मेरी बीवी लेस्बियन निकली

By   May 3, 2018
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एक सुन्दर बीवी पाकर में ख़ुशी से फुला नहीं समां रहा था. लेकिन अपनी बीवी की एक सच्चाई जब मुझे पता चली तो मेरी दुनिया ही पलट गयी.. एक जबरदस्त lesbian story पढ़िए..

Desi Kahani के अन्य भाग-

पार्ट 1

पार्ट 2

पार्ट 3

पार्ट 4


“अब मेरा क्या होगा??”

आज से चार साल पहले मैंने यही बात कही थी अपने कुछ करीबी रिश्तेदारों को बताई थी जब मेरी शादी को दो महीने हुए थे. मेरी शादी वैशाली से हुई थी. मैं बहुत खुश था. वैशाली बहुत ही खुबसूरत थी. मेरे सारे दोस्त बहुत जले थे जब उन्होंने वैशाली को देखा था. वैशाली का रंग गुलाबी गोरा था. अच्छा कद और हुस्न की मल्लिका. हर अंग तराशा हुआ. कहीं कोई कमी नहीं निकल सके ऐसा हुस्न था उसका. मैं अहमदाबाद के नजदीक मणिनगर की एक फैक्ट्री में काम करता था. फैक्ट्री की अपनी कालोनी थी. मुझे वहीँ एक छोटा बंगला मिला हुआ था. बंगले में दो फ्लैट थे. एम् में मैं और दूसरे में एक पटेल परिवार रहता था. पटेल साहब हमारी फैक्ट्री में काम करते थे. उनके एक बेटा भी था जो दूसरी जगह काम करता था. वो भी मेरी ही उम्र का था. उसकी पत्नी का नाम था निशा. निशा भी वैशाली की ही तरह गज़ब की खुबसूरत थी. वो मुझे सुनील भाई कहकर बुलाती थी और हमेशा अच्छे से बात करती थी. पटेल साहब की पत्नी का देहांत कुछ समय पहले हो चुका था.

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मैं शादी के बाद वैशाली को लेकर मणिनगर आ गया. अभी तक मैंने वैशाली के साथ सुहागरात नहीं मन पाया था. वैशाली शादी के समय से ही तेज बुखार के चलते बहुत कमजोर हो गई थी. मैं उसे पूरा आराम देना चाहता था. यहाँ आने के बाद दूसरे दिन ही निशा उससे मिलने आई और वो दोनों सहेलीयां बन गई. मैं बहुत खुश हो गया. एक दिन रात को मैंने वैशाली को अपनी बाहों में भर लिया. वो भी कुछ ना बोली और खुद-बी-खुद सिमट गई. हम दोनों के एक दूसरे को काफी देर तक किस किया. जब मैंने वैशाली के कपडे उतारे तो वो थोडा कसमसाई. मैंने उसे अपने साथ पूरी तरह नग्न कर दिया. मैंने उसे आज पहली बार इस तरह देखा था. उसके हर जिस्म का एक एक हिस्सा बहुत ही कारीगरी से बना हुआ था. मैं अपने आपको बहुत खुशनसीब समझने लगा. हम दोनों आपस में लिपट गए. लेकिन इसके आगे वैशाली एकदम से ठंडी हो गई और हमारा मिलन अधुरा रह गया. लेकिन मैंने इसे कोई गलत नहीं माना. लेकिन हर बार वो ऐसा ही करने लगी तो मुझे थोड़ी हैरानी हुई. मैंने उससे एक दो बार पूछा तो उसने कुछ ना कहा और बात को टाल गई.

 

 

एक दिन मैं दोपहर को घर आ गया क्यूंकि मेरे सर में बहुत दर्द हो रहा था. मैंने देखा की वैशाली और निशा बहुत ही घुलमिलकर बातें कर रही है और हंस भी रही है. मुझे बहुत अच्छा लगा. वैशाली का चेहरा आज पहली बार इतना खिला हुआ लग रहा था. रात को मैंने फिर एक बार कोशिश की लेकिन बात वहीँ आकर रुक गई. लेकिन इतना जरुरु हुआ की वैशाली ने आज ज्यादा गर्मजोशी से मुझे भू चूमा था और खुद के भी चुम्बन दिए थे.

 

दो दिन बाद मुझे कुछ काम से किसी मीटिंग में जाना था. कपडे बदलने के लिए मैं घर पर गया. दरवाजा खुला था. मैं अपने कमरे में जैसे ही दाखिल हुआ मैंने देखा की वैशाली और निशा दोनों ने एक दूसरे को गले से लगा रखा है. दोनों पलंग पर बैठी हुई है. वैशाली निशा को चूम रही थी औए निशा वैशाली के बाल सहला रही थी. मैं हैरान हो गया. अब मैं समझा की वैशाली पूरी तरह से खुलकर मेरे साथ सेक्स क्यूँ नहीं कर रही थी. तो इसका मतलब यह हुआ की वो लेस्बियन है. मैंने सुना था की लेस्बियन आपस में ही संतुष्ट होते हैं ऐसा नहीं की वे मर्दों के साथ संभोग नहीं करते लेकिन ज्यादातर वो आपस में ही सेक्स सम्बन्ध बनाते हैं. मैं परेशान हो गया. मैंने ये बात मेरे कुछ करीबी रिश्तेदारों को बताई लेकिन किसी ने भी कोई सुझाव नहीं दिया. मेरी परेशानी बढती जा रही थी. हमारा सम्बन्ध केवल चुम्बनों तक ही रह गया था, यहाँ तक कि वैशाली ने आज तक मुझे अपने होंठ चूमने नहीं दिए थे.

 

इन्ही दिनों मेरी मुलाकात मेरे एक बहुत पुराने मित्र से हुई. मैं उसे सारी समस्या बताई. उसने सारी बात सुनने के बाद मुझे कुछ सुझाव दिए. मुझे उसके सुझाव कुछ पसंद आये. मैंने उस दोस्त के बताये एक आदमी से मुलाकात कि. उस आदमी ने मुझे कहा कि काम हुआ समझो. उसी शाम को मैं उस आदमी से मिलने गया. उसने मुझे एक जवान लडकी से मिलवाते हुए कहा ” ये गरिमा है. ये आपके यहाँ काम करने के लिए तैयार है. मैंने इसे सब कुछ समझा दिया है. ये कल ही अपना सामान लेकर आपके घर पहुँच जाएगी. आपकी हर समस्या हल हो जायेगी.” गरिमा एक लगभग पैंतीस साल कि उम्र कि औरत थी. उसका शरीर जबरदस्त गंठा हुआ था. उसके स्तन तो जैसे ब्लाउज को फाड़कर बाहर आने को बेताब थे. वो दिखने में ज्यादा खुबसूरत नहीं थी लेकिन उसके गठे हुए शरीर और साफ सुथरे कपडे से दिखने में काफी गरम लग रही थी. गरिमा ने मुझसे कहा ” आप बिलकुल चिंता मत करना. मैं सब समझ गई हूँ. आपकी समस्या हल हुई समझो. मैं और आप मिलकर इस समस्या को सुलझा लेंगे. बस आप अपना सहयोग पूरा पूरा देना. समय समय पर मैं आपको इशारे से सब कुछ सम्जहती रहूंगी और कब मदद चाहिये बताती भी रहूंगी. आजकल इस तरह की समस्या बहुत कॉमन हो गई है. मैं ऐसी समस्याएँ सुलझा चुकी हूँ.” मैं खुश होता हुआ घर लौट आया.

 

मैंने वैशाली से कहा ” मैंने तुम्हारी मदद के लिए एक नौकरानी रख ली है. घर का सारा काम कर लेगी और तुम्हे भी आराम रहेगा. मुझे तुम्हारी बहुत चिंता रहती है.” वैशाली ने खुश होते हुए कहा ” ये तो बहुत ही अच्छी बात है. अब मैं फुर्सत में रहूंगी और घर की देखभाल ज्यादा आसानी से कर सकुंगी.”

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मेरी बीवी की सच्चाई

अगले दिन सवेरे ही गरिमा अपने साथ एक सूटकेस लेकर आ गई. मैंने गरिमा को वैशाली से मिलवाया. गरिमा ने सारा काम संभाल लिया. गरिमा ज्यादातर ट्यूब टॉप के ऊपर फुल ज़िप्पर पहनती थी और नीचे घुटनों तक की लम्बाई की कैप्री. कुल मिलाकर वो नौकरानी नहीं बल्कि बाहर के देशो की तरह हाउस मेनेजर लगती थी.

 

जब मैं तैयार होकर नाश्ते के लिए टेबल पर आया तो नाश्ता लगा हुआ था. वैशाली बैठी थी और बहुत खुश नजर आ रही थी. तभी गरिमा आ गई. उसने वैशाली के सर में मालिस करनी शुरू कर दी. गरिमा ने मेरी तरफ मुस्कुराकर देखा. मैंने देखा कि गरिमा ने वैशाली के सर की मालिश करते करते उसकी कंधे और बाहें भी दबानी शुरू कर दी थी. वैशाली को यह बहुत अच्छा लगने लगा. मैं मुस्कुराते हुए फैक्ट्री चला गया.

 

शाम को लौटने पर गरिमा ने कहा धीरे धीरे योजना शुरू कर दी जायेगी. रात को खाना खाने के बाद गरिमा ने वैशाली से अपनी मसाज करवाने के लिए कहा. वैशाली तैयार हो गई. गरिमा ने मेरे सामने ही उसकी पीठ पर मसाज शुरू कर दी. गरिमा के हाथ धीरे धीरे वैशाली की पीठ के निचले हिस्से तक पहुँच गए. वैशाली के उभरे हुए बटक्स ( चुतड ) गरिमा के मसाज से हिलने लगे. गरिमा के हाथ अब उसकी जाँघों तक पहुँच गए. गरिमा के इशारे से मैं उठकर बाहर आ गया और खिड़की से अन्दर देखने लगा. वैशाली अपनी जंगों पर मसाज से अब उत्तेजित होने लगी थी. गरिमा अब और ज्यादा नीचे झुक गई. उसकी उभरी हुई छाती वैशाली की पीठ को छूने लगी. वैशाली थोडा कसमसाई. गरिमा ने उसे अब सीधा लिटा दिया और मसाज करने लगी. पहले सर; फिर कंधे और फिर गरिमा ने उसके उभारों को धीरे धीरे मसलना शुरू किया. वैशाली ने गरिमा को अपनी तरफ खींचा. गरिमा ने अब अपने स्तन वैशाली के स्तनों पर टिका दिए और अपने स्तनों से वैशाली के स्तनों को हिलाने और दबाने लगी. वैशाली ने गरिमा को कसकर पकड़ लिया और अपने ऊपर लिटा लिया. वैशाली गरिमा के गालों को चूमने लगी. गरिमा ने मुझे अन्दर आने का इशारा किया., मैं तुरंत अन्दर गया. गरिमा ने वैशाली की कुर्ती के बटन खोलकर उसे उतारना शुरू किया. वैशाली ने कोई प्रतिरोध नहीं किया और जवाब में गरिमा के ज़िप्पर को खोल दिया और उसे खींच कर उतार दिया. अब गरिमा केवल ट्यूब टॉप में ही रह गई. गरिमा का गदराया जिस्म मुझे उत्तेजित कर गया. उसकी उभरी हुई छातियाँ ट्यूब टॉप में से ऐसे झाँक रही थी जैसे कोई भारी चीज को बहुत पतले कपडे में बाँध कर लटकाया जाए. गरिमा ने अब अपनी आधी नंगी छाती को वैशाली की छाती से स्पर्श कराया. वैशाली अब केवल ब्रा में थी. अब गरिमा ने वैशाली की लेग्गिंग्स उतार दी. वैशाली ने भी जवाब में गरिमा की कैप्री को खींच दिया. गरिमा और वैशाली दोनों अब केवल दो बेहद छोटे कपड़ों में थी जो उनके दोनों जरुरी हिस्सों को ढंके हुए थे. मैंने भी गरिमा के इशारे पर अपने कपडे उतार दिए. अब मैं केवल अपनी अंडर वेअर में था. गरिमा और वैशाली एक दूसरे से लिपटे जा रहे थे. गरिमा भी एकाएक नशे में आ गई. दोनों ने एक दूजे को चूमना शुरू किया. मुझे अब अपने पर काबू नहीं रहा. मैं भी पलंग पर चढ़ गया और उन दोनों के एकदम करीब बैठ गया. वैशाली ने अचानक मुझे देखा और मुस्कुराई. मैंने भी मुस्कुराकर जवाब दिया. मैंने वैशाली का एक हाथ पकड़ लिया. वैशाली ने मुझे नीचे झुकने के लिए कहा. मैं नीचे झुका और वैशाली के गालों को चूमने लगा. वैशाली ने जवाब में मेरे गालों को चूम लिया.

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