मेरी नटखट सालियाँ – II

By   May 29, 2017
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मैं अपनी दोनों सेक्सी सालियों के साथ एक होटल रूम में नंगा रंगरलिया मन रहा था और मज़ा तो बस बढ़ता ही जा रहा था. इस sali sex kahani का लास्ट पार्ट.

Hindi Sex Story के अन्य भाग-

पार्ट 1

पार्ट 2


मैंने कहा – दीदी तुम्हे ये सब बातें बताती है?

जिया ने मेरे लंड को मुह में लिया और थोडा चूसते हुए कहा- और नहीं तो क्या? वो मुझे अपनी चुदाई कि सब बातें बताती है.

मैंने कहा – सिर्फ थ्योरी से ही काम नहीं चलेगा, कुछ प्रेक्टिकल भी करना होगा.

दोनों ने कहा – हाँ जीजू, कुछ प्रेक्टिकल कीजिये ना.

मैंने कहा – पहले किस से साथ करूँ.

जिया ने कहा – मेरे साथ, क्यों कि यहाँ मै बड़ी हूँ.

यामी ने कहा – हाँ ये ठीक है, तब तक मै देखती हूँ और जानूंगी कि कैसे क्या होता है.

मैंने कहा – ठीक है.

और मै जिया के बदन पर लेट गया और यामी बगल में ही लेट कर चुचाप देख रही थी. मै जिया के नंगे मखमली बदन पर लेट कर उसके हर अंग को चाटने लगा. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. मैंने उसके बुर को चाटना चालु किया तो वो सिसकारी भरने लगी. लेकिन मै उसके बुर के रस को छोड़ भी नहीं पा रहा था. इतना नरम और रसीला बुर था मानो लग रहा था कि लीची को उसका छिलका उतार कर सिर्फ उसे चाट रहा हूँ. उसके बुर ने पानी छोड़ दिया. मै उसके बुर को छोड़ फिर उसके चूची को अपने सीने से दबाया और मैंने पूछा- अपनी चूत चुदवाओगी?

जिया ने कहा- हाँ .

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मैंने कहाँ – ठीक है. तो तैयार हो जा प्रैक्टिकल के लिए

मैंने उसके दोनों टांगो को अलग किया और चूत के छेद का मुआयना किया. उसमे उंगली डाल कर उसे फैलाया फिर अपना लंड को उसकी चूत के छेद पर रखा और और धीरे धीरे लंड को उसके चूत में घुसाना चालु कर दिया.

ज्यों ही मैंने लंड डाला वो चीख पड़ी- आ ….. यी….आह… मर गयी

मैंने कहा – क्यों री. चूत में बैगन डाल के मुठ मारती हो और लंड लेने में तुझे परेशानी हो रही है.

जिया ने कहा – हाय राम, आपका लंड किसी बैगन से कम मोटा नहीं है. और ये काफी सख्त भी तो है. बैगन तो नरम होता है.

मैंने कहा – हाँ वो तो है. लेकिन सख्त लंड से ही तुझे मज़ा आएगा. तेरी झिल्ली फटी है कि नहीं अभी तक?

जिया ने कहा — नहीं..

मैंने कहा – फाड़ दूँ तेरी झिल्ली?

जिया ने कहा – अब देर ना करो जीजू. जो भी करना है जल्दी करो. चूत में बहुत खुजली हो रही है…आह ….मेरे चूत में अपना इतना मोटा लंड डाल कर इतने सवाल कर कर के मुझे यूँ ना सताओ.

उसका चूत एकदम नया था. मैंने धीरे धीरे अपने लंड को उसके चूत में धक्के मारना शुरू किया. मेरा लंड उसके चूत के गहराई में गया तो उसकी झिल्ली फट गयी तो वो पूरी तरह चीख पड़ी- आ …..ह…जी…….जू हाय राम…

मैंने कहा – क्या हुआ जिया ?

जिया ने दर्द भरे स्वर में कहा – कुछ नहीं जीजा जी . तेरे लंड ने मेरी झिल्ली फाड़ डाली. आह…कितना मज़ा है इस दर्द में. .

मैंने जिया को उसके दर्द कि परवाह किये बगैर जोर जोर से चोदना चालू किया. थोड़ी देर में ही उसे आनंद आने लगा. अब वो आराम से बिना किसी शर्म के जोर जोर से बोलने लगी- आह जीजा जी. हाय जीजाजी. जरा धीरे धीरे चोदिये ना. आय हाय कितना मज़ा आ रहा है. आआअ ….ह्ह्ह्ह…. वो साली ही क्या जिसने अपने जीजा के मज़े ना लूटे हों.

सुन के मुझे उसके हिम्मत पर ख़ुशी हुई और आराम से उसके अंग अंग को देखते हुए चोदने लगा. वो भी जोर जोर से चिल्लाने लगी- हाय…आआअह्ह्ह्ह….. ओह्ह माँ , ओह जीजू, हाय रे आःह्ह्ह ……..

मै उसकी नंगे बदन पर लेट कर उसकी चुदाई कर रहा था. मैंने चुदाई करते समय यामी कि तरफ देखा तो वो भी काफी खुश लग रही थी.

मै उसे चोदता रहा. थोड़ी देर में जिया के चूत से पानी निकलने लगा. मेरे लंड ने भी पानी छोड़ देने का सिग्नल दे दिया.

मैंने जिया से कहा – बोल कहाँ गिरा दूँ माल?

वो बोली- मेरे मुह में.

meri natkhat sali sex kahani

दोनों सालियों को अपना मुठ पिलाया

मैंने अपने लंड को उसके चूत से निकाला और अभी उसके मुह में भी नही डाला था कि मेरे लंड ने माल छोड़ना चालु कर दिया. इस वजह से मेरे लंड का आधा माल उसके मुह में और आधा माल उसके गाल और चूची पर गिर गया. फिर भी वो प्यासी कुतिया की तरह मेरा लंड चूसती रही.

उसने यामी को अपनी चूची दिखाई और कहा – यामी ले माल को चाट. मज़ा आएगा.

यामी ने बिना देर किये जिया के चूची को चाटना शुरू कर दिया और उस पर गिरे मेरे माल को चाट चाट कर खा गयी.

मुझे काफी मज़ा आ रहा था. लेकिन मैंने गौर किया कि यामी भी काफी अंगडाई ले रही थी. इसका मतलब कि अब उसके चूत में भी खुजली हो रही थी.

मैंने जिया को कहा – अब तेरी छोटी बहन की बारी है. देख तो कैसा अकड़ रही है?

जिया अपनी चूत को साफ़ करती हुई बोली- इसकी तड़प को रोकने का एक ही उपाय ये है कि इसे भी अभी चोद दीजिये. .क्यों री यामी ? चुदवायेगी ना? बहुत मज़ा आएगा.

यामी बोली- लेकिन दीदी , तू तो अभी करह रही थी लग रहा था कि तुझे काफी दर्द हो रहा था .

जिया – अरी पगली , वो दर्द नहीं ..मज़ा था री . तू भी चुदवा के देख ना

यामी ने कहा – लेकिन दीदी तुने ही तो एक दिन कहा था कि चूत पर पहला हक पति का होता है ?

जिया – धत पगली .. साली के चूत पर पहला हक तो जीजा का ही होता है न. चल अब ये सब छोड़ . और लेट जा .. देख जीजू अभी तुझे जन्नत की सैर करायेंगे .

अब मैंने यामी को अपने नीचे लिटाया और उसकी चूची को छूने लगा. मुझे पता था कि ये लड़की अभी गरम है. इसे काबू में करना कोई मुश्किल काम नहीं है. मै उसकी मस्त चूची को दबाने लगा. वो कुछ नहीं बोल रही थी सिर्फ मुस्कुरा रही थी. . मैंने एक हाथ उसकी चूत पर हाथ ले गया. ओह उसकी चूत तो पानी बहा रही थी , बिलकूल गीली थी. मैंने अब कोई तकल्लुफ नहीं किया अब वो पूरी तरह से मेरी गिरफ्त में थी. मै उसके होठों को बेतहाशा चूमने लगा. अब वो भी मुझे जोरदार तरीके से मेरे होठों को चूमने लगी. अब वो मेरा साथ देने लगी थी. वो भी दीदी कि चुदाई देख कर मस्त हो चुकी थी. उसकी चूची तो जिया कि चूची से भी नरम थी. आखिर उसकी चूत का भी मैंने उद्धार किया और और उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया. लेकिन जैसे ही मैंने डाला वो चीखने लगी . उसकी चूत का छेद अभी छोटा था .

जिया ने कहा – एक मिनट जीजू .. ये क्रीम इसकी चूत में डाल दीजिये ना . तब चोदिये . तब इसे दर्द नहीं होगा .
मैंने यामी के चूत से अपना लंड निकाल लिया . जिया ने वेसलिन क्रीम को यामी की चूत पर अच्छी तरह से माला. यामी चुप चाप अपने चूत पर वेसलिन लगवा रही थी .

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