गर्लफ्रेंड और उसकी माँ

By   December 1, 2016
loading...

हाई दोस्तों मेरा नाम राहुल हैं और मैं आज आप को एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हूँ जिसमे मैंने अपनी गर्लफ्रेंड और उसकी माँ को एक साथ चोदा था. गर्लफ्रेंड तो माल थी ही पर उनकी माँ तो और भी बड़ा बोम्ब थी. पढ़िए ये मज़ेदार girlfriend sex story..

 

मेरी गर्लफ्रेंड का नाम तन्वी हैं और वो 19 साल की हैं. यह बात 6 महीने पहले की हैं. मैं मलेशिया घुमने गया था और उसके लिए गिफ्ट ले के आया था. मैं तन्वी के लिए मस्त लिन्जरी ले के आया था. वैसे मैं दो सेट ले के आया था, एक तन्वी के लिए और एक टीना के लिए जो मेरी दूसरी गर्लफ्रेंड हैं. लेकिन टीना तब बहार गई थी इसलिए मैंने उसे संभाल के रख दिया.

 

तन्वी की मोम एक प्राइवेट कम्पनी में काम करती हैं और उसके डेड आईसीआईसीआई बेंक में काम करते हैं. दोनों सुबह 9 बजे घर से निकल जाते हैं. और फिर वो शाम को 7 बजे से पहले वापस नहीं आते हैं. और इस समय के अंदर मैं तन्वी को हफ्ते में कम से कम 3 बार चोदता हूँ.

 

मलेशिया से वापस आके मैं दुसरे दिन 10 बजे उसके घर गया. घंटी बजाते ही उसने दरवाजा खोला. मैंने उसे वही डोर में पकड के स्मूच कर लिया. उसके हाथ मेरी कमर में थे और मैं उसकी गांड दबा के उसे किस करता रहा. किस करते हुए ही मैं अंदर घुसा और दरवाजे को लात मारी. उसे मैं सीधा उसके बेडरूम में ले गया और बेड पे फेंक दिया. उसकी जींस और टॉप को खिंच के फेंका और उसने अंदर कुछ भी नहीं पहना हुआ था.

 

फिर मैंने अपनी बेग से उसे उसकी लिन्जरी निकाल के दी और पहनने के लिए कहा. वो बड़ी खुश हो गई यह मस्त नई लिन्जरी देख के. उसने मेरे सामने ही ब्रा पेंटी पहन ली. मैंने अपने आईफोन से उसकी कुछ फोटो ली और फिर उसे नंगा कर दिया. उसने भी मेरे कपडे उतार दिए. मेरा लंड एक अरसे के बाद देख के वो बड़ी खुश लग रही थी. तन्वी मेरा लंड चूसने लगी और मैंने 69 पोजीशन बना के उसकी चूत को चाटना चालु किया. सब मस्त जा रहा था की धम से दरवाजा खुला. बाप रे तन्वी की मोम वहां खड़ी थी. तन्वी उसे देख के कांपने लगी और चद्दर खिंच के अपने बदन को ढंकने लगी.

 

आंटी: यह क्या अनर्थ कर रहे हो तुम लोग मेरे घर में, यह उम्र हैं तुम्हारी यह सब करने की.

 

तन्वी: सोरी मोम, प्लीज़ प्लीज़ प्लिज्ज्ज्ज़….!

 

मैं: सोरी आंटी, आगे से नहीं होगा ऐसा कुछ भी.

girlfriend aur uski maa girlfriend sex story

माँ, बेटी और मैं

आंटी: रुक मैं अभी तेरे डेड को बुलाती हूँ.

loading...

 

तन्वी रोने लगी और मेरी भी गांड फट के हाथ में आ गई.

 

हम दोनों ही नंगे उठे और आंटी के हाथ पकड लिए.

 

तन्वी: मोम नहीं करेंगे कुछ भी प्लीज़ माफ़ कर दो. सोरी.

 

आंटी: तुम लोग कब से कर रहे हो यह सब.

 

मैं: आंटी नहीं करेंगे ऐसा कुछ भी आगे से प्लीज़ जाने दो मुझे.

 

आंटी: मैं जो कहा उसका जवाब दो पहले, कब से चल रहा हैं यह सब.

 

मैं: आंटी 6 महीने से!

 

आंटी: और कितनी बार कर चुके हो?

 

मैं: हफ्ते में 3 बार.

 

आंटी: तुम्हारे घर में पता हैं यह सब?

 

मैं: नहीं, वो इतना जानते हैं की मेरी कोई गर्लफ्रेंड हैं.

 

आंटी: तुम्हारे घर वाले कुछ नहीं कहते?

 

मैं: नहीं.

 

और इतना कहते ही आंटी ने अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया. मैंने चौंक के तन्वी के सामने देखा. वो जोर जोर से हंसने लगी.

 

क्यूँ राहुल डर गए ना. मोम तुम्हे लाइक करती हैं और उसे कब से पता हैं की हम फिजिकल रिलेशन में हैं. वो कब से तुम्हे मिलना चाहती थी और मैंने ऐसे ही मिलवाने का प्लान बनाया था.

 

आंटी: सच में अच्छी पसंद हैं मेरी बेटी की, राहुल मैं तुम्हे पहले दिन से ही पसंद करती हूँ.

 

यह कहते हुए आंटी मेरा लौड़ा सहला रही थी. मुझे भी मस्त लग रहा था की माँ वो लंड सहला रही थी जो बेटी के थूंक से चिकना हुआ था. आंटी ने पूरा लंड मुहं में भर लिया और उसे मजे से चूसने लगी. तन्वी को मैंने उठाया और हम दोनों किस करने लगे. तन्वी बड़े ही सेक्स तरीके से मुझे चूम रही थी. उसकी जबान मेरे मुहं में थी और मैं उसे जोर से स्मूच कर रहा था. निचे आंटी मेरे लंड और बॉल्स को बड़े ही प्यार से चूस रही थी. मेरा लंड पूरा तना हुआ था और उसे चूत की गुफा में जाना था. तन्वी को मैंने बेड में डाला और आंटी के मुहं से लंड निकाल के उसकी टांगो के बिच में जा बैठा. आंटी अब खड़ी हुई और उसने अपनी कुर्ती और जींस निकाल दी. वो लाल ब्रा और सफ़ेद पेंटी में मस्त दिख रही थी. मैं हाथ आगे बाधा के आंटी के बूब्स पकड लिए. आंटी ने ब्रा खोली और फिर पेंटी भी निकाल दी. इधर तन्वी ने मेरा लंड पकड के अपनी चूत के उअप्र घिसना चालू कर दिया, उसकी छोटी चिकनी चूत पर लंड घसते ही मुझे बड़ा मजा आने लगा. आंटी की चूत खुली और उसके ऊपर के घने बाल देख के मैं अपनेआप को रोक नहीं पाया. मेरा हाथ सीधा उसकी चूत पर गया और मैं उसे रगड़ने लगा. आंटी ने मेरे हाथ को अपने हाथ से दबाया और मैंने एक उगंली चूत में कर दी.

 

तन्वी ने लंड को छेद पर रखा और मुझे गरम गरम लगा अपने लंड के मुख पर. मैंने एक हल्का झटका दिया और लंड उसकी चूत में आधा घुस गया. तन्वी के मुहं से आह निकल पड़ी. मैंने आंटी की चूत को छोड़ के तन्वी को बाहों में उठा लिया. उसको उठाते ही मेरा लंड पूरा अंदर घुस गया. तन्वी की जवान चूत को चोदते हुए मैं वापिस आंटी की मच्योर चूत की और बढ़ा. आंटी अपनी चूत सहला रही थी जिसे मैंने बंध करा के खुद उसकी चूत में ऊँगली डाल दी. आंटी अपने हाथों से अपने बूब्स मसलने लगी. और वो अपनी निपल्स को दबा रही थी जैसे उसमे से दूध निकालना हो. आंटी कराह रही थी और मुझे और तन्वी को चुदाई करते देख रहे थे. तन्वी की गांड मेरी जांघो पर थी और वो उछल उछल के मुझ से चुदवा रही थी. मेरा लंड उसकी छोटी चूत को मस्त पेल रहा था.

 

तभी आंटी बेड पर चढ़ गई और उसने अपनी बालोंवाली चूत को मेरे मुहं के सामने रख दिया. मैंने अपनी जबान से उस चूत को चाटना चालु किया. आंटी मेरे माथे को अपनी चूत पर दबा के पूरा मजा लेने लगी. तन्वी अब और भी जोर जोर से मेरे लंड के ऊपर उछलने लगी. वो जोर जोर से मुझे चोदने के लिए कह रही थी. मैं समझ गया की वो झड़ने वाली हैं. मैंने उसे कस के बाहों में भरा और उसे जोर जोर से ठोकने लगा. तन्वी के मुहं से आह आह आह आह निकल पड़ा और वो मेरे लंड के ऊपर ही झड़ गई. आंटी की गांड पर हाथ रख के मैंने उसे अपनी और खिंचा क्यूंकि तन्वी अब शांत हो गई थी और उसने हिलना बंध कर दिया था. आंटी ने यह देखा और उसने तन्वी को कंधे से पकड के उठा दिया. मेरा लंड अभी भी छत को ताक रहा था. आंटी ने अपनी चूत को फैलाया और वो मेरे खड़े लंड के ऊपर बैठ गई. आंटी की चूत में तो लंड ऐसे घुसा जैसे मख्खन के अंदर छुरी. और आंटी अपनी गोल मटोल गांड को उठा के मेरे लंड के मजे लुटने लगी. मैंने इस से पहले इतनी उम्र की औरत को नहीं चोदा था इसलिए मुझे भी अलग मजा आ रहा था आंटी की चुदाई करने में. आंटी के हाथ मेरी छाती पर थे और वो पीछे से अपने कूल्हों को उठा के मेरे लंड को मस्त मसल रही थी अपनी चूत के अंदर.

loading...