हवस की पुजारन – IV

By   October 22, 2016
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‘आआऐईईई…. प्लीज़ जाने दो…आआऐईई’ में चिल्ला रही थी. टीचर को मेरा हाल देख और सेक्स चढ़ गया और उसने मेरी चूत में अपना लंड ज़ोर से अंदर बाहर करना शुरू कर दिया. वो झरने के बहुत करीब था. टीचर के धक्के से मेरी गांद आगे पीछे हो रही थी और रोहित का दो इंच तक घुसा लंड बाहर निकल गया.

रोहित ने फिर से मेरी हिलती गांद को फैलाया और अपना लंड एक ज़ोरदार झटके से पूरा अंदर घुसेड दिया.

‘आाआऐययईईईई जाने दो मुझे प्लीज़..’ में चिल्लाई. रोहित लंड पूरा अंदर डाल ऐसे ही खड़ा रहा. टीचर के ज़ोरदार धक्के से मेरी गांद आगे पीछे हो रही थी और उसके वजह से रोहित का लंड भी अंदर बाहर हो रहा था.

‘आआआआहह…… आआआआआआअहह’ कर के टीचर ने झरना शुरू किया.

‘आआईयईईईई मेरे अंदर पानी मत निकालना सर आऐईयईईईई’ मैने टीचर से विनती की. पर उसने मेरी एक ना सुनी. और अपना वीर्य मेरी चूत में निकालना शुरू कर दिया. मुझे अपनी चूत में गरम वीर्य का एख्सास हो रहा था. मुझे ये अछा लग रहा था पर गांद के दर्द से मेरा सारा मज़ा दूर हो गया था.

रोहित भी आवाज़े निकाल कर मेरी गांद में झार रहा था. मुझे उसका वीर्य मेरी गांद में निकलता महसूस हो रहा था. झारके उसने लंड बाहर निकाल दिया पर मेरा दर्द अभी भी बहुत था. टीचर ऐसे ही पागल की तराह मुझे ज़ोर से तीन चार मिनिट और चोद्ता रहा और झरता रहा.

आख़िर उसका झर ना बंद हो गया. उसने मुझे ज़मीन पे लेटा दिया. मेरा थकान से और दर्द से बुरा हाल था. टीचर ने मेरे पैर फैला कर उपर कर दिए और नीचे झुक के मेरी चूत और गांद के छेद को देखने लगा. रोहित भी उसके बगल में आ गया. मेरी गांद और चूत से थोड़ा सा वीर्य बाहर बह रहा था.

‘ऐसे मत देखो प्लीज़’ पर वो दोनो ने मेरी नही सुनी. कुछ देर वो ऐसे ही देखते रहे. फिर टीचर ने मुझे क्लास में जाने को कहा. में बहुत ही मुश्किल से खड़ी हुई. नीचे देखा तो ज़मीन पे काफ़ी खून था. ‘डर मत पहली बार खून निकलता हैं’ टीचर ने मुझे कहा. में कपड़े पहन कर लूड़कते लूड़कते अपनी क्लास में जाने लगी. क्लास में जाते वक़्त मैने प्रिन्सिपल को टीचर के ऑफीस में जाते देखा.

मैने सोचा पता नही अब क्या होगा, वो दोनो तो अभी भी नंगे ज़मीन पे थे. मेरे क्लास में जाने के आधे घंटे बाद पोलीस को स्कूल में आते देखा. प्रिन्सिपल ने टीचर को रोहित के साथ नंगा देख लिया था और पोलीस को बुला लिया था. टीचर को पोलीस जैल ले गयी. मैने सोचा पता नही टीचर का क्या होगा.

टीचर के जैल जाने के बाद दो तीन दिन मे ही मुझे बैचानी होने लगी मैं सेक्स के लिए पागल हो रही थी. मैने रोहित के साथ चुदाई शुरू कर ली. पर वो चुदाई में बिल्कुल अनाड़ी था. एक तो छोटा सा लंड और वो कभी भी 5 मिनिट से ज़्यादा टिकता नही था. और इसके उपर वो सारे स्कूल में यह कहता फिर रहा था कि मैं उसकी गर्लफ्रेंड हूँ और उसने मुझे पटा लिया हैं.

मुझे उस पर बहुत गुस्सा आता पर मेरी चूत की प्यास भी ऐसे थी कि हर रोज़ में उससे चुड़वाती. मेरी सेक्स की भूक बहुत बढ़ गयी थी. मैं अब सेक्स की पुजारन बन चुकी थी सेक्स के बिना रहना अब मुझे अच्छा नही लग रहा था

एक दिन स्कूल से घर जाते रास्ते में डिसूज़ा मेरे सामने आ गया और मुझे रोक लिया.

‘कैसी हो जानेमन’. मैने कुछ कहे बिना वहाँ से चलने लगी. तभी रोहित ने डिसूज़ा को मुझे छेड़ते देख लिया.

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‘आए मिस्*टेर क्या हो रहा हैं यहा’ रोहित ने गुस्से से कहा. असल में रोहित का गुस्सा ऐसा था कि कोई बच्चा
भी ना डरे. मुझे तो हँसी आ रही थी.

मैने अपनी हँसी रोक ली पर डिसूज़ा खुले आम हँस पड़ा.

‘हस्ता क्या हैं. मज़ाक समझ के रखा हैं क्या. ज़्यादा नाटक नही करना समझे. यह मेरी गर्लफ्रेंड हैं’. मैने सोचा साले 5 मिनिट लंड खड़ा रख नही पाता और मुझे गर्लफ्रेंड बनाने चला. डिसूज़ा अब हसना बंद कर के मुस्कुरा कर रोहित को देख रहा था.

‘अगर आज के बाद अगर उससे बात भी करने की कोशिश की तो तेरा बुरा हाल कर के रखूँगा.तेरी हेसियत ही क्या हैं’ पता नहीं क्यूँ पर हेसियत की बात सुन के डिसूज़ा के चेहरे से हँसी उड़ गयी.

‘क्या करोगे’ डिसूज़ा ने पूछा.

‘क्या करूँगा? साले तू मेरेको पहचानता नही है. मैं तेरी…’ रोहित की बात पूरी होने के पहले ही डिसूज़ा ने अपना हाथ उठा के रोहित को एक ज़ोरदार तमाचा मारा. तमाचा इतना ज़ोरदार था कि रोहित ज़मीन पर गिर पड़ा.

‘चल घर भाग जा. और अपनी मम्मी के निपल मूह में लेके बैठ जा’ रोहित का मूह रोने जैसा था और वो डर के मारे खड़ा हो के वहाँ से भाग गया. मुझे रोहित की यह हालत देख हँसी आ गयी मैं डिसूज़ा के सामने हसना नही चाहती थी पर मुझसे हँसी रोकी नही गयी. डिसूज़ा ने मुझे देख कर कहा ‘ऐसे चुतिये को क्यूँ बाय्फ्रेंड बनाया ? मैं तुझे टाय्लेट मे ही पहचान गया था. तेरी प्यास ऐसा चूतिया कभी पूरा नहीं कर सकता’ मैं डिसूज़ा की बात का जवाब दिए बिना वहाँ से घर की ओर चलने लगी. वो मेरे बगल में चलने लगा और बातें करने लगा.

‘तुझे एक तगड़े लंड की ज़रूरत हैं. चल मेरे साथ तुझे मैं ऐश कराता हूँ’

‘नहीं’

‘अरे इतनी नाराज़ क्यूँ हैं. मैने तेरा मूह चोदा था इसलिए क्या ?’

‘हां’

‘अरे तो ठीक हैं आज के बाद ऐसा नहीं करूँगा. मैं जानता हूँ तुझे मेरा लंड पसंद आया है’

‘मैं तुम्हारे साथ कभी सेक्स नहीं करूँगी’ मैने कह डाला.

‘अरे इतनी भी क्यों ज़िद करती हो.’

टीचर को जैल गये अब महीना हो गया था और एक तगड़े लंड की प्यास मुझे बहुत सता रही थी. पर मैं जानती थी कि मेने डिसूज़ा से सेक्स किया तो वो ज़रूर मेरे साथ कोई ज़बरदस्ती करेगा और मैने ये उसे कह डाला.

‘तुम्हारा क्या भरोसा अगर फिर से तुमने ऐसा कर डाला तो मैं तो मर भी सकती हूँ’

डिसूजा को अब मोका मिल गया था. उसने मुझे से प्यार से कहा ‘ठीक है. ऐसा करते है मेरे दो दोस्त है. दोनो जवान हैं और एक दम सलमान ख़ान जैसे दिखते हैं और एक दम गेंटल्मन. दोनो के 8 इंच लंबे लंड है. मैं उनसे बात कर लेता हूँ. तुम उनसे चुदवा कर ऐश करो मैं तुम्हे देख के मज़े ले लूँगा’

यह बात सुन के मेरे मूह मे पानी आ गया. टीचर और रोहित ने मुझे मिलके चोदा था तब मुझे कितना मज़ा आया था वो मुझे याद था

——–क्रमशः——–

3 तगड़े लंडो से एक साथ चुदने के ख्याल से मेरी चूत फड़क उठी थी. मेरी चूत की चुदाई इन hot indian sex stories का अगला भाग और भी धमाकेदार होना है..

और भी मस्त hindi sex kahani मिलेंगी My Hindi Sex Stories पर.

Hindi Sex Story के अन्य भाग-

पार्ट 1

पार्ट 2

पार्ट 3

पार्ट 4

पार्ट 5

पार्ट 6

पार्ट 7

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