भाई के दोस्तों से चुदाई

By   March 12, 2018
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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आशा है और में मुंबई की रहने वाली हूँ. मेरी उम्र 24 साल है और में एक सामान्य परिवार से हूँ. मेरा रंग बहुत साफ और मेरी लम्बाई 5.9 इंच है.दोस्तों में आज आप सभी लोगों को अपनी एक group sexy story और मेरा सेक्स अनुभव बताने यहाँ पर आई हूँ जिसमे मैंने अपने भाई और उसके दो दोस्तों के साथ मिलकर मस्ती की-


 

वैसे में पिछले दो सालों से अपने भाई के साथ भी बहुत कुछ कर चुकी हूँ और इसलिए में उम्मीद करती हूँ कि मेरे वो मज़े आप सभी को जरुर पसंद आएगें.

दोस्तों में बहुत गोरी और सेक्सी भी हूँ और मेरी माँ से मुझे मेरा यह हॉट सेक्सी रंग रूप मिला है और मेरे गदराए बदन का सही नाप 34-30-35 है. दोस्तों मेरे बूब्स आकार में बड़े है, लेकिन वो ज्यादा नीचे लटकते नहीं है क्योंकि में हर दिन योगा करती हूँ और उनको अपने अच्छे आकार में रखने के लिए में उनकी मसाज बहुत देखरेख करती हूँ और अब मेरी चूत की बारी वो गुलाबी रंग की फूली हुई और चिकनी भी है, क्योंकि में हर दिन उसके बालों को साफ करती हूँ.

दोस्तों यह घटना इस जनवरी महीने की है और मैंने जैसा कि अपना परिचय देते समय पहले ही बता दिया है कि एक अच्छी होटल में मैंने अपने चचेरे भाई और उसके दो दोस्तों के साथ अपने ज़िंदगी की सबसे हसीन और यादगार रात गुजारी.

दोस्तों वैसे आप सभी लोग यह बात जरुर सोच रहे होंगे कि उन तीन लोड़ो को मैंने कैसे संभाला होगा? तो में आप लोगों को बता दूँ कि में इस काम में बहुत माहिर हूँ और मुझे इसका बहुत ज्यादा अनुभव है, लेकिन तीन चूत के प्यासे लंड को एक साथ संभालना मेरे लिए भी वो पहला मौका था जिसको मैंने सफल कर दिखाया और मेरे भाई सूरज ने भी उस चुदाई के समय मन में एक पक्का निश्चय कर लिया कि वो भी मेरे इस काम को पूरा करने में अपना पूरा पूरा सहयोग देता रहेगा और उसने ठीक वैसा ही किया.

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दोस्तों वैसे भी हम दोनों पिछले दो साल से हर कभी चुदाई करते आ रहे है और हम इस काम से कभी बोर ना हो इसलिए वो कभी अपने किसी दोस्त को भी बुला लेता है और हम सभी बहुत मज़े करते है. दोस्तों इसका मतलब यह था कि मैंने कई बार थ्रीसम तो किया था, लेकिन इस बार हम दोनों उसके भी बहुत आगे तक जाना चाहते थे.

फिर जनवरी की गुलाबी सर्दियों में सूरज में अपने दो दोस्त जिनका नाम अजय और ऋषि को किसी भी तरह से हमारे इस प्लान में शामिल होने के लिए मना लिया था और वैसे मनाने की ज्यादा ज़रूरत नहीं थी, क्योंकि किसी भी लंड को कोई भी चूत मिल जाए तो वो कहीं भी दौड़े भागे चले आते है. फिर हम सभी लोग महाबलेश्वर में शाम के समय पर पहुँचे और फिर करीब सात बजे हमने रात का खाना खाकर हम बाहर घूमकर आ गए.

करीब 8.30 के आसपास हम सभी लोग होटल में वापस आए तो मैंने बातों ही बातों में सूरज को पहले से ही बोल रखा था कि मुझे 4-5 इंच के लंड नहीं चाहिए क्योंकि इतने छोटे लंड कुछ काम के नहीं होते है इसलिए में आशा कर रही थी कि ऋषि और अजय के लंड करीब करीब 6 या 7 इंच के तो होंगे ही? अब हमारे उस बेडरूम में सूरज ने बड़ी धीमी सी आवाज में गाने लगा दिए थे और अपने लेपटोप पर उसने एक नंगा वीडियो लगा दिया था और में उसके बाद तुरंत बाथरूम में चली गई, लेकिन दोस्तों में सच कहूँ तो आज अपनी दमदार चुदाई के बारे में सोच सोचकर तो मेरी चूत पहले से ही बहुत गीली हो गई थी और फिर मैंने जब बाहर आकर देखा तो वो तीनों मेरे सामने पूरे नंगे खड़े थे और वो अपने अपने लंड को हाथ में लेकर हिला रहे थे.

तब मैंने ध्यान से देखा कि ऋषि और अजय के लंड तो आकार में कुछ ज़्यादा ही बड़े और मोटे भी थे, वो करीब 6-7 इंच के तो ज़रूर होंगे. अब अपने सामने खुले तनकर खड़े तीन तीन लंड को देखकर मुझसे भी अब रहा नहीं गया और मैंने भी तुरंत अपने सारे कपड़े उतार दिए और मेरी मोटी गांड, बड़े बूब्स और गुलाबी चूत को देखकर अजय और ऋषि के मुहं से अपने आप वाह मज़ा आ गया शब्द निकल पड़े. फिर में तुरंत उनके पास आकर उनके पैरों में अपने घुटनों के बल नीचे बैठ गयी और अब में ऋषि, अजय के लंड को पागलों की चूसने लगी, वो तो बहुत रसीले और गरम थे और मेरे ऐसा करने से उन दोनों की तो आहे निकल रही थी. दोस्तों मेरे उस भाई को चुदाई करते वक़्त गालियाँ देना बहुत पसंद है और वो उस रात को भी शुरू हो गया वो कहने लगा वाह छिनाल आज तुझे नये नये लंड मिल गये तो तू मेरा लंड भूल गयी क्या? ले मेरे लंड को भी चूस.

फिर मैंने उससे कहा कि में तेरा लंड पिछले दो साल से चूस रही हूँ और मैंने तेरा लंड चूस चूसकर इतना बड़ा कर दिया है फिर भी तुझे क्या चैन नहीं आया? चल अब आजा में तेरे भी लंड को थोड़ा सा मज़ा दे हूँ. अब अजय और ऋषि उस रंग में आने लगे थे जिसकी वजह से वो दोनों बड़े उतावले हो रहे थे. तभी ऋषि में मुझे अपनी गोद में उठा लिया और बेड पर लेटा दिया जिसके बाद ऋषि ने मुझ पर भूखे की तरह टूटकर मेरे बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाना और चूसना शुरू कर दिया और सूरज ने मेरे दोनों पैरों को फैला दिए और वो मेरी गुलाबी चूत को चूमने चाटने लगा और तभी अचानक अजय मेरे ऊपर आ गए और उसने अपना 6 इंच का लंड मेरे मुहं में डाल दिया.


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उसका मोटा लंड तो मेरे मुहं में घुस ही नहीं रहा था इसलिए मैंने थोड़ी और कोशिश की तब जाकर उसका मोटा लंड मेरे मुहं में बहुत मुश्किल से अंदर चला गया, लेकिन में आप लोगों को क्या बताऊँ मुझे वाह क्या मज़ा आ रहा था? सूरज अपनी गरम लंबी जीभ से मेरी चूत को बहुत अंदर तक तेज़ी से चाटे जा रहा था और ऋषि एकदम पागलों की तरह मेरे दोनों बूब्स को दबा रहा था और चूस रहा था उसके साथ साथ चूस भी रहा था और अब मेरे मुहं में अजय का लंबा, मोटा और गरम लंड कहर बरसा रहा था. मुझे आज ऐसा लग रहा था कि यह रात कभी खत्म ही ना हो और हम सभी अपने अपने कामों में ऐसे ही पूरी जिंदगी लगे रहे ऐसे ही मज़े करते रहे.

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मेरी मस्त चुदाई

तभी कुछ देर के बाद सबसे पहले हम सभी में से अजय बोला कि वो अब झड़ने वाला है और वो इतना कहकर अपना लंड मेरे मुहं से बाहर निकालने वाला था, लेकिन तभी मैंने उसके लंड को पकड़ लिया और अब वो अपने लंड को मेरे मुहं में धक्के देकर झाड़ने लगा. अरे दोस्तों में तो बताना ही भूल गई कि में हर लंड के रस की कितनी बड़ी दीवानी हूँ. मुझे लंड चूसना और उसका रस पीना बहुत अच्छा लगता है और इस काम की मुझे एक आदत सी हो गई है. में बड़े मज़े लेकर इस काम को मन लगाकर पूरा करती हूँ और में ऐसा बहुत बार कर चुकी हूँ.

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