मेरी बीवी प्रीति और रूही भाभी

By   August 11, 2016

मेरा नाम जय है। ये desi sexy story मेरी कमसिन बीवी प्रीति और मेरी बहुत ही सेक्सी रूही भाभी की है। मेरी नयी नयी शादी की शारीरिक मुश्किलों को भाभी बड़े अपनेपन से हल करती है..

Hindi Sex Story के अन्य भाग-

पार्ट 1

पार्ट 2

पार्ट 3

पार्ट 4


हम लोग गाँव के रहने वाले हैं। हमारा गाँव शहर से 30 की॰मी॰ दूर है। पास के ही एक शहर में भैया की शादी हो गयी। रूही भाभी बहुत ही अच्छी थी और खूबसूरत भी। भैया की उम्र 24 साल की थी। वो उम्र में भैया से एक साल छोटी थी। मैं रूही भाभी से उम्र में पाँच साल छोटा था। रूही भाभी शहर की पढ़ी-लिखी और फैशनेबल युवती थीं।

शादी के बाद भैया की नौकरी एक बड़ी कंपनी में लग गयी। वो पटना में ही रहने लगे। वो खुद ही घर का सारा काम करते थे और खाना भी बनाते थे। जब उन्हें खाना बनाने में और घर का काम करने में दिक्कत होने लगी तो उन्होंने रूही भाभी को भी पटना बुला लिया। मम्मी तो थी नहीं, केवल पापा ही थे। कुछ दिनों के बाद पापा का भी स्वर्गवास हो गया तो भैया ने मुझे अपने पास ही रहने के लिये बुला लिया। मैं उनके पास पटना आ गया और वहीं रहकर पढ़ायी करने लगा।

भाभी पटना में रहकर बिल्कुल शहरी – माडर्न हो गयी थीं। वो खुद को कई किट्टी पाटिर्यों और दूसरे सामाजिक सम्मेलनों में खुद को व्यस्त रखती थीं।

मैंने बी॰ए॰ तक की पढ़ायी पूरी की और फिर नौकरी की तलाश में लग गया। अभी मुझे नौकरी तलाश करते हुए एक साल ही गुजरा था की भैया का रोड एक्सीडेंट में स्वर्गवास हो गया। उस समय मेरी उम्र 21 साल की हो चुकी थी। अब तक मैं एकदम हट्टा-कट्टा नौजवान हो गया था। मैं बहुत ही ताकतवर भी था क्योंकी गाँव में कुश्ती भी लड़ता था। मुझे भैया की जगह पर नौकरी मिल गयी। अब घर पर मेरे और रूही भाभी के अलावा कोई नहीं था। वो मुझसे बहुत प्यार करती थी। मैं भी उनकी पूरी देखभाल करता था और वो भी मेरा बहुत ख्याल रखती थी।

रूही भाभी को भी एक कंपनी में सेक्रेटरी की नौकरी मिल गयी थी और साथ ही उनको ही घर का सारा कम करना पड़ता था इसलिये मैं भी उनके काम में हाथ बंटा देता था। वो मुझसे बार-बार शादी करने के लिये कहती थी। एक दिन रूही भाभी ने शादी के लिये मुझ पर ज्यादा दबाव डाला तो मैंने शादी के लिये हाँ कर दी। रूही भाभी की एक सहेली थीं जो की उनके मायके के शहर में ही रहती थी। उनकी एक छोटी बहन थी जिसका नाम प्रीति था। रूही भाभी ने प्रीति के साथ मेरी शादी की बात चलायी।

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बात पक्की करने से पहले रूही भाभी ने मुझे प्रीति की फोटो दिखाकर मुझसे पूछा- कैसी है?

मैं प्रीति की फोटो देखकर दंग रह गया। मैं समझता था की गरीब लड़की है, ज्यादा खूबसूरत नहीं होगी लेकिन वो तो बहुत ही खूबसूरत थी। मैंने हाँ कर दी। प्रीति की उम्र अभी 18 साल की ही थी। खैर शादी पक्की हो गयी। प्रीति के मम्मी पापा बहुत गरीब थे। एक महीने के बाद ही हमारी शादी एक मंदिर में हो गयी। शादी हो जाने के बाद दोपहर को रूही भाभी मुझे और प्रीति को लेकर पटना आ गयी। रूही भाभी ने प्रीति को नये अच्छे से कपड़े वगैरह में फिर तैयार किया और पास के एक ब्यूटी पालर्र में उसका श्रृंगार इत्यादि भी करवाया। घर पर कुछ पड़ोस के लोग बहू देखने आये। जिसने भी प्रीति को देखा, उसकी बहुत तारीफ की। शाम तक सब लोग अपने-अपने घर चले गये। रात के 8:00 बज रहे थे।

रूही भाभी ने मुझसे कहा- “आज मैं बहुत थक गयी हूँ। तुम जाकर होटल से खाना ले आओ…”

मैंने कहा- “ठीक है…” मैंने झोला उठाया और खाना लाने के लिये चल पड़ा। मेरा एक दोस्त था – वरुण। उसका एक होटल था। मैं सीधा वरुण के पास गया।

वरुण बोला- “आज इधर कैसे?”

मैंने उससे सारी बात बता दी। वो मेरी शादी की बात सुनकर बहुत खुश हो गया। हम दोनों कुछ देर तक गपशप करते रहे। हम दोनों ने एक-दो पैग भी पिये। मुझे चिंता नहीं थी क्योंकी रूही भाभी इस मामले में काफी खुले विचारों की थीं और खुद भी कई बार ड्रिंक करती थीं।

वरुण ने मुझसे कहा- “तुझे मज़ा लेना हो तो मैं एक तरीका बताता हूँ…”

मैंने कहा- “बताओ…”

वो बोला- “तुम प्रीति की चूत को कुछ दिन तक हाथ भी मत लगाना। तुम केवल उसकी गाण्ड मारना और अपने आपको काबू में रखना। कुछ दिन तक उसकी गाण्ड मारने के बाद तुम उसकी चुदाई करना…”

मैंने सोचा की वरुण ठीक ही कह रहा है। मैंने उससे कहा- “ठीक है, मैं ऐसा ही करूँगा…”

उसने मेरे लिये सबसे अच्छा खाना जो की उसके होटल में बनता था, पैक करवा दिया। मैं खाना लेकर घर वापस आ गया। हम तीनों ने खाना खाया। रूही भाभी ने प्रीति को मेरे रूम में पहुँचा दिया। उसके बाद उन्होंने मुझे अपने रूम में बुलाया। मैंने देखा कि उनके पलंग के पास स्टूल पर एक शराब की बोतल खुली रखी थी और पास ही ग्लास में शराब भरी थी। मैंने पहले कभी भाभी के पास पूरी बोतल नहीं देखी थी। कभी अगर उन्हें पीने का मूड होता तो मुझसे कहकर पौव्वा या अद्धा ही मंगवाती थीं और वो भी हम दोनों शेयर करते थे क्योंकी हम दोनों को ही ज्यादा पीने की आदत नहीं थी।

मैंने कहा- “भाभी… ये क्या पूरी बोतल? आप अकेले मत पी जाना। आपको कंट्रोल नहीं रहता…”

वो बोलीं- “तू मेरी फिक्र मत कर। आज खुशी का दिन है। पर मैं ज्यादा नहीं पीयूँगी। खैर तू ज़रूरी बात सुन…” और कहने लगी- “प्रीति अभी छोटी है। उसके साथ बहुत आराम से करना…”

मैंने मज़ाक किया- “मुझे करना क्या है?”

वो बोली- “शैतान कहीं का… तू तो ऐसे कह रहा है की जैसे कुछ जानता ही नहीं…”

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मैंने कहा- “मुझे कुछ नहीं मालूम है…”

रूही भाभी ने मुश्कुराते हुए कहा- “पहले उससे प्यार की दो बातें करना। उसके बाद अपने औज़ार पर ढेर सारा तेल लगा लेना। फिर अपना औज़ार उसके छेद में बहुत ही धीरे-धीरे घुसा देना। जल्दी मत करना नहीं तो वो बहुत चिल्लायेगी। वो अभी 18 साल की ही है। समझ गये न…”

मैंने कहा- “हाँ, मैं समझ गया…”

meri biwi priti aur roohi bhabhi desi sexy story

प्रीति की कुंवारी चूत और गांड

रूही भाभी ने कहा- “अब जा अपने कमरे में…”

मैं अपने कमरे में आ गया। प्रीति बेड पर बैठी थी, मैं भी उसके बगल में बैठ गया। मैंने उससे पूछा- “मैं तुम्हें पसंद हूँ?”

उसने अपना सिर हाँ में हिला दिया।

मैंने कहा- “ऐसे नहीं, बोलकर बताओ…”

उसने शरमाते हुए कहा- “हाँ…”

मैंने पूछा- “कहाँ तक पढ़ी हो?”

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वो बोली- “केवल इंटर तक…”

मैंने कहा- “मेरी रूही भाभी ने मुझे कुछ सिखाया है। क्या तुम्हें भी किसी ने कुछ सिखाया है?”

वो कुछ नहीं बोली तो मैंने कहा- “अगर तुम कुछ नहीं बोलोगी तो मैं बाहर चला जाऊँगा…”

इतना कहकर मैं खड़ा हो गया तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया।

मैं उसकी बगल में बैठ गया। मैंने कहा- “अब बताओ…”

वो कहने लगी- “मेरे घर पर केवल मेरे मम्मी-पापा ही हैं। उन्होंने तो मुझसे कुछ भी नहीं कहा लेकिन मेरे पड़ोस में रहने वाली भाभी ने मुझसे कहा था की तुम्हारे पति जब अपना औज़ार तुम्हारे छेद में अंदर घुसायेंगे, तब बहुत दर्द होगा। उस दर्द को बर्दाश्त करने की कोशिश करना। ज्यादा चीखना और चिल्लाना मत नहीं तो बड़ी बदनामी होगी। अपने पति से कह देना की अपने औज़ार पर ढेर सारा तेल लगा लेंगे। मैंने आज तक औज़ार नहीं देखा है। ये औज़ार क्या होता है?”