भावना आंटी की ली उनकी बेटी के साथ

By   November 19, 2016

दोस्तों, ये मस्त sex story है भावना आंटी की जो एक बहुत ही ठरकी औरत है और उनकी सीधी सादी बेटी की जो मेरी गर्लफ्रेंड है। जानिए कैसे मैंने प्रीति को बिस्तर पे पहुचाया…भावना आंटी के साथ! ये Hindi Sex kahani पढके आपको मज़ा आ जायेगा-

Hindi Sex Story के अन्य भाग-

पार्ट 1

लास्ट पार्ट

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मेरा नाम वीर है। उस वक्त की बात है जब मैं उन्नीस वर्ष का था। दिखने में ठीक ठाक था। मेरी एक गर्ल फ्रेंड हुआ करती थी… उसका नाम प्रीति था। वो बहुत खूबसूरत थी। जहाँ हम लोग रहते थे, वहाँ से प्रीति का घर थोड़ी ही दूरी पर था। उसकी मम्मी को मैं आँटी कह कर बुलाता था। वास्तव में वो लोग कश्मिरी थे, और आप लोग तो जानते ही हैं कि कश्मिरी औरतें कितनी हॉट और सैक्सी लगती हैं। प्रीति से ज्यादा अच्छी उसकी मम्मी लगती थी। उनका नाम भावना था। आँटी की उम्र लगभग चालीस-बयालीस के आस पास थी। लेकिन देखने में बिल्कुल भी चालीस-बयालीस की नहीं लगती थीं। गोरी लंबी और बहुत खूबसूरत थी। वो अपने सैक्सी चाल-चलन और नाजायज़ संबंधों के लिए काफी मशहूर थीं। कईं लोगों के साथ उनके नाजायज़ संबंध थे, शायद इसलिए कि उनके शौहर काफी व्यस्त रहते थे और शायद आँटी की शारिरिक जरूरतें भीपूरी ना कर पाते होंगे।

जुलाई का महीना था और एक दिन मैंने और मेरे एक दोस्त ने ड्रिंक करने का प्रोग्राम दिन में ही बनाया। पहले हम लोगों ने ड्रिंक की और उसके बाद हमलोगों ने ब्लू फ़िल्म देखने का प्रोग्राम बनाया। थोड़ी देर बाद हम लोग ब्लू फ़िल्म देखने लगे और फ़िल्म देखने के बाद हम लोग बहुत उत्तेजित हो गये थे।

“यार! काश हमें भी कोई चूत मिल जाती चोदने के लिये!” मैंने आह भरते हुए कहा।

“तेरी तो गर्ल फ्रेंड है… प्रीति… तू तो उसके साथ मज़े कर सकता है!” मेरे दोस्त ने कहा!

“कहाँ यार… कईं बार कोशिश कर चुका हूँ… लेकिन प्रीति तो किसिंग और स्मूचिंग के आगे बढ़ने ही नहीं देती!” मैं बोला।

“लेकिन उसकी मम्मी तो एक नंबर की चालू छिनाल औरत है!” वो हंसते हुए बोला तो अचानक मेरे दिमाग में आया कि क्यों ना भावना आँटी को ही पटाया जाय और उनके साथ चुदाई की जाये। दरअसल भावना आँटी मेरे साथ काफी फ्रेंडली थीं और मज़ाक वगैरह भी कर लेती थीं और उनकी रेप्यूटेशन भी खराब थी! इसलिये मुझे लगा कि शायद वो मान जायें और अगर नहीं भी मानी तो बात का बतंगड़ तो नहीं बनायेंगी।

मैंने वहीं से उन्हें फोन किया और कहा कि, “आँटी! मैं वीर बोल रहा हूँ और आप से कुछ बात करना चाहता हूँ!”

उन्होंने कहा, “बोलो?”

मैंने कहा, “आँटी ये बात फोन पर नहीं हो सकती… मैं आपके घर आ जाऊँ?”

आँटी ने कहा, “मैं तो अभी मर्किट में आयी हुई हूँ… तुम कहाँ हो इस वक्त?”

“मैं तो अपने दोस्त के घर पे हूँ… जो मार्केट के नज़दीक ही है और आपके रास्ते में ही है… अगर आपको ऐतराज़ ना हो तो आप यहाँ मेरे दोस्त के घर पर आ जाइए!” मैंने कहा।

उन्होंने कहा, “कोई बात नहीं…अभी थोड़ी देर में आती हूँ।”

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मैंने उन्हें पता बता दिया। उसके बाद हम लोग फिर से फ़िल्म देखने लग गये और घर का दरवाजा खुला छोड़ दिया। उस समय दरवाजे पर बेल बजी तो मेरा दोस्त दूसरे रूम में थोड़ी देर के लिए चला गया। मैंने कहा, “आँटी दरवाजा खुला है… आप अंदर आ जाइए।” वो अंदर आ गयी और अंदर मैं बैठा ब्लू फ़िल्म देख रहा था। आँटी फिरोज़ी रंग की सलवार कमीज और काले हाई हील के सैंडल में बहुत सैक्सी लग रही थीं। उन्होंने हल्का सा मेक-अप भी किया हुआ था। वो आते ही मुस्कुराते हुए बोलीं, “तो कॉलेज जाने की बजाय ये सब देख रहे हो…?”

bhawna aunty ki li unki beti ke sath hindi sex story

गज़ब ढा रही थी भावना आंटी

मैंने उन्हें पता बता दिया। उसके बाद हम लोग फिर से फ़िल्म देखने लग गये और घर का दरवाजा खुला छोड़ दिया। उस समय दरवाजे पर बेल बजी तो मेरा दोस्त दूसरे रूम में थोड़ी देर के लिए चला गया। मैंने कहा, “आँटी दरवाजा खुला है… आप अंदर आ जाइए।” वो अंदर आ गयी और अंदर मैं बैठा ब्लू फ़िल्म देख रहा था। आँटी फिरोज़ी रंग की सलवार कमीज और काले हाई हील के सैंडल में बहुत सैक्सी लग रही थीं। उन्होंने हल्का सा मेक-अप भी किया हुआ था। वो आते ही मुस्कुराते हुए बोलीं, “तो कॉलेज जाने की बजाय ये सब देख रहे हो…?”

“बस आँटी आज ऐसे ही मूड हो गया!” मैंने जवाब दिया।

“कोई बात नहीं… मैं समझती हूँ… तुम्हारी उम्र के लड़के तो ये सब करते ही हैं लेकिन अपनी आँटी के सामने कुछ तो लिहाज करो…अब बंद करो इसे…।” उन्होंने फिर मुस्कुराते हुए कहा तो मैंने सी.डी प्लेयर बंद कर दिया और वो मेरे पास आकर बैठ गयी और बोली, “क्या बात करनी है… बोलो।”

इतनी देर में मेरा दोस्त भी वहाँ आ गया। भावना आँटी का अच्छा मूड देख कर मेरा हौंसला बढ़ा और मैंने हिम्मत करके बोल दिया,“भावना आँटी आप बहुत खूबसूरत लगती हो और मैं आप के साथ चुदाई करना चाहता हूँ।”

मेरे बात सुनकर वो चौंक गयी और बोली, “तेरा दिमाग खराब हो गया है क्या… मेरे लिए तू अभी बहुत छोटा है।” वास्तव में वो मेरे दोस्त के सामने कोई बात नहीं करना चहा रही थी।

जब उन्होंने कहा कि उनके लिये मैं बहुत छोटा हूँ तो ये सुनकर नशे की खुमारी में मैंने कहा, “भावना आँटी! मैं तो आपके लिए शायद छोटा हूँ लेकिन मेरा लंड आपके लिये छोटा नहीं है।”

यह सुनकर वो गुस्से से बोली, “तूने मुझे समझ क्या रखा है… तुझसे हंस-बोल कर मज़ाक वगैरह कर लेती हूँ तो इसका मतलब तू… नशे में अभी तुझे होश नहीं है कि तू क्या कह रहा है…!” और भावना आँटी वहाँ से चली गयी। मैंने रोकने की कोशिश भी नहीं की।

जब वो चली गयीं तो हम लोगों का मूड खराब हो गया और उसके बाद हमलोग फिर से ड्रिंक करने लगे। थोड़ी देर बाद मेरा दोस्त बाथरूम चला गया और उस समय भावना आँटी ने मुझे फोन किया और कहा, “तू अभी कहाँ है… वहीं है क्या अभी भी? मुझे तुमसे कुछ बात करनी है… क्या तू अभी मेरे घर आ सकता है…लेकिन किसी को बता कर मत आना!”

मैंने कहा, “ठीक है मैं थोड़ी देर में आपके पास आता हूँ!”

थोड़ी देर बाद मेरा दोस्त भी बाथरूम से आ गया। हम लोगों का ड्रिंक भी खतम हो चुका था और उसको नशा भी चढ़ चुका था। तभी मैंने कहा कि “यार इसमें मज़ा नहीं आया… मैं अभी एक बोतल और लेकर आता हूँ”, तो उसने कहा, “नहीं यार! बहुत हो गयी है।”

लेकिन मुझे तो भावना आँटी के घर जाना था, इसलिए मैंने उसके मना करने के बाद भी कहा, “नहीं यार मुझे मज़ा नहीं आया… मैं एक बोतल और लेने जा रहा हूँ!” और मैं वहाँ से चला गया और उसने घर का दरवाजा बंद कर लिया।

उस समय करीब तीन बज रहे थे। मैं भावना आँटी के घर गया। वो घर पर अकेली थीं। उनकी बेटी (यानी मेरी गर्ल फ्रेंड) उस समय कॉलेज गयी थी और वो साढ़े चार बजे कॉलेज से आती थी। भावना आँटी ने अभी भी वही कपड़े पहने हुए थे। मैंने उनसे पूछा, “घर में कोई है नहीं क्या?” तो वोह बोली, “नहीं इसलिए तो तुझे बुलाया है!”

ये सुनकर मैं थोड़ा हैरान हो गया। “वो आँटी सॉरी आपसे बदतमीज़ी करने के लिये… मैं पता नहीं… बस कैसे बहक गया था!” मैंने माफी माँगते हुए कहा।

तब उन्होंने कहा कि “कोई बात नहीं… मैं समझती हूँ… तेरी उम्र ही ऐसी है…अगर तू मुझे चोदना ही चाहता था तो ये बात तुझे अकेले में कहनी चाहिए थी… तूने तो अपने दोस्त के सामने ही कह दिया!” ये कहते हुए वोह मेरे गाल पर हाथ रख कर सहलाने लगी। मुझे बड़ा अजीब लग रहा था। मैं थोड़ा नशे में भी था, इसलिए कुछ अलग ही लग रहा था। उसके बाद उन्होंने कहा, “मैं तुझे अच्छी लगती हूँ क्या?”

मैंने कहा, “हाँ आँटी… आप बहुत खूबसूरत और सैक्सी हो।”

तब भावना आँटी कहा, “लेकिन तू तो मेरे बेटी को पसंद करता है!”

मैंने कहा, “आँटी आपको कैसे पता?”

तब वो बोलीं, “बेटा मुझे सब कुछ पता है।” उसके बाद मुझसे पूछा कि “कोल्ड ड्रिंक पीयोगे?”

मैंने कहा, “हाँ! प्यास तो लग रही है!”

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भावना आँटी अंदर चली गयी और लगभग दस मिनट बाद बाहर आयी। मैं उनको देख कर हैरान रह गया। मेरा सारा नशा जैसे गायब हो गया हो। वो एक सफ़ेद रंग की पतली सी पारदर्शी ड्रेस पहने हुए थी और अंदर कुछ भी नहीं पहन रखा था, जिससे उनकी चूंची और चूत साफ़-साफ़ दिख रहे थे। साथ में ऊँची पेन्सिल हील के काले सैंडल पहने हुए उनका उनका हुस्न क्या कहूँ… बस पटाखा लग रही थी भावना आँटी। मैं उनको बहुत ध्यान से देखने लगा तो वो बोली, “क्या देख रहा है… कभी किसी को इस तरह देखा नहीं है क्या?”

मैंने कहा, “नहीं भावना आँटी, आप बहुत अच्छी लग रही हो… दिल कर रहा है कि मैं आपको अपनी बाँहों में लेकर खूब चुदाई करूँ।”

तो उन्होंने कहा, “कर ना! किसने रोका है?”

मैंने कहा, “लेकिन आपने हीतो मना कर दिया था!”

वोह बोली कि “क्या तेरे दोस्त के सामने चुदवाती तुझसे!” और ये कहते हुए वो मेरे पास आ गयी और मेरे गले में अपनी बाँहें डाल दीं। मैं उनके चेहरे को हाथ में लेकर उनके होठों को किस करने लगा। पहले तो धीरे-धीरे किस कर रहा था, लेकिन जब मैंने देखा कि भावना आँटी भी किस करने में मेरा साथ दे रही हैं तो मैं और जोर से उनके होठों पर किस करने लगा। उसके बाद उन्होंने कहा कि “अपना लंड तो दिखा… जरा मैं भी तो देखूँ कि मेरी बेटी की पसंद कैसी है!”

तब मैंने उनसे कहा कि मैंने प्रीति के साथ आज तक कुछ नहीं किया तो वोह बोली कि “क्यों नहीं किया?” यह कहते हुए उन्होंने मेरे लंड को मेरी जीन्स से बाहर निकाल कर अपने हाथ में ले लिया और बोली, “हाय अल्लाह… ये तो हकीकत में काफी बड़ा है।”

फिर वो मेरे लंड को धीरे-धीरे अपने हाथों से सहलाने लगी। फिर मैं धीरे से अपना हाथ उनके बूब्स पर ले गया और उन्हें दबाने लगा तो वो बोली, “ज़रा जोर से दबाओ… मैंने तीन चार दिनों से चुदाई नहीं करवायी है।” मैं उनकी चूंची को जोर से दबाने लगा और वो “ऊँऊँहह ऊँऊँहहह” की आवाज़ निकालने लगी। ये देखकर मुझे अच्छा लग रहा था। फिर मैंने उनकी सफेद ड्रेस को उतार दिया। अब वो बिल्कुल नम्गी थीं और काले रंग के ऊँची पेंसिल हिळ वाले सैंडल में उनका गोरा बदन कयामत लग रहा था। मैं उनके बूब्स के निप्पल को अपने होठों के बीच में रख कर उन्हें चूसने लगा। वो “आआहहआआहहह” करने लगी। एक हाथ से मैं उनकी दूसरी चूंची को दबा रहा था और दूसरा हाथ उनकी जाँघों पर था और मैं उनकी जाँघों को सहला रहा था। उसके बाद उन्होंने मेरे कपड़े उतारना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर सहलने लगी। मेरा लंड एकदम टाईट हो चुका था। आँटी बोली कि “बहुत दिनों के बाद जवान लड़के कालंड नसीब हुआ है…आज चुदाई का मज़ा आयेगा!”

मैंने कहा, “हाँ आँटी, लेकिन आज तक मैंने कभी किसी के साथ चुदाई नहीं की है…!”

तो वो बोली, “तू चिंता मत कर… मैं सिखा दूँगी।”

मैंने कहा, “ठीक है!” और उन्होंने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और अपने मुँह के अंदर बाहर करने लगी। मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था। मैं आँटी के सिर को पकड़ कर अपने लंड पर जोर से दबाने लगा। ये देखकर आँटी बोली, “तू झूठ बोल बोल रहा है कि तूने किसी के साथ चुदाई नहीं की है।”

मैंने कहा, “नहीं आँटी! मैं सच कह रहा हूँ। ये सब तो मैंने ब्लू फ़िल्मों में देखा था।”

वोह बोली, “और क्या देखा था… बता…।”

मैंने कहा कि “मैं बताऊँगा नहीं… करके दिखाऊँगा।”

वो बोली, “ठीक है!” और वो और जोर से मेरे लंड को अंदर बाहर करने लगी। करीब दस मिनट तक वो लगातार मेरे लंड को अपने मुँह में लिये चूसती रही। चूँकि मेरा पहली बार था, इसलिए मैं उनके मुँह में ही हल्का हो गया। आँटी बोली, “कोई बात नहीं… पहली बार में ऐसा होता है”, और वोह अपनी जीभ से मेरे लंड को साफ़ चाटने लगी और मेरा लंड धीरे-धीरे फिर से खड़ा होने लगा। इस सब में समय का पता ही नहीं चला और देखते-देखते प्रीति के आने का समय हो गया। लेकिन वो अभी तक आयी नहीं थी और हम दोनों अपने आप में मस्त थे। दुनिया की कोई चिंता नहीं थी।

भावना आँटी ने अपनी वो पारदर्सी ड्रेस उतार कर फेंक दी और ऊँची हील वाले सैंडलों के अलावा बिल्कुल नंगी हो गयी। अब मैं भावना आँटी की चूत को सहला रहा था और दूसरे हाथ से उनकी चूंची को दबा रहा था। उसके बाद आँटी ने कहा, “मेरी चूत को चूस” और मैं उनकी चूत को जोर-जोर से चूसने लगा। उनकी चूत गीली हो चुकी थी और उसमें से कुछ पानी जैसा निकल रहा था। मैं उसे चूसने लगा और वो जोर-जोर से “आआआआआहहहहह” कर रही थी और फिर बोली, “अब मुझे चोद… अब मुझसे नहीं रहा जा रहा है।” मैंने भी बिना समय बर्बाद किये अपना लंड उनकी चूत पर रखा और एक हल्का सा झटका दिया तो मेरा आधे से ज्यादा लंड उनकी चूत में बहुत आसानी से चला गया।

फिर मैंने एक जोर का झटका मारा तो मेरा पूरा लंड उनकी चूत में घुस गया और वो हल्की आवाज़ में चिल्लाने लगी, “आआहह आआहहहह आआआआआ और कर…. बहुत मज़ा आ रहा है मेरे जानू… मुझे ऐसे ही चोदते रह…. ऊऊऊऊ ओहहहह आआआआहहहह।” मैं जोर-जोर से झटके लेने लगा और करीब सात मिनट तक मैं लगातार झटके लेता रहा। उसके बाद उन्होंने कहा कि, “अब मैं तेरे ऊपर आती हूँ।”

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मैंने कहा “ठीक है”, और मैं लेट गया। वो मेरे ऊपर आ गयी और एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत से मिलाया और मेरे लंड पर अपनी चूत को दबाती चली गयी। मेरा पूरा लंड उनकी चूत में घुस चुका था। अब वो जोर-जोर सी झटके मारने लगी और मैं उनकी गाँड को पकड़ कर आगे पीछे कर रहा था। फिर मैंने अपना हाथ उनकी चूंची पर रखा और उसे दबाने लगा।

वो और जोर-जोर से आवाज़ निकालने लगी, “ऊँऊँऊँऊँहहहह आआआआआहहहह ओहहह आँआँआँ” और बोलने लगी, “आज बहुत दिनों बाद ऐसा कोरा जवान लंड मिला है!” हम लोग अपने आप में इस तरह खोये हुए थे कि कब प्रीति आ गयी पता ही नहीं चला। जब प्रीति आयी थी तो भावना आँटी मेरे ऊपर थी और जोर-जोर से झटके मारते हुए कह रही थी कि “आज बहुत मज़ा आ रहा है… तू रोज आकर मुझे चोदा कर!”

प्रीति ये सब अपनी आँखों से देख रही थी और फिर प्रीति चुपचाप अंदर चली गयी। अपने मम्मी को किसी गैर-मर्द से चुदते देखना प्रीति के लिए कोई नयी बात नहीं थी क्योंकि भावना आँटी तो हमेशा किसी नये लंड की तलाश में ही रहती थी। करीब पंद्रह मिनट के बाद भावना आँटी मेरे ऊपर से हटी और बोली, “आज बहुत मज़ा आया!”

तब मैंने कहा, “आपको तो मज़ा आ गया लेकिन मेरा तो अभी बाकी है!” और ये कहते हुए मैं उनके ऊपर चढ़ गया और उनकी चूत में अपना लंड डाल दिया। वो सिसकते हुए बोली, “बस कर… अब और नहीं… तुम जवान लड़कों को तो तसल्ली ही नहीं होती…!” तब मैंने अपने होंठ उनके होंठों पर रख दिए और जोर से उनके होंठों को चूसने लगा। अब वो आवाज़ नहीं कर पा रही थी और मैं जोर-जोर से झटके लेने लगा। तभी मैंने देखा कि प्रीति कमरे के दरवाजे के पीछे से सब कुछ देख रही है और अपने चूंची को अपने हाथों से दबा रहे है। ये देख कर मैं और जोश में आ गया और भावना आँटी को जोर-जोर से चोदने लग।

करीब पंद्रह मिनट के बाद मैं भी हल्का हो गया और हल्का होकर भावना आँटी की बगल में ही लेट गया। वो अपने लिपस्टिक वाले होठों से मेरे होठों को चूमते हुए बोली, “आज बहुत मज़ा आया… तेरा दिल जब भी चोदने को करे तो तू मेरे पास आ जाया कर!”

मैंने कहा, “ठीक है!” फिर मैंने आँटी से कहा कि “क्या लड़की को चोदने में और ज्यादा मज़ा आता है?” तो वो बोली कि “तू चिंता मत कर… तेरा इशारा मैं समझ रही हूँ… तू ईद की रात में करीब बारह बजे के आस पास घर आना। उस समय तेरे अंकल भी घर पर नहीं रहेंगे क्योंकि वो दस बजे की ट्रेन से कुछ दिनों के लिये टूर पे जा रहे हैं और मैं तुम और प्रीति… तीनों एक साथ चुदाई करेंगे!”

————–क्रमशः————–

ये sex story ख़त्म होगी अगले ही भाग में। इन्तेजार कीजिये। और कमेंट्स भी..

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