छोटी बहन की जिज्ञासा – II

By   December 3, 2017
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मुझे अजीब सा तो लग रहा था पर अपने भाई और भाभी को छुप छुप के देखना पर अन्दर ही अन्दर मज़ा भी आ राहा था. इन bhai bahan sex stories का आखिरी भाग..

Hindi sex story के अन्य भाग-

पार्ट 1

पार्ट 2


कुछ देर सूरज ने रीना की गान्ड को नाईटगाउन के ऊपर से सहलाया और फ़िर हाथ को नाईटगाउन के अन्दर डाल उसकी गान्ड को सहलाने लगा. फिर उसने नाईटगाउन को उठा कर निकाल दिया. अब वो सिर्फ़ पैन्टी और ब्रा में थी. फिर सूरज खडा हुआ और अपना शर्ट और पजामा उतार दिया और अपने अन्डरएयर मे रीना के सामने खडा हो गया. उसका लन्ड उसके अन्डर्वेयर मे तन के खडा था. मैं आंखें फाड फाड के ये नज़ारा देख रही थी. मेरी सांसें तेज़ी से चल रही थी. रीना ने खिडकी की तरफ़ देखते हुए अपने मम्मों को अपने हाथों मे पकड कर बोला: सूरज कैसी लग रही हूं आज?  मै समझ गयी की वो असल मे हमे दिखा रही थी और ये सवाल करण के लिये था.

सूरज बोला: अरे तू तो है ही बहुत खूबसूरत यार. चल अब इनको बाहर निकाल. उसने भाभी के मम्मों की तरफ़ इशारा करके काहा. रीना ने अपनी ब्रा खोली और ब्रा हटाई तो मै देखकर दन्ग रह गयी. एकदम गोल और कसे कसे मम्मे थे. फिर वो लेटी और अपने मम्मों को उभार दिया. सूरज उसके ऊपर झुका और पहले दोनो निप्पल को चूमा और फ़िर जीभ निकल दोनो को १०-१५ बार चाटा. जीभ से चाटने के बाद दोनो मम्मों को हाथों से पकड मसला और फ़िर एक को मुंह में लेकर चूसने लगा.

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मै दोनो का खेल देख उत्तेजित हो गयी थी. मेरे से राहा नही गया और मै अपने मम्मों को पकड के हल्का सा दबाने लगी. मगर फिर मैने देखा की करण मुझे ये करते हुए देख राहा है तो मैने अपना हाथ जलदी से हटा लिया. रीना सिसकियां ले रही थी और बार बार अपनी चूंचियों को ऊपर की ओर उचका के सूरज के मुंह में घुसेड रही थी. मै सोच रही थी की मम्मे चुसवाने और निप्पल चटवाने में कितना मज़ा आता होगा.

सूरज कुछ देर तक मम्मे चूसने के बाद उठा और फ़िर रीना कि पैन्टी को खिसकाया. रीना ने अपनी गान्ड उठा के पैन्टी को उतरवाया और अब वो बिलकुल नंगी बेड पर लेती थी. सूरज ने अपना हाथ रीना की चिकनी टांगों पर रखा और सहलाते हुए चूत तक ले गया और पूरी चूत को हाथ से दबाया. फिर उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा और उसकी क्लिट को अन्गूठे से मसलने लगा.

रीना बोली: मुंह से करो ना. सूरज उसकी दोनो टांगों के बीच आया और अपने मुंह को झुका कर उसकी चूत पर रख दिया. चूत से जीभ लगते ही भाभी के मुंह से हल्की सी सिसकारी निकल गयी. भाभी इस पोस में लेटी थी की हमे सब कुछ साफ़ साफ़ दिखायी दे राहा था. भैया जीभ को पेलकर चाट रहे थे और हाथ से दोनो मम्मों को भी दबा रहे थे. भाभी मज़े से भर करे अपनी गान्ड उछाल रही थी और तेज़ तेज़ अवाज़ में सिसक रही थी. मुझे भी अपनी पैन्टी गीली होने का ऐहसास हुआ क्योंकी मेरी चूत से भी पानी निकलने लगा था.

१०-१२ मिनट तक चटवाने के बाद रीना हांफ़्ते हुए बोली: आह बस अब बस करो नही तो मैं झड जाऊंगी. हाय रुको और अब मुझे अपना लन्ड दो. फ़िर वो उठी और सूरज को लिटाया और उसके अन्डर्वेयर को हाथ से निकाल दिया. मै भैया के लन्ड को देख कर दन्ग रह गयी. खूब मोटा और लम्बा था. लन्ड एक्दम सख्त और ऊपर को तना था. उसने झुककर लन्ड को अपने मुंह में लिया और चूसने लगी. वो पूरे लन्ड पर चारों तरफ़ जीभ चलाती फ़िर मुंह में लेकर चूसती.

मैने देखा की करण का लन्ड भी पैन्ट के अन्दर तन के खडा है और वो उसे अपने हाथ से हल्के हल्के सहला राहा है. करण ने देख लिया की मै उसके लन्ड को देख रही हूं और मुसकुरा दिया पर रुका नही. बलकी उसने अपनी पैन्ट की ज़िप खोल दी और अब उसका लन्ड अन्डर्वेयर के अन्दर तन के दिखने लगा.

आज कैसे चोदोगे?” रीना भैया के लन्ड को पकड कर हिलाती हुई बोली. सूरज उसे बेड पर लिटाते हुए बोला, तू लेट जा बस मै चोद लूंगा जैसे मन करेगा. वो लेट गयी. उसकी टांगे हमारी तरफ़ ही थी जिससे उसकी चूत का लाल चेद मुझे साफ़ दिख राहा था. फिर सूरज उसके ऊपर आया और अपने लन्ड को उसकी चूत पर रखा और धीरे धीरे घुसा कर पूरा अन्दर डाल दिया. लन्ड अन्दर जाते ही भाभी के चेहरे पर खुशी देखने वाली थी. उसने हाथों को भैया के कन्धों पर रख लिया था. फिर सूरज ने धीरे धीरे लन्ड अन्दर बहार कर चुदाई शुरू कर दी.

मैं अपनी चुदती भाभी को देख बहुत ही गरम हो गयी थी. मेरी हालत बहुत खराब हो चुकी थी और पैन्टी नीचे से पूरी भीग गयी थी. करण ने भी अपने अन्डर्वेयर की मोरी मे से लन्ड निकाल कर उसे मुठ्ठी मे पकड कर ज़ोर ज़ोर से हिलाना शुरू कर दिया था. मुझसे भी अब राहा नही जा राहा था और मैने सल्वार के नाडे को खोल के ढीला किया और अपना एक हाथ अपनी पैन्टी मे डाल दिया और अपनी चूत को रगडने लगी. करण ने मुझे ये करते हुए देख लिया पर मुझे अब पर्वाह नही थी. फिर करण ने मेरे एक बूब के ऊपर अपना हाथ रख दिया और उसे थोडा सा दबाया. मैने उसकी तरफ़ देखा और उसने मेरी तरफ़. दूसरे हाथ से वो अपने लन्ड को हिलाता राहा. मैने उसे कुछ नही काहा और उसने अब मेरे मम्मों कोएक एक करके कमीज़ के ऊपर से दबाना शुरू कर दिया.

वहां कुछ देर तक सूरज भाभी को इसी तरह चोदता राहा और फ़िर लन्ड बाहर निकाल दिया. चूत के रस से भीगा लन्ड चमक रहा था. लन्ड बहर कर उसने रीना को उठाया और उसे डॊगी स्टाइल में किया और फ़िर पीछे से उसकी चूत में लन्ड पेल कर चुदायी शुरू कर दी. वो हाथ आगे कर रीना के दोनो मम्मों को पकड के कस कर चुदाई कर राहा था.

मै अब पैन्टी मे हाथ डाले ज़ोर ज़ोर से अपनी चूत और क्लिट को मसल रही थी. फिर करण ने मेरी कमीज़ के गले के अन्दर अपना हाथ डाला और मेरी ब्रा के ऊपर से मेरे मम्मों को दबाने लगा. मेरी मस्ती की कोई सीमा नही थी और मै चाह रही थी के वो मुझे पूरी तरह से नंगा कर दे, पर मै कुछ नही बोली. फिर उसने मेरा हाथ पकड कर पैन्टी से खींच के बाहर निकाल दिया और अपने लन्ड पर रख दिया और इससे पहले की मै कुछ बोलती अपना हाथ मेरी पैटी मे डाल दिया. वो मेरी चूत को सहलाने लगा और मै सातवें आसमान पर पहुंच गयी. मैने भी उसके लन्ड को अपनी मुठ्ठी मे लेकर हिलाना शुरू कर दिया जैसे मैने उसे करते देखा था.

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भाई ने घुसा दिया

वहां ५-६ मिनट तक इस तरह से चोदने के बाद सूरज ने फिर लन्ड बाहर निकाला और खुद नीचे लेट गया. जब वो नीचे लेटा तो रीना जल्दी से ऊपर आयी और उसके लन्ड को पकड अपनी चूत से लगा उसपर बैठने लगी. लन्ड जब पूर अन्दर चला गया तो वो खुद ऊपर नीचे हो चुदवाने लगी. सूरज भी नीचे से अपनी गान्ड उठा उठा लन्ड पेल राहा था और हर धक्के पर भाभी ऊ आ ऊ कर रही थी. इस तरह से भी उसने ७-८ मिनट तक रीना को चोदा फ़िर उसे अपने बदन से चिपका लिया और बोला: आह्ह्ह रीना मैं झडने वाला हूं. आह्ह मेरा निकलने वाला है.  रीना तेज़ी से एक झटका और देती हुई चिलाते हुए बोली: हां मै भी झड रही हूं. सूरज अब आह आह करता झड राहा था. झडने के बाद उसने रीना के होंठों पर अपने होंठ रखे और चूमने लगा. फिर दोनो एक दूसरे से चिपक कर बेड पर ढेर हो गये.

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