बीवियों की अगला-बदली

By   October 11, 2016
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आज मैं आप लोगो को एक मसालेदार indian sex story सुनाने जा रहा हूँ। मैं अपने पडोसी के साथ बीवियों की अदला बदली करके मस्त चुदाई करते है वो भी एक दुसरे के सामने। वो मस्त hindi sex kahani पेश है।

Hindi Sex Story के अन्य भाग-

पार्ट 1

पार्ट 2

पार्ट 3

पार्ट 4


मैं राज और मेरी पत्नी निशा मुम्बई शहर के सब-अर्ब मलाड में रहते हैं। ये कहानी करीब आज से छः महीने पहले शुरू हुई जब हमारे बगल के फ्लैट में नये पड़ोसी रहने के लिये आये।

हमारे नये पड़ोसी मिस्टर अजय एक कंसल्टेंट हैं, और उनकी पत्नी यामिनी एक घरेलू महिला थी। वैसे तो मुम्बई इतना व्यस्त शहर है कि यहाँ किसी को किसी के लिये फुर्सत ही नहीं है। नये पड़ोसी होने के नाते हमारी जान पहचान बढ़ी और हम दो परिवार काफी घुल मिल गये थे।

मैं और मेरी पत्नी निशा के विचार एक समान थे। हम दोनों खुले सैक्स में विश्वास रखते थे। शादी के पहले ही हम दोनों सैक्स का मज़ा ले चुके थे। हम दोनों अपनी पूरानी सैक्स घटनाओं के बारे में अक्सर एक दूसरे को बताते रहते थे। चुदाई के किस्से सुनाते या सुनते वक्त निशा इतनी उत्तेजित हो जाती की उसकी चूत की प्यास मिटाना कभी मुश्किल हो जाता था।

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मैंने और निशा ने इस शनिवार को अजय और यामिनी को अपने यहाँ खाने की दावत दी। दोनों राज़ी हो गये। अजय एक शानदार व्यक्तित्व का मालिक था, ६’२ ऊँचाई और कसरती बदन। यामिनी भी काफी सुंदर थी, गोल चेहरा, लंबी टाँगें और खास तौर पर उसकी नीली आँखें। पता नहीं उसकी आँखों में क्या आकर्षण था कि जी करता हर वक्त उसकी आँखों में इंसान झाँकता रहे।

शनिवार की शाम ठीक सात बजे अजय और यामिनी हमारे घर पहुँचे। अजय ने शॉट्‌र्स और टी-शर्ट पहन रखी थी, जिससे उसका कसरती बदन साफ़ झलक रहा था। यामिनी ने कॉटन का टॉप और जींस पहन रखी थी। उसके कॉटन के टॉप से झलकते उसके निप्पल साफ़ बता रहे थे की उसने ब्रा नहीं पहन रखी है। उसकी काली जींस भी इतनी टाईट थी की उसके चूत्तड़ों की गोलाइयाँ किसी को भी दीवाना कर सकती थी। उसके काले रंग के ऊँची हील के सैंडल उसकी लंबी टाँगों को और भी सैक्सी बना रहे थे। उसे इस सैक्सी पोज़ में देख मेरे लंड में सरसराहट होने लग गयी थी।

मैंने देखा की निशा अजय की और आकर्षित हो रही है। वो अपने अधखुले ब्लाऊज़ से अजय को अपनी चूचियों के दर्शन करा रही थी। आज निशा अपनी टाईट जींस और लो-कुट टॉप में कुछ ज्यादा ही सुंदर दिख रही थी। वहीं यामिनी भी मेरे साथ ऐसे बरताव कर रही थी जैसे हम कई बरसों पुराने दोस्त हों।

हम चारों आपस में ऐसे बात कर रहे थे कि कोई देख के कह नहीं सकता था कि हमारी जान पहचान चंद दिनों पूरानी है। पहले शराब का दौर चला और फिर खाना खाने के बाद हम सब ड्राईंग रूम में बैठे थे।

मैंने स्टीरियो पर एक री-मिक्स की कैसेट लगा दी। यामिनी ने खड़ी हो कर अजय को डाँस करने के लिये कहा, किंतु उसने उसे मना कर दिया। शायद उसे नशा हो गया था, मगर उसने यामिनी को मेरे साथ डाँस करने को कहा। यामिनी ने मुझे खींच कर खड़ा कर दिया।

हम दोनों गाने की धुन पर एक दूसरे के साथ नाच रहे थे। यामिनी ने अपने दोनों हाथ मेरी गर्दन पर रख हुए थे और मुझसे सटते हुए नाच रही थी। उसके बदन की गर्मी मुझे मदहोश कर रही थी। मैंने भी अपने दोनों हाथ उसकी कमर पे रख उसे अपने और करीब खींच लिया।

उसके बदन की गर्माहट और बदन से उठती खुशबू ने मुझे मजबूर कर दिया और मैंने कसके उसे अपनी छाती से चिपका लिया। मेरा लंड उसकी चूत पे ठोकर मार रहा था। तभी मुझे खयाल आया कि मेरी बीवी और उसका पति भी इसी कमरे में हैं। मैंने गर्दन घुमा के देखा तो पाया की निशा अजय को खींच कर डाँस के लिये खड़ा कर चुकी है।

शायद मेरी बीवी की सुंदरता और खुलेपन ने अजय को डाँस करने पे मजबूर कर दिया था, इसलिए वो निशा को मना नहीं कर पाया। दोनों एक दूसरे को बांहों में ले हमारे पास ही डाँस कर रहे थे। नाचते-नाचते निशा ने लाईट धीमी कर दी। कमरे में बहुत ही हल्की रोशनी थी। हम चारों कामुक्ता की आग में जल रहे थे।

यामिनी मुझसे और चिपकती हुई मेरे कान में बोली, “अच्छा है थोड़ा अंधेरा हो गया।”

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दिलदार यामिनी की सेक्सी चूत

मैंने उसे और कस के अपनी बांहों में ले अपने होंठ उसके होंठों पे रख दिए। उसने भी सहयोग देते हुए अपना मुँह खोल दिया और जीभ मेरे मुँह में डाल दी। हम दोनों एक दूसरे की जीभ चुभलाने लगे।

मेरे दोनों हाथ अब उसके चूत्तड़ों को सहला रहे थे। यामिनी के हाथ मेरी पीठ पर थे और वो कामुक हो मेरी पीठ को कस के भींच लेती थी। मेरा लंड पूरा तन कर उसकी चूत को जींस के ऊपर से ही रगड़ रहा था। अच्छा था कि वो हाई हील की सैंडल पहनी हुई थी जिससे की उसकी चूत बिल्कुल मेरे लंड के स्तर तक आ रही थी। यामिनी ने अपने आप को मुझे सोंप दिया था। मैंने पीछे से अपने दोनों हाथ उसकी जींस में डाल दिए और पाया की उसने पैंटी नहीं पहनी हुई है। मेरे हाथ अब उसके मुलायम चूत्तड़ों को जोर से भींच रहे थे, वो भी उत्तेजित हो अपनी चूत मेरे लंड पे रगड़ रही थी।

मेरी बीवी निशा का खयाल आते ही मैंने गर्दन घुमा के देखा तो चौंक पड़ा। दोनों एक दूसरे से चिपके हुए गाने की धुन पर डाँस कर रहे थे। अजय के हाथ निशा के शरीर पर रेंग रहे थे। निशा भी उसे अपने बांहों में भर उसके होंठों को चूस रही थी।

मैं यामिनी को बांहों में ले इस पोज़िशन में डाँस करने लगा कि मुझे निशा और अजय साफ़ दिखायी पड़ें। चार साढ़े-चार इंच की हाई हील की सैंडल पहने होने के बावजूद निशा अजय के कंधे तक मुश्किल से ही पहुँच पा रही थी। अजय का एक हाथ निशा की चूचियों को सहला रहा था और दूसरा हाथ दूसरी चूँची को सहलाते हुए नीचे की और बढ़ रहा था, और नीचे जाते हुए अब वो उसकी चूत को उसकी टाईट जींस के ऊपर से सहला रहा था।

मुझे हैरानी इस बात की थी कि उसे रोकने कि बजाय निशा अजय को सहयोग दे रही थी। उसने अपनी टाँगें थोड़ी फैला दी जिससे अजय के हाथों को और आसानी हो। पर मैं कौन होता हूँ शिकायत करने वाला। मैं खुद उसकी बीवी को बांहों में भरे हुए उसे चोदने के मूड में था।

मेरे भी हाथ यामिनी के चूत्तड़ों को सहला रहे थे। यामिनी उत्तेजना में मुझे चूमे जा रही थी। तभी मैंने देखा कि अजय ने अपना एक हाथ निशा के टॉप में डाल कर उसके मम्मों पे रख दिया था। जब उसने निशा की तरफ़ से कोई प्रतिक्रिया नहीं देखी तो उसने हाथ पीठ की और ले जाकर उसकी ब्रा के हुक खोल दिए। मुझे उस पारदर्शी टॉप से साफ दिखायी दे रहा था कि अजय के हाथ अब निशा के मम्मों को सहला रहे थे।

माहोल में जब चुदाई का आलम फ़ैलता है तो सब पीछे रह जाता है। मैंने भी आगे बढ़ कर यामिनी के चूत्तड़ से हाथ निकाल उसकी जींस के बटन खोल जींस उतार दी। पैंटी तो उसने पहनी ही नहीं थी।