बंद मिल में गैंग-बैंग – II

By   June 10, 2017
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आज प्रिया की कुंवारी इज्जत इतने सारे दरिन्दे मिलके लूट रहे थे और वो बस रोये जा रही थी. उसको धोखा देने वाला प्रेमी भी साइड पे पड़ा था. इन gang bang sex stories का अगला भाग जबरदस्त भाग..

Hindi Sex Kahani के अन्य भाग-

पार्ट 1

पार्ट 2

पार्ट 3

पार्ट 4

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साली कमीनी,उस वक्त मैं गिदगिड़ा रहा था,और तू मजे ले रही थी,आज बदला लेने का वक्त आ गया है.आज हम सब मिलकर तेरी इज्जत लूटेंगे,तेरी चूत और गांड के चीथड़े उडा देंगे.-माधरचोद,तुजे शिकायत करने लायक नहीं छोड़ेगे,चलो दोस्तों,अब इस रंडी की चूत का शील तोड़ने का वक्त आगया है.

,वैसे तो हम लोग शिलपेक लड़की का शील तोड़ने पहले पर्चिया निकालके नक्की करते हैं की उसका शील सबसे पहले कौन तोड़ेगा?लेकिन इस वक्त मेरी रिक्वेस्ट है की मैं प्रियासे बदला लेना चाहता हूँ,इस लिए मुझे इसकी शील तोडनी है.”’ सब बदमासो ने मिलकर कहा:-“हाँ हाँ अजय,प्रिया तेरा शिकार है,तू उसकी चूत की शील तोड़ शकता है,बाद में हम सब मिलके उसकी चूत और गांड फाड़ डालेगे,”’

सब बातोमे लगे थे तभी प्रिया मौका देखके उठकर भागने लगी बिना कपड़ो के नंगी ही सडक के पास आ गई प्रिया एकदम नंगी थी सिर्फ पांवमें हिल वाले सेंडल पहनेथे ,””-साली,कमीनी,छिनाल,हम जैसे कमीने सैतानो से बचकर कहाँ जाएगी,एक बार शिकार हमारी जाल में आता है फिर उसका बचना नामुमकिन है,आज तो तेरे मांसल बदन को नोंचनोंच के खा जायेगे;तेरे बदन के हर छेद को फाड़ डालेगे,’” कहते हुए अजय नंगी प्रिया के पीछे  भागा,.

जैसे बबरशेर डरती भागती हुई हिरनको पकडके उसे खेलते हुए खा जाता है,वैसेही अजयने नंगी,रोती हुई,कांपती हुई,डरती हुई कोमल कलीसी प्रिया को दबोच लिया,और उसे उठाकर अपने बड़े कंधो पर ऐसे डाल दिया जिससे प्रिया की नंगी गांड-बड़े चूतड आगेसे दिखने लगे,और मुंह पीछे रहगया,प्रिया एस जल्लाद के हाथोसे छूटने के लिए हाथ पैर मारने लगी,तो अजयने “थप्पाक थप्पाक थप्पाक थप्पाक थप्पाक थप्पाक”करके बहोतसे थप्पड़ प्रिया की गांड और चुतड पर जोरसे मार दिए,प्रिया दर्दसे छटपटा उठी,उसीकी गोरी गोरी गांड और चुतड पर अजयके पंजोके लाल निशान पड गये ,””:-कोई बचाओ मुझे, बचाओ बचाओ बचाओ बचाओ,छोडो मुझे,जाने दो मुझे,”ऐसे चिल्लाती हुई प्रियाको उठाके अजय उसे बंद मिलके पीछे,सागरकिनारे तक ले गया,और जमीनं पर पटक दिया,प्रिया पासमे बनी लकड़ीकी छोटीसी बिना दरवाजेकी केबिन में छुपने लगी,केबिनमें पांव फैलाये बैठी नंगी प्रियाकी चूत बहोतही सुंदर और आकर्षक लग रहीथी,

प्रियाकी चूत किसी अनमोल खजानेसे कम नहीं थी, जिसे देखकर किसीका भी लंड इस मस्त “छेद”में घुसा देनेको बेकरार हो सकता है  ,थोड़ी देरमें,फारुख-शारुख-अब्दुल-सलीम-सुलेमान सभी इस केबिनके पास आ गये,और सबने मिलके नंगी प्रिया की टाँगें पकड़कर घसीटते हुए केबिनसे बाहर पटक दिया,सब बेशर्मोने जल्दीसे अपने कपड़े उतार दिए एकदम नंगे होकर अपना अपना मोटा लंड हाथोमें लेके मुठ मारने लगे,

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उन कमीनो का कमीनापन

अजयने नंगी प्रियाकी टांगें खोलकर अपना मोटासा लंड उसकी चूत पर रख दिया,प्रिया हाथपैर मारने लगी तो फारुख और शारुखने प्रियाके पांव पकड़ लिए,अब्दुलने प्रियाके दोनों हाथ पकड़ लिए,चिल्लाती हुई प्रियाका मुह सलीमने अपने मजबूत हाथोसे दबाके बंद कर दिया,  अब अजयने अपने लंडका सुपाडा प्रियाकी अनछुई कुंवारी चूतके दोनों फांकोंके बिचमें रख दिया,:-“’साली,कामिनी,रंडीकी ओलाद,अब सुहागरात के लिए तैयार होजा,बच्चा कैसे पैदा होता है ये आज तुजे मैं प्रेक्टिकल दिखाउंगा,आजका ये दिन तू कभी नहीं भूल सकेगी,”’कहते हुए अजयने अपना मोटा लंड प्रियाकी सिकुड़ीसी चूतके छेदपे रख दिया,और एक जोरका शॉट मारा,लेकिन ये क्या हुआ?..अजयका डंडे जैसा ८ इन्च लम्बा टाईट लंड भी प्रिया की सख्त चूतमें घुस न सका?क्योंकि प्रिया ने अंदरसे जोर लगाके अपनी चूत भींचके टाईट करली थी..अजय भी एस खेलका पक्का खिलाडीथा..सामने खड़ा अब्दुल सिगरेट पी रहाथा..अजयने इशारा करके कहा..अरे अब्दुल,इस लंडीने अपनी चूत अंदरसे भींच रख्खी है..तू समज गया क्या करना है?

अब्दुल समज गयाथा..उसने तुरंत आके अपनी सुलगती हुई सिगरेट नंगी प्रियाके पेटकी दुंति(नाभि)पर रखदी और जोरसे दबाने लगा..प्रिया इसके लिए तैयार नहींथी..”ओ ओ ओ ओ ओ ओ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ “जैसे बंद मुंहसे आवाज निकल गई और जोरसे उछलने लगी..उसकी आंखसे आंसू निकल रहेथे..उसकी नाभिके पास गोरी चमड़ी जलके काली हो गई..वो पीड़ासे कराह रहीथी..असहनीय दर्दसे उसकी चूतकी पकड़ छुट गई और पहले जैसी स्थिति स्थापक हो गई..बलके ओरभी ढीली हो गई..ऐसी स्थितिमें अनुभवी लोंडो द्वारा प्रियाकी चूतमें दोतीन लंडभी आसानीसे घुसाए जा सकतेथे,,अजयने अब कमर कसली और अपना टाइट सख्त मोटालंड प्रियाकी अब ढीली हो चुकी चूतमें घुसाने लगा तो उसका आधा लंड प्रियाकी चूतमें घुस गया,प्रिया जोरसे उछल पड़ी,सलीमके हाथोसे दबे हुए प्रियाके मुहसे ::-“ओं ओं ओं ओं ओं ओं आ आ आ आ आ आ उ उ उ उ उ उ उ उ उ उ पों पों पों पों पों पों पों फ फ  फ फ फ फ फ फ फ फ  फों फों फों फों फों गों गों गों गों गों गों भों भों भों भों भों चो चो चो चो चो चो चो डो डो डो डो डो  “”जैसी विचित्र आवाजे आने लगी..,लेकिन अजयने इसकी परवाह किये बिना अपना लंड बाहर निकलके फिरसे एक जोरका जटका मार दिया,प्रियाकी चूत तो फटही गई,साथमे उसकी शीलकी जिल्लीभी टूट गई,उसकी चूत मेसे खून निकलने लगा,

अजय पुराना खिलाडीथा,वो समज गयाकि प्रियाका शीलभंग हो गयाहै,उसने खूनसे भरा अपना लंड प्रियाकी चूतसे बाहर निकालके सबको दिखाया, :-“देखो यारो,मैंने एस सती सावित्रीकी पवित्र चुतका शील तोड़ दिया है..इसकी इज्ज़त लुटली है अब ये शिलपेक माल नहीं है,और कुंवारीभी नहीं है,.ये बदतमीज़-बदजुबान-अभिमानी-लड़की अब लड़की नहीं रही,.मैंने ऐसे बिना शादीके औरत बना दिया है,.एस माधरचोद-भेनकीलोडी-कमीनी-गुमानी प्रियाको हम सब मिलके बाजारू औरत बना देंगे..आजतो कसमसे मज्जा आ जायेगा.. जल्दी से मेरे लिए शराबकी बोतल लाओ..प्रियाको शराब पीके चोदनेमें औरभी मज्जा आयेगा..”’सलीम जल्दीसे शराबकी बोतल लेके आगया..अजयने गटागट आधी बोतल खाली करदी..बची हुई दारूसे उसने प्रियाकी चूतके खूनसे भरा अपना लंड धो लिया..थोड़ी दारू प्रियाकी खूनसे भरी चूतपे डालदी .. बची हुई दारू उसने प्रियाके चहेरेपे और बदनपे  उड़ेलदी,.अब अजयके मुंहसे और प्रियाके बदनसे  दारूकी  खुशबू आने लगी..

अजयपे दारू का नशा चड गया..उसने जल्दीसे अपना फुला हुआ लोडा प्रियाकी चूतमें घुसा दिया..और :-‘ फच्च फच्च फच्च फच्च फच्च फच्च फच्च, धप्प धप्प धप्प धप्प धप्प “’ की आवाजके साथ घमासान ध्वनी के साथ प्रिया की पहली बलात्कार वाली  चुदाईयात्रा प्रारम्भ होगई..अजयका लंड किसी बड़ी मशीनकी भांति ऐसी तेज गतिसे और दबावसे प्रियाकी चूतमें घुसता और अंदर-बाहर होताथा की प्रियाका बदन जमीन पर ऐसे हिंचकोले खाते हुए  मूल जगहसे सोई हुई पोजीसनमें चार फीट आगेकी और खिसक गया..बंद मिलकी लाल मीटीपे प्रियाकी गांडके निशान पड़ गये..जंगलके वीर टारजनकी विजय हुंकारकी तरह  अजयने भी अपने दोनों हाथ अपनी छाती पर पिटते हुए “”ओं ओं ओं ओं ओं ओं ओं ओं ओं ओं “”की जंगली दहाड़ निकली..प्रिया ये दहाड़ सुनकर डर गई..वो समज गईकी ये जंगली उसकी चूतके चीथड़े उडादेगा..अब सलीमने प्रियाके मुंहसे अपना हाथ हटा लिया..और दुसरोने भी प्रिया के हाथ पैर छोड़ दिए क्योंकि प्रिया भी मार खा खा कर अब पूरी तरह थक गईथी..

प्रिया को चोदना अब आसन हो गया था..अजयभी”’:-साली,कमीनी,रंडी माँकी ओलाद..कमजात,आजतो तू गई..हमसब तेरे बदनको नोंचके खा जाएँगे..””कहते हुए जुककर प्रियाके गोरे गालपर अपने दांत गड दिए..और काटने लगा..प्रियाके गोरे गालपर अजयके दांतोंके लाल निशान पड़ गये..उसके शाथ “”फच्च फच्च फच्च फच्च फच्च फच्च फच्च फच्च फच्च फ्चाफ्च फ्चाफ्च फ्चाफ्च फ्चाफ्च फ्चाफ्च फ्चाफ्च फ्चाफ्च धप्प धप्प धप्प धप्प ’””प्रियाकी बेरहमीसे चुदाई चालू हो गई..प्रियाकी अनछुई,कुंवारी,चुस्त,कसीहुई चुतकी संकरी गलिओमें अजयका काले अजगर जैसा लोडा बहोतही सख्तीसे-दबावसे-मुस्किलसे-घर्सणसे घुस रहाथा..अजय के लोडेपे बहोत दबाव आ रहाथा..लेकिन उसे अवर्निय आनंदभी आ रहाथा..वो प्रिया की रसीली चूतके दबावमें जन्नत के द्वार पहुंच गयाथा..अजयका बड़ा मोटा लोडा अब प्रियाके गर्भगृह(बच्चेदानी)में प्रवेश कर चूका था..प्रियाकी इसी रसीली चूतको सोचते हुए वो रोज उसके नामकी मुठ मरताथा..आज उसी स्वप्न वाली रसीली चूतमें,भले ही जबरदस्तीमें-बलात्कारके रुपमे उसका लोडा घुसा हुआ था..

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