हवस की पुजारन – II

By   October 6, 2016
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ये मैंने क्या कर दिया था, अपनी सील मैंने एक public bathroom में किसी अजनबी से तुडवा ली थी, पर सच कहूँ मज़ा भी बहुत आया था. मेरी इस slut sex story का अगला पार्ट-

Hindi Sex Story के अन्य भाग-

पार्ट 1

पार्ट 2

पार्ट 3

पार्ट 4

पार्ट 5

पार्ट 6

पार्ट 7


घर पे जाने के बाद मैं तबीयत खराब होने का बहाना कर के अपने बेडरूम में जा के लेट गयी. मेरे दिमाग़ में सिर्फ़ वो बड़े बड़े लंड थे. में चदडार के अंदर लेटी हुई थी और अपनी चूत से खेल रही थी. में सोचती रही के कैसे मैने इतना बड़ा लंड अपने मूह में लिया और कैसे मैने इतना सारा वीर्य पिया. यह सोच सोच कर में अपनी चूत से खेलती रही. पूरी शाम और सारी रात में चूत से खेलती रही, पता नही कितनी बार में झार गयी. इतना चूत को मसल्ने के बावजूद मुझे चैन नहीं आ रहा था.

अगले दिन स्कूल में भी यह ही हाल था. क्लास में बैठे बैठे मैं सिर्फ़ यह सोच ती रही कि कब स्कूल ख़तम हो और में फिर से उस टाय्लेट में जाउ. सारे वक़्त में सोचती रही कि वो टीचर उस लड़के की गांद कैसे मारेगा.

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आख़िर स्कूल ख़तम हो गयी. मैने देखा कि स्कूल ख़तम होते ही में रोहित के पीछे स्कूल से निकल गयी. पर वो बहुत तेज़ी से चल रहा था और आगे निकल गया. मुझे ऐसा लग रहा था कि उसे भी गांद मरवाने की जल्दी होगी.

मैं वो जेंट्स मूत्रालय तक पहुच गयी. दरवाज़ा खुला था. मैं धीरे से अंदर गयी. अंदर जाते ही मैने आवाज़ सुनी. ‘कैसी हो मेरी जान. फिर से लंड चाट ने आई हैं क्या ?. मैं तुम्हारा ही इंतेज़ार कर रहा था’ मुझे आवाज़ से पता चल गया कि यह वो डिसूज़ा था. वो करीब 45 साल का होगा. वो काफ़ी मोटा सा आदमी था.

मुझे वो परेश रावल जैसा दिख रहा था. वो मुझे घूर के देख रहा था और में बहुत डर गयी थी. एक सेकेंड के लिए लगा कि में मूड के वाहा से भाग जाउ पर मुझे अंदर जा कर लड़के की गांद मर्राई भी देखनी थी. में झट से भाग के बीच वाले टाय्लेट में घुस गयी और दरवाज़ा बंद कर दिया. मैने अपने पीछे डिसूज़ा को भी बगल के टाय्लेट में आते सुन लिया.

मैं बहुत डरी हुई थी. मैं फिर से कुतिया की तरह ज़मीन पे बैठ के बगल वाले टाय्लेट में छेद से देखने लगी और अंदर का नज़ारा देखते ही मेरा सारा डर गायब हो गया. रोहित ज़मीन पे बैठ टीचर के बड़े और काले बाल चाट रहा था.

टीचर का काला लंड आधा खड़ा था और रोहित के चेहरे पे टीका हुआ था. अपने लंड को रोहित के चेहरे पर घिस रहा था. ‘अया.. ज़ोर से चाट मेरे बॉल को’ टीचर ने कहा. धीरे धीरे वो काला लंड कड़क हो कर खड़ा हो गया. टीचर दिखने में एकदम ही गंदा था, पूरा काला, सारे शरीर पर घने बाल, मोटा पेट, ऐसे आदमी से तो में आज से पहले बात भी नही करती. पर उसका मोटा और लंबा लंड मुझे उसका दीवाना बना रहा था.

लंड देख कर मेरा जी चाह रहा था कि काश मुझे उस लंड को चूसने को नसीब हो. ‘चल अब घूम जा’ टीचर ने कहा. लड़का घूम के कुत्ते के जैसे हो गया. टीचर ने अब अपने मूह से अपने लंड पे दो तीन बार थुका और वो थूक अपने हाथ से लंड पे फैलाने लगा. फिर उसने लड़के की गांद को दोनो हाथों से फैलाकर उसके गांद के छेद पे भी थूक दिया. टीचर अब लड़के की गांद दोनो हाथो से मसल रहा था और अपना पूरा लंड गांद के बीच घिस रहा था. रोहित ‘आआआआअहह….. आआआआआहह’ कर के सिसकियारी भर रहा था.

‘मज़ा आ रहा हैं ?’ टीचर बोला

‘हां टीचर जी’

‘लंड चाहिए अपनी गांद में ?’

‘हां टीचर पर धीरे से प्लीज़’

‘तो ये ले’ ……

‘तो यह ले’ ऐसा कह कर टीचर ने अपना लंड रोहित के गांद के छेद पे रख के एक झटका दिया और उसका दो इंच तक लंड गांद में घुस गया.

‘आाऐययईईईईईई’ रोहित ज़ोर से चीखा.

‘आआआआअहह…. क्या टाइट गांद हैं’ यह कह कर टीचर ने और एक धक्का दिया और उसका लंड 4 इंच तक गांद में घुस गया. रोहित फिर से चिल्लाया. ‘चिल्लाना बंद कर साले कुत्ते’. टीचर अब लंड 4 इंच तक अंदर बाहर कर रहा था. मैने देखा कि रोहित का भी लंड खड़ा था. शायद उसे दर्द के साथ साथ मज़ा भी आ रहा होगा.

दस मिनिट तक टीचर ऐसे ही उसकी गांद मारता रहा फिर उसने पूछा ‘अब ठीक हैं?’. रोहित ने सर हां में हिलाया. टीचर ने अपना लंड लगभग पूरा बाहर निकाल एक और धक्का लगाया और उसका 6 इंच तक लंड अंदर घुसेड दिया. रोहित फिर से चिल्लाया अब कुछ देर तक टीचर ने रोहित की 6 इंच तक गांद मारी. ‘अब नहीं रहा जाता’ ऐसे कह कर टीचर ने फिर से लगभग पूरा लंड निकाल के एक तगड़ा झटका और मारा. लंड पूरा रोहित की गांद चीरते हुए अंदर तक चला गया.

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झटका इतना ज़ोरदार था कि रोहित के हाथ फिसल गये और वो गिर पड़ा. अब वो ज़मीन पर पेट तले सीधा लेटा हुआ था और चीख रहा था. टीचर का पूरा लंड उसके गांद में घुस गया था और वो ‘आआअहह आआआआआआआहह’ की आवाज़े निकाल के मज़े ले रहा था. दो मिनिट तक टीचर ने अपना पूरा लंड रोहित की गांद में रखा, रोहित ने भी चीखना बंद किया.

अब टीचर ने लंड अंदर बाहर करना शुरू कर दिया. टीचर का मोटा लंबा और काला लंड रोहित की छोटी सी गोरी गांद में घुसता देख मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. मैं जानती थी कि वो देसील्वा बाजू की टाय्लेट से मुझे देख रहा हैं पर मुझे अब बहुत सेक्स चढ़ गया था. मैने अपना स्कर्ट उपर कर लिया और अपनी पॅंटी के उपर से ही अपने गांद के छेद पे उंगली रख कर ज़ॉरो से मसल्ने लगी.

टीचर ने अब ज़ोर से रोहित की गंद मारना शुरू कर दिया था. रोहित ज़मीन पे पेट तले सीधा लेटा था और टीचर के धक्कों से ज़मीन पे आगे सरक रहा था. उसको सरकने से रोकने के लिए टीचर ने अपने एक हाथ से उसके बाल पकड़ के उसको खीच लिया.

दूसरा हाथ टीचर ने उसके चेहरे पे रख के दो उंगलियाँ उसके मूह में डाल दी ताकि वो चीखना बंद कर दे. अब टीचर ज़ॉरो से रोहित की गांद में अपना लंड अंदर बाहर कर रहा था. टीचर कोई जंगली जानवर जैसा लग रहा था.

एक तो वो इतना काला, मोटा और घने बाल वाला था उपर से उसका मूह खुला था, जीब थोड़ी सी बाहर थी और उसके मूह से थोड़ी थोड़ी थूक टपक रही थी. ऐसा लग रहा था कि गांद मारके उसे इतना मज़ा मिल रहा हो कि वो बाकी सब सूदबुध गवाँ बैठा हो. वो आवाज़े भी जानवर जैसी निकाल रहा था ‘आआआआआआहह.. आआआआआहह’ .

हरेक धक्के पे वो रोहित के बाल खिचके उसे सरकने से रोक लेता. वो रोहित को ऐसे ही ज़ोरदार पंद्रह मिनिट तक चोद्ता रहा. फिर अचानक वो और ज़ोर से ‘आआआआआ अहह… आआआआआआअहह’ करके चिल्लाने लगा और बहुत ही तेज़ी से गांद मारने लगा. रोहित का, इतनी ज़ोर की चुदाई ले कर बुरा हाल हो गया था.