बहु का ग़म किया कम

By   December 6, 2017
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विश्वजीत की पत्नी सुनयना की मौत 2 साल पहले हो गयी थी. अब वो 45 साल का एक असंतुष्ट मर्द था और अपने लंड की गरमी निकालने के लिए नई चूत की तलाश में था. उसका तलाश ऐसी जगह ख़त्म हुई कि अब और कोई तलाश ही न रही. एक धमाकेदार bahu sexy story पेश है..


उसका एक बेटा अजय और एक बेटी नेहा थी. बेटी की शादी सूरज के साथ हो चुकी थी जो कि फौज में काम करता था. सूरज की पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में थी और नेहा से अलग रहने पर मज़बूर था. नेहा 19 साल की जवान औरत थी.. गोरी चिट्टी, गदराया हुआ बदन, भारी चूतड़, भरी हुई चूचियाँ, मोटे होंठ, लंबा कद और कसरती जांघे. कई बार तो विश्व अपनी ही बेटी के जिस्म की कल्पना से उत्तेजित हो चुका था. वो एक ही शहर में होते हुए भी अपनी बेटी से कम ही मिलता क्योंकि वो नहीं चाहता था कि उसका हाथ अपनी ही बेटी पर लगकर इस पवित्र रिश्ते को तोड़ डाले.

अजय ने भी अपनी प्रेमिका अनामिका से शादी करके घर बसा लिया था. अनामिका एक साँवली 20 साल की लड़की थी.. बिल्कुल स्लिम, सेक्सी आँखें, लंबी टाँगें और भरा हुआ जिस्म. अनामिका की ज़िद थी कि वो अलग घर में रहेगी.. तो अजय ने अलग घर ले लिया था. विश्वजीत अब अकेलेपन का शिकार हो रहा था कि अचानक एक दिन उसकी बहू अनामिका का फोन आया और वो बोली कि बाबूजी आप यहाँ पर चले आइए.. मुझे आपकी ज़रूरत है. अजय ने मुझे धोखा दिया है और में आपके बेटे से तलाक़ चाहती हूँ.. आप अभी चले आये बाबूजी.

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तभी विश्वजीत जल्दी से अपने बेटे के घर पहुँचा तो देखा कि अनामिका ने रो रो रोकर अपना बुरा हाल कर लिया था. फिर विश्वजीत उसके पास आया और पूछने लगा कि बेटी क्या हुआ? रोना बंद करो अब और मुझे पूरी बात बताओ बेटी.. तू घबरा नहीं.. तेरे बाबूजी हैं ना? शाबाश बेटी मुझे सारी बात बताओ? लेकिन अनामिका कुछ नहीं बोली बल्कि उसने तस्वीरों का एक लिफ़ाफ़ा अपने ससुर की तरफ बढ़ा दिया. फिर विश्वजीत ने एक नज़र जब तस्वीरों पर डाली तो हक्का बक्का रह गया. अजय क़िसी पराई औरत को चोद रहा था और उसकी हर तस्वीर साफ थी और एक तस्वीर में वो औरत अजय का लंड चूस रही थी तो दूसरी में अजय उसकी गांड चाट रहा था, चूत चूम रहा था और तस्वीरें बिल्कुल साफ थी और उस औरत की शक्ल भी जानी पहचानी लग रही थी. वो औरत भी बहुत सेक्सी थी. गोरी, गदराया हुआ बदन, 25-26 साल की हसीना थी. फिर विश्वजीत बोला कि बेटी यह औरत कौन है? कब से चल रहा है ये सब कुछ?

फिर अनामिका बोली कि बाबूजी क्या आप नहीं जानते इस औरत को? ये छाया है.. मेरी भाभी जिसको आपके बेटे ने फंसाया हुआ है. आपका बेटा मुझसे और मेरी सग़ी भाभी से शारीरिक संबंध बनाए हुए है. तभी विश्वजीत कहने लगा कि यह शरम की बात है उसको मर जाना चाहिए.. जो अपनी बहन समान भाभी को चोद रहा है और दिन रात उसके साथ चिपका रहता है. तभी अनामिका बोली कि हाँ बाबूजी और में यहाँ करवटें बदलती रहती हूँ. तभी विश्वजीत की नज़र अब अपनी बहू के रोते हुए चेहरे पर से ऊपर नीचे होते हुए सीने पर जा रुकी. अनामिका का कमीज़ बहुत नीचे गले का था और उसके सीने का उभार आधे से अधिक बाहर खनक रहा था. तभी बूब्स की गहरी घाटी देखकर ससुर का दिल बहक उठा और विश्वजीत जानता था कि जब औरत के साथ बेवफ़ाई हो रही हो तो वो गुस्से और जलन में कुछ भी कर सकती है. इस वक्त उसकी बहू को कोई भी ज़रा सी हमदर्दी जता कर चोद सकता था और अगर कोई भी चोद सकता था तो फिर विश्वजीत क्यों नहीं? और ऐसा माल बाहर वाले के हाथ क्यों लगे? और बेटे की पत्नी उसके बाप के काम क्यों ना आए?

फिर विश्वजीत बोला कि बेटी घबरा मत.. में हूँ ना तेरी हर तरह की मदद के लिए. बोलो कितने पैसे चाहिए तुझे.. दस लाख, बीस लाख.. में तुझे इतना धन दूँगा कि तुझे कोई कमी ना रहेगी और कभी अजय के आगे हाथ नहीं फैलने पड़ेंगे. बस तुम मेरे घर की इज़्ज़त रख लो और अजय की बात किसी से मत कहना और तुझे जब भी किसी चीज़ की ज़रूरत हो तो मुझे बुला लेना. विश्व ने कहा और अपनी बहू को बाहों में भर लिया. रोती हुई बहू उसके सीने से चिपक गयी और जब अनामिका का गरम जिस्म ससुर के साथ लिपटा तो एक करंट उसके जिस्म में दौड़ गया जिसका सीधा असर उसके लंड पर हुआ. तभी 45 साल के पुरुष में पूरा जोश भर गया और उसने अपनी बहू को सीने से भींच लिया और उसके गालों को सहलाने लगा.

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बहु के मुंह का सुख

उधर जवान बहू ने जब इतने दिनों के बाद मर्द के जिस्म को स्पर्श किया तो उसकी चूत में भी एक आग सी मच गयी और वो एक मिनट के लिए भूल गयी कि विश्वजीत उसका पति नहीं बल्कि पति का बाप था. विश्वजीत ने बहू को गले से लगाया हुआ था और फिर वो सोफे पर बैठ गया और अनामिका उसकी गोद में. जब अपने ससुर के लंड की चुभन बहू के चूतड़ पर होने लगी तो बहू भी रोमांचित हो उठी और वैसे भी ससुर ने पैसे देने का वादा तो कर लिया था. अब उसकी जिस्मानी ज़रूरतों की बात थी तो वो सोचने लगी कि क्यों ना अजय से बदला लेने के लिए उसके बाप को ही अपने जाल में फंसा लूँ? बाबूजी का लंड तो बहुत मोटा ताज़ा महसूस हो रहा है.. अगर मदारचोद अजय ने मेरी भाभी को फंसाया है तो क्यों ना में उसके बाप को अपना पालतू चोदू मर्द बना लूँ? और वैसे भी बुजुर्ग आसानी से पट जाते हैं और फिर औरत को एक जानदार लंड तो चाहिए ही. अब तरकीब लगानी है कि ससुर जी को कैसे लाईन पर लाया जाए? और उसके लिए खुल जाना बहुत ज़रूरी है. तभी अनामिका अपनी स्कीम पर मुस्कुरा उठी और कहने लगी कि मेरे प्यारे बाबूजी, आप कितना ख्याल रखते हैं अपनी बहू का? में आपकी बात मानूँगी और घर की बात बाहर नहीं जाने दूँगी.. यह बात कहते हुए उसने प्यार से अपने ससुर के होंठों को चूम लिया. विश्वजीत भी औरतों के मामले में बहुत समझदार था और जनता था कि उसकी बहू को चोदने में कोई मुश्किल नहीं आएगी. तभी उसका लंड उसकी बहू के चूतड़ में घुसने लगा तो बहू भी शरारत से बोली कि बाबूजी ये क्या चुभ रहा है मुझे? शायद कोई सख्त चीज़ मेरे कूल्हों में चुभ रही है. फिर विश्वजीत बड़ी बेशर्मी से हंस कर बोला कि बेटी तुझे धन के साथ साथ इसकी भी बहुत ज़रूरत पड़ेगी.. धन बिना तो तू रह लेगी लेकिन लंड के बिना रहना बहुत मुश्किल होगा.. मेरी प्यारी बेटी को इसकी ज़रूरत बहुत रहेगी और बेटे का तो ले चुकी है अब अपने बाबूजी का भी लेकर देख लो और अगर तुझे खुश ना कर सका तो जिसको मर्ज़ी अपना यार बना लेना.

तभी विश्वजीत का हाथ सीधा बहू की चूची पर जा टिका और बहू मुस्कुरा पड़ी और उसने अपने ससुर के लंड पर हाथ रखा तो लंड फूंकार उठा. पेंट में तंबू बन चुका था. तभी अनामिका समझ गयी थी कि अब बेटे के बाद बाप को ही अपना पति मान लेने में भलाई है. फिर विश्वजीत ने बहू के सर पर हाथ फैरते हुए कहा कि रानी बेटी अब ज़िप भी खोल दो ना और देख लो अपने बाबूजी का हथियार और अपने कपड़े उतार फेंको और मुझे भी अपना खज़ाना दिखा दो. तभी बहू ने झट से ज़िप खोल दी और बाबूजी की अंडरवियर नीचे सरकाते हुए लंड को अपने हाथों में ले लिया और कहने लगी कि बाबूजी आपका लंड तो आग की तरह दहक रहा है.. लगता है माँ जी के जाने के बाद से यह बेचारा प्यासा है. खैर अब में आ गयी हूँ इसका ख्याल रखने के लिए. ये बहुत बैचेन हो रहा है अपनी बहू को देख कर. फिर विश्वजीत ने भी अब अपना हाथ कमीज़ के गले में डालकर अनामिका की चूची भींच ली और उसके निप्पल को मसलने लगा. तभी जल्दी जल्दी दोनों प्यासे जिस्म नंगे होने को बेकरार हो रहे थे और बहू ने ससुर की पेंट नीचे सरका दी और उसके लंड को किस करने लगी. फिर विश्वजीत बोला कि बेटी तेरे बाबूजी का कैला कैसा है स्वाद पसंद आया? लेकिन बहू तो बस कैला खाने में मग्न हो चुकी थी. फिर अनामिका बोली कि बाबूजी मेरा मन तो कैले के साथ आपके आंड भी खा जाने को कर रहा है.. कितने भारी हो चुके है यह आंड.. इनका पूरा रस मुझे दे दो आज बाबूजी प्लीज.

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