मैं चूतिया हूँ

By   January 31, 2018
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आदमी कितना ही होशियार क्यूँ न हो, खूबसूरत माल लड़की को देख के उसका दिमाग ख़राब हो जाता है. और अगर वो माल एक चुदासी औरत हो तो उस आदमी को आसानी से चूतिया भी बना सकती है. एक मस्त cheating hindi sex story पेश है..


ये घटना कुछ महीने पहले ही है. मेरे लिए एक रिश्ता आया था. मेरी शादी से पहले ही मेरे रिश्तेदारों से बताया था की मेरी नये मिजाज की खर्चीली और बहुत ही फैशन परस्त बीबी कामिनी अल्टर है और शादी से पहले ही कई लडकों से चुदवा चुकी है. पर जब मैं उसको देखने गया तो मेरे मुँह में कामिनी को देखकर पानी आ गया.

वो बड़ी कटीला माल थी. मैंने सोच लिया की चाहे तो कितने की लौंडो से क्यूँ ना चुदवा चुकी हो, पर अब मैं उससे शादी कर लूँगा और बाकी ही जिन्दगी मस्ती से उसकी बुर मारूंगा. मैं कामिनी से शादी कर ली. आखिर मेरी सुहागरात का दिन आ गया. आज कामिनी जैसी मस्त माल को चोदने को मिलेगा. मैं उसे नंगा कर लिया. उसकी चूत किसी सीपी की तरह हाथ से खोली तो चूत काफी फटी हुई थी. निश्चित तौर पर कामिनी के कई बॉयफ्रेंड होंगे जो उसे रोज चोदते होंगे. पर दोस्तों कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है. मैं श्री राम का लेकर मैं भी लौड़ा लेकर कामिनी के भोसड़े में कूद गया और खूब चोदा साली को. सुहागरात वाले दिन से १० दिन तक मैं उसे रात में सोने ही नही दिया. वियाग्रा खा खाकर मैं अपनी नई इश्कबाज बीबी कामिनी को रात पर लेता रहता. उसे एक मिनट के लिए भी नही सोने देता. मैं उसे चोद चोदकर खूब मजे मारे. मेरी बीबी को और लडकों से शादी से पहले २ ४ बार चोद लिया तो क्या , अब बाकी की जिन्दगी तो मैं उसकी हसीन फुद्दी मारने वाला था. दोस्तों, ये सोच सोचकर मैं बहुत खुश था और फूले ना समाता था. मैंने ये शादी करके अपनी जिन्दगी का सबसे अच्छा फैसला किया था.

पर बाद में मेरी बीबी कामिनी जब किसी और मर्द को देख लेती तो उसकी तरह फिसल जाती. जब सुबह अख़बार वाला, दूधवाला आता तो मेरी चुदासी जवान बीबी उससे देर देर तक बातें करती रहती. और लंड ढूंढा करती, कभी वो नौकर को लाइन देती तो कभी सब्जीवाले को. मेरी बीबी निश्चित तौर पर नये नये लंड तलाश करती. ये सब बात मुझे मेरे पड़ोसियों ने बताई “गुड्डू !! बाबू !! लाये तो बड़ा कटीला माल हो. पर इसको रोज पेलना. वरना तुम्हारे जाने के बाद ये छिनाल और मर्दों पर भी लाइन मारती है!!!..अगर इसे मौका मिला तो ये रंडी बाहरी मर्दों से तुरंत चुदवा लेगी” मेरे पड़ोसियों ने मुझे बताया. ये सुनकर तो मेरे कान खड़े हो गये. मैं अब अपनी चुदासी और लौड़े को प्यासी बीबी कामिनी पर जादा नजर रखने लगा. की कहीं ये मौका मिलने पर बाहरी मर्द से चुदवा ना ले. अब मैं कामिनी को रोज लेने लगा. क्यूंकि मैं उसको रोज खुराक नही देता तो वो जरुर किसी बाहरी मर्द की तरह चली जाती. बेडरूम में जाते ही मैं उसे किसी सस्ती बाजारू रंडी की तरह नंगा कर देता और खूब चोदता कुतिया को.

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एक सेकेंड भी उसे मैं चड्ढी नही पहनने देता. पूरी रात उसकी बुर को ढीला करता रहता. अब मैं कामिनी पर जादा नजर रखता. उसे गैर मर्द से नही मिलने देता. कुछ दिन बाद कामिनी को माहवारी आना बंद हो गयी. उसने मुझे बताया.

“सुनिए जी !! आप ने मुझे एम् सी में जो सारी रात पेला था, उसके बाद से मेरी माहवारी नही आई है. डॉक्टर को दिखाऊँ क्या???’ कामिनी बोली. मैं अभी बच्चे पैदा करने के मूड में नही था. क्यूंकि बच्चे होते तो मैं कामिनी को ठोंक नही पाटा. उसका मेरी तरफ लगाव कम हो जाता. इसलिए मैंने एक दिन अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली, बाइक पर उसे बिठाकर मैं डॉक्टर रस्तोगी के पास ले गया. वो एक तरह से मेरे फॅमिली डॉक्टर थे. मेरे घर के पास थे. फिस भी कम लेते थे. इलाज भी अच्छा करते थे. इसलिए मैं उसने ही दवा लेता था. मेरा नम्बर आते ही मैं कामिनी को लेकर उनके चैम्बर में गया. डॉक्टर रस्तोगी बहुत ही मिलनसार आदमी थे. मुझे देखते ही मुस्कारने लगे.

“हेलो मिस्टर गुड्डू! कैसे है आप??….बताइये क्या दिक्कत है??’ डॉक्टर रस्तोगी हसंते हुए बोले

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मेरी चुदासी बीवी

“डॉक्टर साहब ये मेरी बीबी है कामिनी. इसे इस हफ्ते माहवारी नही आई है. ठीक से चेक कर लीजिये!’ मैंने कहा. जैसे ही डॉक्टर रस्तोगी ने मेरी कटीली छमिया कामिनी को देखा उनका लौड़ा तुरंत हरकत करने लगा. १० मिनट तक तो वो मेरी बीबी के रूप को आँखों से पीते रहे. सायद और मर्दों की तरह कामिनी उनको एक नजर में भा गयी थी. मेरी औरत के सामने यही दिक्कत थी. जो मर्द उसे एक बार देख लेता था, वो उसे बार बार देखता था और मन ही मन में मेरी जवान माल बीबी कामिनी को चोदने लग जाता था. ठीक ऐसा ही डॉक्टर रस्तोगी के साथ हुआ. मेरी बीबी की खूबसूरती का जादू उनपर पहली ही नजर में चल गया. उनका लंड भी तुरंत खड़े हो गये. मेरी बीबी कामिनी तो पहले से ही गैर मर्दों को देखकर फिसल जाती थी. वो भी आँखों ही आँखों में डॉक्टर रस्तोगी को ताड़ने लगी. सायद वो भी डॉक्टर साहब से चुदवाना चाहती थी.

“ठीक है गुड्डू जी , आप बाहर वेट करिए. मैं अच्छे से आपकी बीबी का चेकअप कर लेता हूँ. मैं उठकर बाहर चला गया. मेरी बीबी का दिल डॉक्टर रस्तोगी पर पूरी तरह से आ गया था. डॉक्टर ने उसे अपने पास वाली कुर्सी पर बिठा लिया और आले उककी पीठ, सीने, और पेट में लगाने लगे. मेरी चुदासी और सीटियाबाज बीबी हसने लगी. धीरे धीरे डॉक्टर साहब उसे यहाँ वहां छूने लगे. कामिनी मजे अच्छे मजाकिया मूड में थी. वो भी हाथ उठा उठाकर डॉक्टर साहब को अपना कटीला और तीखा बदन दिखाने लगी. धीरे धीरे दोनों चुम्मा चाटी करने लगे. मैं किसी चूतिया की तरह बाहर वेटिंग रूम में बैठ के फेसबुक चला रहा था. यहाँ डॉक्टर के चेम्बर में मेरी बीबी इश्कबाजी कर रही थी. धीरे धीरे डॉक्टर रस्तोगी मेरी चुदासी छिनाल बीबी के मम्मे दबाने लगे. कामिनी मजे से दबवाने लगी. दोनों में तुरंत दोस्ती हो गयी. क्यूंकि आवारा औरतों को बड़े आराम से आवारा मर्द भी मिल जाते है. ठीक यही हुआ था मेरे साथ.

बाहर बैठकर मैं तू सोच रहा था की मेरी बीबी चेकअप करवा रही है. पर वो तो छिनालपन का सुख उठा रही थी. बहनचोद डॉक्टर कभी मेरी बीबी का दिल चेक करता कभी सीना. वो धीरे धीरे उसके ३६” के दूध दबाने लगा. कामिनी को भी मजा मिलने लगा. फिर वो मेरी बीबी का गोरा उज्जर उज्जर नर्म खाल वाला पेट साडी के नीचे से चूमने लगा. फिर उसने कामिनी को अचानक पकड़ लिया और गाल , गले और ओंठो पर बेतहाशा चुम्मा चाटी करने लगा. कामिनी भी बड़े दिनों ने किसी बाहरी मर्द का लौड़ा खाना चाहती थी. डॉक्टर रस्तोगी के मिलकर कामिनी को भी बहुत अच्छा लगा. उसका बाहरी लंड खाने का काम भी बन गया.

“डॉक्टर साहब , अगर मुझे चोदने का मन हो तो चोद लीजिये!! ये राज सिर्फ आपके और मेरे बीच रहेगा” कामिनी ने अपनी चूत डॉक्टर रस्तोगी को ऑफर कर दी. वो तो किसी नई चूत मारने के मूड में तो था ही.

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