ईशा की दीदी के कारनामें

By   October 17, 2016

हेलो फ्रेंड्स, मेरा नाम ईशा है और मैं एक छोटे से शहर – उदयपुर की रहने वाली हूँ. ये sex story in hindi मेरी दीदी की कहानी है जिन्होंने अपनी जवानी के भरपूर मज़े लिए, मैं उन सबकी साक्षी थी. शुरुआत होती है एक lesbian sex story से..

Hindi Sex Story के अन्य भाग-

पार्ट 1

पार्ट 2

पार्ट 3

पार्ट 4

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अब मैं, एक मेट्रो सिटी में रहती हूँ.

मेरी उम्र, 22 की है.

फिगर – “32 28 34” है.

रंग गोरा है.

मैंने इसी साल, बी सी ए पूरा किया है.

मेरी कहानी की शुरूवात, 12 वी की क्लास से हुई थी.

सो, मैं वहीं से स्टार्ट करती हूँ.

मेरे डैडी, दुबई में जॉब करते हैं और मेरी मम्मी रेलवे में क्लर्क हैं.

मेरी एक दीदी भी है, जो अब 32 की है और उसके अब 2 किड्स भी हैं.

सो, बात उन दिनों से स्टार्ट हुई, जब मैं 11 वी या 12 वी में थी और मेरी दीदी 21 की.

मेरी दीदी, काफ़ी सुंदर थी और अब भी है और आज भी मेरी रोल-मॉडेल है.

दीदी, जब जवान रही तो काफ़ी लोचे भी रहे.

मैंने सेक्स के बारे में, उससे काफ़ी कुछ जाना.

मम्मी के दफ्तर जाने के बाद, वो फोन पर अपने बॉय फ्रेंड से काफ़ी गंदी-गंदी बातें किया करती थी.

मुझे काफ़ी अजीब फील होता था की मेरी दीदी, ये कैसी कैसी बातें करती है और अब वही बातें, मेरी लाइफ का एक हिस्सा बन चुकी हैं.

आगे हुआ यूँ की हमारे एक न्यू पड़ोसी आए.

वो, एक “कपल” था.

राजन (32) और रुपाली आंटी (27).

दोनों काफ़ी सुंदर थे, किसी फिल्मी कपल की तरह.

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दीदी को राजन अंकल, काफ़ी पसंद आ गये.

उन्होंने, रुपाली आंटी से फ्रेंडशिप कर ली.

कुछ ही दिनों में उन दोनों मे काफ़ी अच्छी फ्रेंडशिप हो गई.

दीदी को रुपाली आंटी की संगत ने काफ़ी बिगाड़ा.

रुपाली, दीदी को ब्लू फिल्म्स की सी डी देती थी और दीदी उन्हें, घर पर आकर देखती थी.

अब तो ये रोज का ही शेड्यूल बन गया था.

isha ki didi ke kaarname lesbian sex story

मेरी दीदी कमाल की है

एक दिन, मैंने वो दीदी को देखते हुए देखा तो दीदी थोड़ी परेशान हुई की कही मैं मम्मी से बता ना दूँ पर उन्होंने मुझे मना लिया और उसके बाद, हम दोनों रोज साथ मे फिल्म देखने लगी.

दीदी ने मुझे चूत में उंगली करने के बारे में बताया.

सो, हम दोनों रोज ब्लू फिल्म देखती थी और साथ में फिंगरिंग करके मज़े लेती थीं.

कुछ दिनों बाद, मम्मी को शादी में गाँव जाना पड़ा.

डैडी तो दुबई में ही थे.

रुपाली आंटी ने कहा की वो हम दोनों का ख़याल रखेगी और साथ ही रहेगी.

सो, मम्मी को चिंता मुक्त होकर जाने मे कोई प्राब्लम नहीं हुई.

रुपाली आंटी “साँवली” थी पर काफ़ी सुंदर थी.

काफ़ी सेक्स अपील था, उनमें.

वो अपने साथ, कुछ कपड़े भी लेकर आ गई.

उन्होंने दीदी से इशारों – इशारों में मेरे बारे में कुछ पूछा तो दीदी ने कहा – ईशा के बारे में चिंता ना करो, रुपाली दीदी…

रात में डिनर के बाद, हम तीनों एक ही रूम मे सोने आए.

रुपाली आंटी, मेरे से कुछ हेज़िटेट कर रही थी.

दीदी ने उनको बाद में मुझसे खोला.

फिर उन्होंने, एक ब्लू मूवी ली और उसे सी डी प्लेयर में लगाकर प्ले किया.

क्या मस्त सी डी थी.

उसमें एक लड़की थी और 6 लड़के.

तीन लड़के, एक साथ उस लड़की के मुँह, गांड और चूत में ज़ोरदार धक्के लगा रहे थे.

दीदी, अपने बूब्स खुद ही मसल रही थी.

मेरा भी बुरा हाल था.

रुपाली आंटी, काफ़ी शांत थी और हम दोनों को देख रही थी.

दीदी ने आंटी की तरफ देखा तो आंटी ने पूछा – ईशा किसी से कह तो नहीं देगी ना… ??

दीदी ने कहा – ईशा की चिंता ना करो… ये 12 वी क्लास की है पर काफ़ी समझदार है… मेरी प्यारी सी छोटी बहन है ये…

ये बोल के दीदी ने मेरी स्कर्ट उतार दी.

मैं छोटी सी स्कर्ट और सैंडो पहनी हुई थी.

अगले दिन शनिवार और रविवार था. नो स्कूल.

उसके बाद, दीदी ने मेरी चड्डी भी उतार फेंकी.

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मेरी नंगी, कुँवारी, चिपकी हुई चूत सामने थी.

मुझे दीदी से कोई प्राब्लम नहीं थी पर आंटी से थोड़ी शरम महसूस हुई पर दीदी ने मुझे इसका टाइम नहीं दिया.

दीदी ने मेरा हाथ आंटी की गोद में दे दिया और मेरी चूत में जीभ डाल कर, सक करने लगी.

मेरी चूत पर उस टाइम तो बाल मतलब कहना चाहिए “झांटें” नहीं आए थी.

हल्के हल्के, रुएदार बाल थे.

आंटी ने कहा – ईशा तो एकद्म मस्त आइटम है… जाने कितनो को घायल करेगी…

दीदी ने कहा – हाँ की नहीं, बहना…

अब आंटी ने मेरी सैंडो भी निकाल फेंकी.

आंटी ने दीदी से मेरी न्यूड पिक्चर्स लेने की रिक्वेस्ट की और थोड़ा मनाने के बाद, दीदी भी मान गई.

उन दोनों ने उस रात, मेरी हर तरह से काफ़ी न्यूड पिक्चर्स लिए.

मेरे कलेक्शन में, वही न्यूड पिक्चर्स मेरी लाइफ के बेस्ट न्यूड पिक्चर्स हैं.

एक घंटे तक मेरी न्यूड पिक्चर्स लेने के बाद, आंटी और दीदी दोनों नंगी हुई.

मैं उन दोनों के बदन को निहारती रह गई.

दीदी तो थी ही गोरी 5.5 फीट “34 28 36” की और आंटी साँवली 5.7 फीट “36 30 38” बहुत ही कामुक और लॉट ऑफ सेक्स अपील.

थोड़ी देर तक, उन दोनों ने लेज़्बीयन सेक्स किया.

एक दूसरे को किस्सिंग करते हुए दीदी के मुंह से आवाज़ आई – आज, सहन के बाहर हो गया है… मेरे लिए, लण्ड का इंतज़ाम करवा दो ना, दीदी…

आंटी ने बोला – पगली, उंगली से ही शांत हो जा… पर दीदी ने बोला – आज तो लण्ड चाहिए ही चाहिए…

आंटी ने बोला – ठीक है… कुछ करती हूँ… बुला ले, अपने कॉलेज के दोस्तों को, फोन कर के…

दीदी ने नंबर दिया.

आंटी ने नंबर लिया और अपने मोबाइल से कुछ लड़कों को रिंग किया और उनसे कामुक बातें की और तुरंत मिलने को बुलाया.

2 लड़के, आने को तैयार हो गये.

फिर आंटी ने अपने हसबैंड को बुलाया.

मुझे अंदर रूम में शिफ्ट कर दिया गया और बाहर से मेरा रूम भी लॉक कर दिया गया.

उस रूम से, मैं सब कुछ लगी हुई विंडो से देख सकती थी.

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मैं रूम की लाइट बुझा के उन लोगों का वेट करने लगी.

10 मिनिट बाद, राजन अंकल आए.

रुपाली आंटी ने डोर खोला.

राजन ने पूछा – इतनी रात में क्यों बुलाया… ??

आंटी ने आँख मार के, कुछ इशारे से समझाया.

खैर, राजन अंकल रूम में आए और दीदी के साथ सोफे पर बैठ गये.

(उस टाइम तक, हम सबने कपड़े पहन लिए थे.)

10 मिनिट बाद, आंटी ने अंकल और दीदी को बेडरूम में जाकर वेट करने को कहा.

वो दोनों, बेडरूम में आ गये तभी डोर बेल बजी.

आंटी ने डोर ओपन किया तो 2 खूबसूरत लड़के एंटर हुए.

लगभग 6 फीट लंबे, मस्क्युलर..

आंटी ने उनसे बोला – बेडरूम में एक कॉलेज गर्ल, उनका वेट कर रही है… जो उन्हीं के कॉलेज से है और एंट्री फीस सिर्फ 10,000/- है… इतना अमाउंट दो और फुल नाइट, उसको चोदो…

वो दोनों लड़कों को यकीन नहीं हुआ.

वो बोले – हमें उस लड़की को पहले देखना है…

आंटी ने बोला – पैसे हाथ में दो और अंदर जाओ… विश्वास करो, अगर मेरी बात सच ना निकले तो मेरी चूत मार लेना… जैसे भी चोद ना… मैं मना नहीं करूँगी…