खाने के स्टाल की तरफ कोने में चले गए. जहाँ शायद दोनों ने मोबाइल नंबर एक्सचेंज किया और फिर वो लड़का चला गया. लेकिन मुझे शक हो गया था कि कहीं आज रात दोनों के बीच कुछ तो होगा. अब मैं उन दोनों पर नजर रखने लगी. वो लड़का 20-21 साल से ज्यादा का नहीं लग रहा था. मतलब वो मेरी मम्मी के बेटे जैसा था, मेरा कोई बड़ा भाई होता तो इतनी ही उम्र का होता.


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माँ की चुदाई

खाने के बाद फेरे के समय मैं मम्मी के साथ ही बैठी थीं मगर वो लड़का कहीं नजर नहीं आ रहा था. थोड़ी देर बाद मम्मी के नंबर पर एक नए नंबर से कॉल आया. मोबाइल मेरे पास था और मम्मी भी बगल में ही बैठी थीं.. तो मम्मी ने मेरे हाथ से मोबाइल ले लिया और कोने में जा कर बात करने लगीं.

थोड़ी देर बाद मम्मी ने मुझ से आ कर बोला कि उनके सर में दर्द हो रहा है और वो अपने रूम में सोने जा रही हैं.
वो उठ कर जाने लगीं.. और जाते समय उन्होंने किसी को कॉल किया. अब तो मुझे पक्का यकीन हो गया था कि आज मेरी मम्मी उस हरामी लड़के से चुदेंगी.

मम्मी के जाने के बाद मैं भी उनके पीछे चल दी उनकी जासूसी करने के लिए. फिर मैंने देखा कि वही लड़का जो मेरी मम्मी से स्टेज पर चिपक कर डांस कर रहा था, मम्मी को मिला और दोनों ने एक दूसरे को किस किया. फिर दोनों बगीचे की तरफ जिधर सुनसान था, चल दिए. मैं भी उनके पीछे पीछे कुछ दूरी बना कर दबे पाँव चलने लगी.

बगीचे में एक कोने में जाकर वे दोनों रुक गए और उस लड़के ने मेरी मम्मी को बाँहों में भर कर उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए. वहां कोई लाईट तो नहीं थी मगर इधर उधर सजावट की लाइटें लगी थी तो देख सकने लायक पर्याप्त रोशनी बगीचे में थी.

अब वो लड़का मेरी मम्मी के कामुक जिस्म के फुल मजे ले रहा था, वो कभी मेरी मम्मी के बोबे दबाता, तो कभी गांड. दोनों काफी मस्ती कर रहे थे. मम्मी भी अब पूरी तरह गर्म हो गईं, मेरी मम्मी के दोनों हाथ उस लड़के की पीठ पर थे, कुछ ही देर में वे दोनों आउट ऑफ़ कंट्रोल हो चुके थे. अब दोनों एक दूसरे के होंठों को बड़े जोश से चूस रहे थे और वो लड़का मेरी मम्मी की गांड दबा रहा था.

थोड़ी देर बाद उसने मेरी मम्मी का लहँगा आगे से उठा कर मेरी मम्मी की पेंटी में हाथ घुसा दिया. मेरी मम्मी ने भी उस लड़के की पैन्ट की जिप खोल कर उस का लंड बाहर निकाल लिया और उससे खेलने लगीं, उसे आगे पीछे सहला कर जैसे मुठ सी मारने लगी.

दोनों एक दूसरे को करीब 5 मिनट तक चूमते सहलाते रहे. फिर उस लड़के ने मम्मी के ब्लाउज को खोल कर मम्मी के बोबे बाहर निकाल लिये और एक निप्पल को चूसने लगा, वो बदल बदल कर मेरी मम्मी की चूचियां चूस रहा था.

फिर कुछ देर बाद उस लड़के ने मेरी मम्मी को इशारे से अपना लंड चूसने को बोला.
पहले तो मम्मी ने मना कर दिया लेकिन ज्यादा जोर देने पर लंड चूसने को राजी हो गईं, मेरी मम्मी वहीं नीचे अपने पंजों पर बैठ गई और उस लड़के के लंड को अपने मुंह में ले लिया. लड़के का लंड करीब छः इंच का लग रहा था. तीन चार मिनट तक लौड़ा चूसने के बाद उसने मम्मी को खड़ा किया और मम्मी का लहँगा आगे से उठा कर मम्मी की पैंटी पूरी निकाल दी और अपनी पैन्ट की जेब में रख ली. और फिर लहंगे के अंदर घुस गया. शायद वो  क्योंकि मुझे अंदर का तो कुछ दिखाई नहीं ड़े रहा था.

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