हवस की पुजारन – V

By   October 23, 2016
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डिसूजा ने 2 जवान तगड़े लौड़ो से चुदाने का लालच दिया. 3 तगड़े लंडो से एक साथ चुदने के ख्याल से मेरी चूत फड़क उठी थी. मैं चल पड़ी. मेरी हवस की यात्रा की मस्त hotel sex story..

Hindi Sex Story के अन्य पार्ट-

पार्ट 1

पार्ट 2

पार्ट 3

पार्ट 4

पार्ट 5

पार्ट 6

पार्ट 7


डिसूजा को अब मोका मिल गया था. उसने मुझे से प्यार से कहा ‘ठीक है. ऐसा करते है मेरे दो दोस्त है. दोनो जवान हैं और एक दम सलमान ख़ान जैसे दिखते हैं और एक दम जेंटलमैन. दोनो के 8 इंच लंबे लंड है. मैं उनसे बात कर लेता हूँ. तुम उनसे चुदवा कर ऐश करो मैं तुम्हे देख के मज़े ले लूँगा’

यह बात सुन के मेरे मूह मे पानी आ गया. टीचर और रोहित ने मुझे मिलके चोदा था तब मुझे कितना मज़ा आया था वो मुझे याद था

और रोहित का तो लंड छोटा सा था. दो जवान और 8 इंच लंबे लंड से चुद कर कितना मज़ा आएगा यह मैं सोचने लगी. डिसूज़ा मुझे देख जान गया कि मुझे दो लंड से चुदवाना था.

‘चल अभी टॅक्सी कर के होटेल निकल लेते हैं. मैं उनको फोन कर के वहाँ बुला लेता हूँ’ यह कह के उसने टॅक्सी बुला ली. मैं कुछ भी कहे बिना टॅक्सी मे उसके साथ बैठ गयी और हम एक 5 स्टार होटेल की ओर चल पड़े. मेरा जो हाल होने वाला था उसका मुझे कोई अंदेशा नही था…

टॅक्सी मैं बैठ डिसूज़ा ने किसी मिस्टर शर्मा और मिस्टर. वर्मा को होटेल बुला लिया. मैने भी अपने घर फोन करके कह दिया कि मैं दोस्त के घर जा रही हूँ और तीन चार घंटे बाद आऊँगी. फोन रखते ही डिसूज़ा ने मुझे अपनी बाहों में जाकड़ लिया और मेरे पूरे चेहरे को चूमने लगा और मेरे शर्ट के उपर से ही मेरे बूब्स को मसल्ने लगा.

‘कितने दिनो से इसका इंतेज़ार था मेरी रानी’

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टॅक्सी ड्राइवर ने अपने काँच में देखा एक मोटा गेंड जैसा आदमी एक जवान स्कूल की लड़की को दबोच रहा था. काँच में मेरी आँखें ड्राइवर की आँखों से मिली. मैं बेशरम की तरह उसे देखती रही. उसके सामने ऐसी गंदी हरकत करने से मुझे मज़ा आने लगा.

डिसूज़ा ने मेरा हाथ ले कर अपने लंड पे रख दिया. मैं लंड को पॅंट के उपर से सहलाती रही. लंड की लंबाई महसूस कर मुझे बहुत सेक्स चढ़ गया. इतने दिनो बाद कोई असली मर्द मेरा इस्तामाल कर रहा था और इससे मुझे बहुत मज़्ज़ा आ रहा था. मैने डिसूज़ा का हाथ ले अपने स्कर्ट के अंदर डाल दिया.

‘बहुत सेक्स चढ़ गया है?’ वो मुस्कुरा के बोला. उसने अब मेरी पॅंटी के उपर मेरी चूत पे उंगलियाँ फिराना शुरू कर दिया. मैं पागल हो रही थी. मुझे अभी के अभी चुदाई करनी थी. मैने डिसूज़ा की पॅंट को खोलने की कोशिश की. डिसूज़ा हँसने लगा ‘इतनी उतावली मत हो मेरी जान. होटेल आ ही गया हैं.

अंदर रूम में दो लौडे तेरा इंतेज़ार कर रहे हे’. अब मैं चुदाई के लिए पागल हो रही थी. होटेल पे पहुच के हम तुरंत अपने सूयीट में पहुच गये.

सूयीट के अंदर घुसते ही डिसूज़ा ने मुझे पीछे से अपनी बाहों में भर लिया. उसका एक हाथ मेरे बूब्स मसल रहा था और दूसरा हाथ स्कर्ट के अंदर जा कर मेरी चूत मसल रहा था.

मैने होटो से ‘आआआअहह….सस्स्स्सस्स…’ की सिसकारी निकल रही थी. डिसूज़ा दस मिनिट तक मुझे मसलता रहा. मैं पागल हो रही थी. मुझे अब उसके मोटे लंड से चुदाई करनी थी. उसने अचानक मुझे छोड़ दिया और कहा.

‘बेडरूम में दो लोग तेरा इंतेज़ार कर रहे हैं. दोनो जंगली कुत्ते हैं तुझे बहुत मज़ा आएगा’ ये कह कर डिसूज़ा मुझे बेडरूम तक ले गया. मैं अब बेकाबू हो रही थी. डिसूज़ा बाहर ही रहा और मुझे बेडरूम में भेज दिया.

मैं रूम में गयी तो अंदर जो आदमी थे वो डिसूज़ा के कहने से बिल्कुल अलग थे, वो जवान लड़के नहीं पर दो बूढ़े थे. वो दिखने में सलमान ख़ान नही पर शक्ति कपूर जैसे थे. दोनो के चेहरे पे काफ़ी झुर्रिया थी, मेरे हिसाब से वो करीब 60 साल के होंगे और सोफा पे बैठे थे. मुझे उनको देख के लगा कि ये तो बहुत बूढ़े हैं, ये क्या चुदाई करेंगे.

वो दोनो मुस्कुरा कर मुझे नीचे से उपर घूर रहे थे. उनमे से एक ने दूसरे से मुस्कुरा कर कहा ‘यह तो बिल्कुल मेरी पोती की उमर की हैं’. दूसरे ने कहा ‘बिल्कुल कटरीना कैफ़ दिखती हैं’ मेरी तरफ मूड के कहा ‘क्या नाम हैं तुम्हारा बेटी ?’

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वो मुझे एक होटल में ले गए

‘पायल’

‘पायल बेटी आओ यहाँ सोफा पर आके हमारे बीच में बैठो. मेरा नाम राज शर्मा हैं और यह मेरे दोस्त मिस्टर. वर्मा’

डिसूज़ा ने मेरी चूत से खेल खेल के मुझे सेक्स के लिए भूका कर दिया था.

मेने सोचा कि ये दो को 15 मिनिट में खुश करके में बाहर जा के डिसूज़ा के साथ सेक्स करूँगी. मैं उनके बीच जाके बैठ गयी.

मैं अब दो 60 साल के बूढो के बीच बैठी थी. सोलाह साल का मेरा जवान जिस्म देख दोनो के लंड में हुलचूल हो रही थी. मुझे भी ऐसी गंदी चीज़ करने से मज़ा आ रहा था.

‘तुम्हारी उमर क्या है बेटी’ मिस्टर. वर्मा ने कहा

‘में 18 साल की हूँ’

अब दोनो ने अपने हाथ मेरी जाँघो पे रख दिए थे और उसे सहला रहे थे.

‘स्कूल से सीधी आई हो ?’

‘जी हां’

दोनो के हाथ अब मेरी स्कर्ट के नीचे से हो कर सहलाते सहलाते मेरी पॅंटी तक पहुच गये थे. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

‘वेरी गुड. यह बताओ बिटियाँ रानी तुम कौनसी क्लास में पढ़ती हो’

‘जी में 10थ क्लास में पड़ती हूँ’

वो दोनो बुड्ढे पता नहीं क्यूँ मुझे बेटी और बिटियाँ कह रहे थे. मुझे लगा कि शायद उन दोनो को मुझे बेटी कह कर चोदने में और भी मज़ा आएगा.

मिस्टर. वर्मा ने अब अपने हाथ से मेरी चूत को पॅंटी के उपर से सहलाना शुरू कर दिया. मैने अपनी टांगे फैला दी.

‘लगता हैं कि 18 साल की लड़की के हिसाब से तुम्हारे बूब्स काफ़ी बड़े हैं’ मिस्टर. राज शर्मा ने मेरे बूब्स को देखते हुए कहा.

‘जी हां मिस्टर. शर्मा’

तो दोस्तो आपने देख की हमारी सेक्स की पुजारन अपनी हवस की वजह से बूढो के पास अपनी जवानी लुटाने को बेताब है

मिस्टर वर्मा ने अब मेरी पॅंटी के अंदर हाथ डाल दिया था और मेरी चूत को उपर उपर से सहला रहे थे. उनकी उंगलियाँ और मिस्टर शर्मा की बातें से में बहुत गरम हो रही थी.

‘तुम्हारा कप साइज़ क्या हैं बेटी’

‘जी डबल डी’

‘वाह बहुत खूब. हमे दिखाओ गी ?’ यह कह के मेरे जवाब देने से पहले उन्होने मेरे बटन फटाफट खोल दिए और मेरा शर्ट खोल दिया. मैने ब्रा नहीं पहनी थी मेरी शर्ट के खुलने से मेरे बूब्स दोनो के सामने आ गये. दोनो की आँखों में चमक आ गयी. कुछ कहे बिना ही दोनो मेरे बूब्स पे टूट पड़े.

दोनो बूढ़े मेरे बूब्स को ज़ोर से चाटने और चूसने लगे. उनके मूह से ‘स्ल्ल्ल्ल्लर्र्र्र्र्र्र्र्रप्प्प्प्प्प… स्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लर्र्र्र्र्र्र्र्रप्प्प्प्प्प्प’ की आवाज़े आ रही थी, मेरे दोनो बूब्स उनकी थूक से पूरे गीले हो कर चमक रहे थे. बीच बीच में वो मेरे निपल को दांतो तले काट लेते तो मेरे सारे बदन में करेंट दौड़ जाता.