भाई बहन की चुदाई

By   October 8, 2017
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मेरा नाम मिलिंद है, मुंबई में रहता हूँ, उम्र 16 साल है। मैं अपने मौसा मौसी के घर था। मेरा कमरा मेरी कजिन अदिति के बगल में था। कुछ आवाज़ सुन के मैंने चुपके से उसके कमरे में झाँका पर वहां का नज़ारा देखके मेरे होश उड़ गए। पढ़िए एक जबरदस्त incest story जो आपका निकल देगी..

Hindi Sex Story के अन्य भाग-

पार्ट 1


पिछले साल मैं अपने मौसा मौसी के घर पटियाला गया था। उसके घर में कुल चार लोग हैं- मेरे मौसा, मौसी, उनका बेटा ईशान जो 20 साल का है और उसकी बेटी अदिति जो 17 साल की है। मौसा मौसी दोनों ही एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में अच्छे पद पर हैं। उसके घर में पैसे की कोई कमी नहीं है। नौकर-चाकर, गाड़ी और शानो-शौकत की हर चीज़ घर में है। मेरे मौसा मौसी अपने दोनों बच्चों को समय नहीं दे पाते थे। अदिति हमेशा से ही अन्तर्मुखी रहने वाली और बहुत ही फेशनेबल है। उसके कोई खास सहेली या दोस्त नहीं थे और यह बात मुझे उसमें अजीब लगती थी।

मगर मुझे इसकी वजह तब समझ आ गई, जब मुझे यह पता लगा कि अदिति के अपने ही भाई ईशान के साथ शारीरिक-सम्बन्ध हैं। अदिति उस समय किसी पूर्णतया जवान कन्या जैसे शरीर की मालकिन थी। उनका कद 5’5″ और फिगर एकदम बढ़िया थी। मैं गर्मी की छुट्टियों में पटियाला आया था। दिन भर सैर की, फिर रात को भैया और अदिति के साथ खाना खाकर अपने कमरे में सोने चला गया।

दस मिनट गुजरे होंगे, मुझे अदिति के कमरे से किसी आदमी की आवाज़ आई। अदिति का कमरा और मेरा कमरा सटा हुआ ही था। मुझे बड़ा अजीब लगा कि अदिति इतनी रात को किस से बात कर रही है? मैंने सोचा कि शायद टीवी चल रहा है, मगर मुझे अदिति की दबी हुई चीख और कुछ हंसने खिलखिलाने की आवाज़ आई, तो मेरे अन्दर कीड़ा काटने लगा, आखिर अदिति किस से बात कर रही है? मेरे और अदिति के कमरे के बीच में एक खिड़की थी। मैंने एक स्टूल दीवार के पास लगा लिया और स्टूल पर चढ़ गया। अन्दर का दृश्य देख कर मेरे होश फाख्ता हो गए।

मैंने देखा कि ईशान अदिति के बिस्तर पर अधनंगी अवस्था में लेटा है और अदिति उसकी कमर के ऊपर दोनों ओर पैर करके सवार है और बेतहाशा ईशान के शरीर को चूमे जा रही है। मैं इतना नादान नहीं था कि यह क्या चल रहा है, समझ न पाता।

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ईशान के हाथ अदिति की टी-शर्ट के अन्दर थे और उसकी छातियों से खेल रहे थे। मुझे बहुत हैरानी हुई के सगे भाई बहन इस अवस्था में कैसे एक दूसरे के साथ हो सकते हैं ऊपर से ये जाहीर था कि यह अदिति की रजामंदी से हो रहा है और न ही वो नादान है। शायद अदिति ने अपने अकेलेपन को ईशान के साथ ही मिटाने का फैसला कर लिया था।

मैं चुपचाप उसके खेल को देखने लगा। अदिति ने ईशान के सर को पकड़ रखा था और अपने होठों को अपने बड़े भाई के होठों से चिपका कर चूमे जा रही थी। ईशान भी उतनी ही जोर से उसे अपने बदन से चिपटाए हुए था। अदिति उसके होठों, माथे, गर्दन को चूमते हुए छाती की ओर आ गई। ईशान की छाती के घने बालों को सहलाते हुए चूमते चूमते वो पेट की तरफ पहुँच गई।

फिर अदिति ईशान के ऊपर से उठ गई और उसने ईशान की तरफ देख कर हल्की रहस्यमयी मुस्कान दी। ईशान ने भी मुस्कुराते हुए अपनी छोटी बहन की तरफ देखा। अदिति ने अपने हाथों से ईशान का अंडरवियर उतार कर उसे नंगा कर दिया, फिर उसके लिंग को पकड़ लिया।

ईशान के लिंग को देखकर मैं आश्चर्यचकित रह गया। ईशान का लिंग करीब 9 इंच लम्बा और 2 इंच मोटे व्यास का था। अदिति ने उसके लिंग और अंडकोष को प्यार से सहलाया। अदिति के हाथ के स्पर्श से ही उसके शिथिल लिंग में कसाव बढ़ गया। अदिति ने मुस्कुराते हुए लिंगमुंड को चूमा। फिर अदिति ने तुरंत उसका लिंग-मुंड अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी।

मैं विश्वास नहीं कर पा रहा था, मैंने अपने दोस्तों से सुना था कि लड़कियाँ इस तरह से मुखमैथुन करती हैं, वो कहते थे कि लड़कियों को ऐसा करना अच्छा लगता है, मगर मैं उसकी बातों को मजाक समझता था। मगर अदिति को इस तरह से करते हुए देख मुझे यकीन हो गया कि सच में उसे मजा आ रहा है।

bhai bahan ki chudai incest story

मेरी माल कजिन अदिति

अदिति उसके लिंग को मुँह के अन्दर लेते हुए ऊपर नीचे सर को चलाने लगी। ईशान का लिंग उसकी लार से सन गया था और चमकने लगा था। उसके लिंग की नसें तन गई थी। अदिति उसके आधे लिंग को मुँह में अन्दर लेकर चूसती थी फिर लिंग मुंड को चूसती थी। उसका लिंग मुंड लाल रसभरी की तरह फूल गया था।

ईशान ने अदिति के सर पर हाथ रख कर सर को लिंग की तरफ दबाया ताकि अदिति और ज्यादा लिंग को मुँह के अन्दर ले ले। मगर अदिति को खांसी आ गई। अदिति ने लिंग को मुँह से बाहर निकाल कर ‘नहीं’ की मुद्रा में सर हिलाया तो ईशान ने अपनी जिद छोड़ दी।

अदिति ने उसके बाकी लिंग को बाहर से चाट चाट कर चूसा। करीब 5 मिनट चूसने के बाद ईशान का लिंग अदिति ने छोड़ दिया। फिर उसकी कमर के दोनों तरफ पैर करके लिंग के ऊपर बैठकर अपनी कमर चलाने लगी।

ईशान उठकर बैठ गया और अदिति को उसने ठीक से अपनी गोद में बैठा लिया। अदिति ने उसकी गर्दन के चारो ओर अपने हाथों को लपेट लिया और ईशान के सर को अपने स्तनों के बीच दबा लिया। अदिति अपनी कमर को वैसे ही ईशान के लिंग के ऊपर चला रही थी। अदिति के चेहरे पर मस्ती की सुर्खी साफ़ नज़र आ रही थी क्योंकि उसकी योनि पर ईशान के लिंग की रगड़ उसे आनंदित कर रही थी। ईशान ने अपनी छोटी बहन की स्कर्ट को जाँघों तक ऊपर उठा दिया। अदिति की दूधिया गोरी गोरी जांघें और पिंडलियों को ईशान सहलाने लगा। ईशान के हाथ सरकते हुए अदिति के चूतड़ों तक पहुँच गए। अदिति के चूतड़ों को उसने पकड़ कर उसने उसकी कमर को अपनी कमर से चिपटा लिया।

दो मिनट तक दोनों अपनी कमर को चलाते हुए अपने जननांगों को ऐसे ही रगड़ते रहे। दोनों ही मस्ती में सराबोर हो गए थे। ईशान ने अदिति की टी-शर्ट को ऊपर की ओर उठा दिया। अदिति के कोमल गौरे धड़ की एक झलक देखने को मिली। अदिति ने अपने हाथ ऊपर को किये और ईशान ने उसकी टी-शर्ट को उतार कर फेंक दिया। अन्दर अदिति ने काले रंग की ब्रा पहन रखी थी।

मैंने जिंदगी में पहली बार किसी लड़की को इस रूप में देखा था, तो मैं भी उत्तेजना से कांप गया। अदिति का पूरा शरीर जैसे किसी सांचे में ढाल के बनाया गया था। काली ब्रा में उसके शरीर की कांति और भी बढ़ गई थी। ब्रा के अन्दर अदिति के बड़े बड़े स्तन कैद थे, जो बाहर आने को बेकरार लग रहे थे।

ईशान के हाथों ने तुरंत उसे अपने कब्जे में ले लिया और बड़ी बुरी तरह उसे मसला। अदिति की ब्रा पारभासी थी, जिसकी वजह से में उसके गहरे रंग के निप्पल देख पा रहा था। मैंने कभी किसी के स्तनों को छूकर नहीं देखा था, मगर मैं ईशान को हो रहे उस गुदाज़ स्पर्श का आनंद महसूस कर सकता था। अदिति दीदी के स्तन बहुत ही गुदाज़ थे, इसका अंदाजा इससे ही लग रहा था, जब जब ईशान उसे अपने कब्जे में ले लेता था, अदिति की ब्रा के कप्स के साइड से स्तन का जो हिस्सा बाहर दिख रहा था, वो फूल जाता था।

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