हवस की पुजारन – IV

By   October 22, 2016
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डिसूजा के बाद अब टीचर मेरे चूत के नीचे बैठा था और मैं बेसब्री से उसके मुह को अपनी चूत पे टिकाना चाह रही थी. पागल सी हो गयी थी मैं. इन hot indian sex stories का अगला धांसू पार्ट-

Hindi Sex Story के अन्य भाग-

पार्ट 1

पार्ट 2

पार्ट 3

पार्ट 4

पार्ट 5

पार्ट 6

पार्ट 7

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टीचर दो-तीन मिनिट तक झरता रहा. जब उसने चिल्लाना बंद किया तो मैने रोहित का सर छोड़ा. टीचर ने लंड बाहर निकाला. ‘साफ़ कर इसे’ टीचर ने रोहित से कहा. रोहित अपनी जीब निकाल के आगे बढ़ रहा था कि मैने ‘चल हट कुत्ते’ कह कर उसे धक्का मार के हटा दिया. मैं अपनी जीब निकाल टीचर की आँखों में आँखें डाल लंड को चाटने लगी और वीर्य लंड से चाट चाट के सॉफ कर दिया.

‘वा पायल तुम्हे तो ट्रैनिंग की कोई ज़रूरत नही. चलो अब में तुम्हे भी खुश कर देता हूँ’ यह कह के टीचर ने मुझे ज़मीन पे लेटा दिया. उसने मेरा स्कर्ट उठा के मेरी पॅंटी एक झटके में निकाल दी. मुझसे अब रहा नही जा रहा था. मुझे अब टीचर का मूह अपनी चूत पे चाहिए था.

टीचर ने भी मुझे इंतेज़ार नही करवाया और अपनी मोटी जीब पूरी मूह से निकाल मेरी पूरी चूत को नीचे से उपर तक चाटना शुरू किया. मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था. मैने अपने दोनो पैर जीतने फैल सके उतने फैला दिए. टीचर वैसे ही चाट ता रहा. चाटते चाटते टीचर घूम गया. अब में ज़मीन पे लेटी थी और टीचर मेरे उपर ऐसे लेटा था की उसका मूह मेरी चूत पे और उसका लंड मेरे मूह के नज़दीक था.

‘इसे चूस के खड़ा कर दो पायल’ टीचर का लंड बैठा हुआ था और मेरी आँखो के सामने लटक रहा था. बैठा हुआ लंड भी काफ़ी मोटा और लंबा था और उससे देख मेरे मूह में पानी आ गया. मैने अपने दोनो हाथ टीचर के गांद पे रख उसको नीचे खीचा. उनका बैठा हुआ लंड मैने पूरा का पूरा मूह में ले लिया और उसे चूसने लगी. टीचर अब मेरी चूत को मस्त होके तेज़ी से चाट रहा था. और उतनी ही तेज़ी से में उसका लंड चूस रही थी.

हम कुछ देर तक ऐसे ही एक दूसरे को मज़े देते रहे. टीचर अब अपनी गांद उपर नीचे कर अपने लंड से मेरा मूह चोद रहा था. लंड अब आधा खड़ा हो चुक्का था और बड़ी मुश्किल से मेरे मूह मे पूरा समा रहा था. गरम लंड मेरे मूह में ले कर बड़ा मज़ा आ रहा था. जैसे जैसे टीचर का लंड बड़ा होता गया मुझे पूरा लंड लेने में तकलीफ़ होती गयी पर टीचर अपना पूरा लंड मेरे मूह में घुसेड़ता रहा.

मैने अपने एक हाथ से टीचर का लंड पकड़ लिया ताकि टीचर अपना पूरा लंड मेरे मूह में ना डाल पाए. दो मिनिट बाद टीचर का लंड पूरा खड़ा हो गया था. मैने एक हाथ से लंड पकड़ा हुआ था और बाकी का 6 इंच का लंड मेरे मूह में टीचर तेज़ी से अंदर बाहर कर रहा था. सारे वक़्त टीचर मेरे चूत को चाट रहा था.

में चाहती थी की वो अपनी जीब मेरी चूत में डाल दे पर वो ऐसा नहीं कर रहा था. फिर कोई भी चेतावनी बिना टीचर ने अपने हाथ से मेरा हाथ उसके लंड से हटा डाला और अपना पूरा लंड मेरे मूह में घुसेड दिया

‘म्*म्म्मह म्*म्म्मममममममह’ कर के में चिल्ला रही थी पर टीचर अब पूरे लंड से मेरे मूह को चोद रहा था. 8 इंच वाला मोटा लंड मेरे मूह में समा नहीं सकता था फिर भी टीचर मुजसे ज़बरदस्ती कर रहा था. में अपना सर एक साइड से दूसरी साइड कर रही थी पर टीचर चोदे जा रहा था. आख़िर कैसे भी करके मैं टीचर के लंड को बाहर निकालने में कामयाब हो गयी.

टीचर ने अब मुझे पकड़ साइड से घूमा दिया ताकि में अब उसके उपर आ गयी. उसने अब दोनो हाथ मेरे गांद पे रख मेरी गांद ज़ोर से मसलने लगा. मैने अपनी चूत और नीचे करके उसके होंठो पे रख दी. उसने अब फिर से ज़ोर से मेरी चूत चाटना शुरू कर दिया. में लंड को दोनो हाथ से पकड़ के हिला रही थी और साथ साथ लंड के उपर वाले हिस्से को मूह में ले कर चूस रही थी. में झरने के काफ़ी करीब थी.

रोहित का लंड अब ये सब देख फिरसे खड़ा हो गया था. उसे यकीन नहीं हो रहा था कि मुझ जैसी सेक्सी लड़की उसके सामने नंगी थी और टीचर जैसे गंदे आदमी से चुदवा रही थी. वो मेरे पीछे खड़ा था और उसको मेरी गोरी चिकनी गांद साफ दिखाई दे रही थी. जैसे जैसे टीचर मेरी गांद मसलता रोहित को मेरी गांद का गुलाबी छेद दिख जाता. मेरी गांद का छेद देख वो पागल हो रहा था. वो अब आगे बढ़ के अपने होठ मेरे गांद के छेद को लगा कर उसे चूमने लगा.

मैं चोंक उठी ‘आए ये क्या कर रहा है साले कुत्ते. हट यहाँ से’

यह देख टीचर ने कहा ‘फिकर मत करो पायल.थोड़ा उसे अपना काम करने दो और देखो कि मज़ा आता हैं की नहीं. मैने इसे गांद चाटने में एक्सपर्ट बना दिया हैं.’

मैने सोचा कि क्या पता शायद मुझे इसमे मज़ा आएगा.मैने कुछ कहे बिना फिर से लंड चूसने लगी. रोहित ने अब मेरे गांद के छेद पे फिर से होठ लगा दिए. वो धीरे धीरे उसे चूमता रहा और अपनी जीब निकाल कर चाट्ता रहा. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

दोनो ने मेरी चूत और गांद ऐसे ही दस मिनिट तक चॅटी. में अब झरने ही वाली थी. फिर अचानक दोनो ने एक साथ अपनी जीब मेरे अंदर डाल दी. रोहित ने अपनी जीब मेरी गांद में दो इंच तक डाल दी और टीचर ने भी अपनी मोटी जीब मेरी चूत में पूरी चार इंच तक डाल दी.

मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं मरके स्वर्ग में पहुच गयी थी. मैने अपने हाथ लंड से निकाल पूरा 6 इंच तक लंड मूह में ले लिया. टीचर ने मौका पा के अपने दोनो हाथ मेरे सर पर रख मेरे सर को ज़ोर ने नीचे धकेला और पूरा 8 इंच का लंड अब मेरे मूह के अंदर था. में खांस रही थी और मुझे तकलीफ़ हो रही थी पर साथ ही दोनो की जीब मुझ को पागल कर रही थी. मेरा झरना शुरू हो गया.

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मेरी चूत का उद्घाटन

मैने अपनी चूत और नीचे कर ली और टीचर ने अब ज़ोर से अपनी जीब मेरी चूत के अंदर बाहर करनी कर दी. रोहित भी आछे कुत्ते के तरह ज़ोर से अपनी जीब मेरी गांद के अंदर बाहर कर रहा था. टीचर अपनी गांद उछाल के मेरे मूह को अपने 8 इंच लंड से चोद रहे थे. में लगभग 5 मिनिट तक ऐसे ही झरती रही. उन दोनो ने सारे वक़्त तेज़ी से अपनी जीब चलाई. 5 मिनिट बाद मेरा झरना आख़िर बंद हुआ और मैं टीचर पे लेट गयी.

‘मज़ा आया पायल ? अब फिर से तुम्हारी बारी मुझे खुश करने की’ ये कह कर टीचर ने अब मुझे नीचे लेटा दिया और मेरे दोनो पैर के बीच मे आकर कहा ‘अब में तुम्हें चोदुन्गा…’

टीचर ने यह कह कर अपने मोटे लंड को मेरी चूत के उपर रगड़ना शुरू किया. इतना बड़ा लंड मेरी चूत से रगड़ रहा था. इसका एहसास मुझे पागल कर रहा था अब मुझे सिर्फ़ यह बड़ा लंड मेरी चूत में चाहिए था.