नीरज की रंडीबाजी – II

By   October 4, 2016

तान्या के नाम पे रंडियों की तो बहुत चूत मार ली थी नीरज ने पर अब लगता है घर की बाई की बारी है. उसकी बाई नयना भी कोई मक माल नहीं थी. इस maid sex story का लास्ट पार्ट..

Hindi Sex Story के अन्य भाग-

पार्ट 1

पार्ट 2


नीरज ने अपने बेड के पास की घंटी दबाई. वो सीधे सर्वेंट क्वार्टर में जाकर बजी. नीरज ने थोडा सा इंतज़ार किया. लगभग 5 मिनट बाद दरवाज़े पर किसी ने दस्तक दी. नीरज बिस्तर पर केवल अपनी चड्डी पहने लेटा हुआ था. बाकी सारे कपडे उसने रात को ही यहाँ वहां उतार दिए थे. उसका लंड हल्का सख्त होकर चड्डी के ऊपर हल्का सा उभार बना रहा था. लेकिन नीरज को कोई शर्म नहीं थी. साल आपनी काम वाली बाई से क्या शर्माना !

“आ जाओ” नीरज ने आवाज़ लगायी.

वो अन्दर आई और नीरज को लगभग नंगा देखकर शर्मा गयी और अपनी नज़रें नीची कर ली. उसने कुछ नहीं बोला.

“कल रात को कहाँ थी तुम?”

“जी सो रही थी” उसने बिना नज़र उठाये बोला. उसका बदन सलवार सूट में एक दम उभरा हुआ था. नीचे उसने लाल legging पहनी थी और ऊपर पीले कलर का कुरता. एक चुन्नी थी जो गले से एक दम सता हुआ था जिससे के उसके भरे भरे स्तन कुरते पर एक दम उभरे हुए थे. नीरज उसको घूर कर देख रहा था.

 

“किसके साथ?”नीरज ने पुछा.

एक पल के लिए उसने अजर की तरफ देखा. नीरज बिस्तर के किनारे टांगें फैला कर बैठा हुआ था और चड्डी के ऊपर से ही लंड सहला रहा था. उसका लंड अपना आकार बड़ा रहा था और चड्डी पहने रहना उसके लिए कष्टदायक होता जा रहा था.

 

“जी. अकेली ही थी” उसने अपनी नज़रें वापिस झुकाते हुए कहा.

“तो इतनी आवाज़ लगायी मैंने आई क्यूँ नहीं?” नीरज ने नकली गुस्सा करते हुए पूछे. उसने कोई आवाज़ नहीं लगायी थी.

 

“जी कोई आवाज़ नहीं आई थी मुझे” वो नीचे ऐसे देख रही थी जैसे फर्श पर कुछ ढूंढ रही हो.

“ओह. सुनता कम है तुम्हें. नाम क्या है तुम्हारा?”

 

“जी नयना”

“जी नयना. ये कैसा नाम है?” नीरज ने हँसते हुए पुछा.

 

वो भी हंस पड़ी और एक झलका नीरज की तरफ देखा. नीरज के चड्डी पर लंड तम्बू बन गया था अब. लेकिन इस बार नयना ने नज़रें नहीं हटाई नीरज पर से. नीरज समझ गया कि बात बन सकती है.

 

“तो नयना कितनी बड़ी हो तुम?”

” जी 22 साल”.

neeraj ki randibazi maid sex story

मेरी नौकरानी का टैलेंट

“22 साल. तुम्हारे….मतलब तुमको देखकर लगता नहीं कि 22 साल की हो” नीरज ने उसके उभरे हुए चुचियों की तरफ देखते हुए कहा. उसके चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान थी.

मुस्कान तो अब नयना के चेहरे पर भी थी लेकिन वो कुछ नहीं बोली.

 

“जानते हो कल रात क्या हुआ था?”

“क्या हुआ था?”

 

“मेरा पैर मुड़ गया था. देखो” नीरज ने अपनी एड़ी उसकी तरफ उठाते हुए कहा.

नयना ने देखा कि हल्का सा नीला हो गया था. उसने कहा “रुकिए मैं पानी गरम करके ले आती हूँ. सिकाई करनी पड़ेगी”

 

“अरे रुको रुको. पानी बाद में गरम करना. अभी मैं जो गरम हूँ उसका क्या?”

“मतलब. मैं समझी नहीं.” नयना ने कहा. लेकिन उसके चेहरे पर जो हलकी मुस्कान थी उससे पता चल रहा था कि उसे समझ में सब आ रहा है.

 

“तुम्हारी गलती थी कि तुम कल रात को मेरे आवाज़ लगाने पर भी नहीं आये. इसकी सजा तो मिलनी चाहिए. समझे?” नीरज ने अपनी चड्डी को एडजस्ट करते हुए पुछा.

 

नयना हल्का मुस्कुरायी और नीरज की तरफ देखकर बोली “साब. बचपन से घरों में काम कर रही हूँ. सब समझती हूँ. आप बताओ, घोड़ी बनना है या कुतिया, या अगर थके हुए हो तो आप पर चढ़के आप ही को घोडा बना लूँ?”

 

नीरज चौंका. इतने डायरेक्ट तरीके से काम हो जाएगा इसकी उसे उम्मीद नहीं थी. लेकिन वो और मजे लेना चाहता था. “वो तो बनोगी ही. लेकिन उससे पहले तुम्हें एक और सजा मिलेगी.” नीरज ने बेड से उठते हुए कहा. उसका लंड चड्डी पर एक दम पूरी तरह तना हुआ था. नीरज, नयना की तरफ बढ़ा.

 

“क्या सजा?”

 

नीरज ने सूट के ऊपर से नयना की गांड पर हाथ फेरा और हलके से एक थपकी मारी. “जिस गांड पर कल रात को लेटकर सो रही थी तू, उसको थप्पड़ मार मार कर लाल करना है”

 

नयना ने चड्डी के ऊपर से नीरज का लंड पकड़ लिया “उसके एक्स्ट्रा लगेंगे साब” कहकर लंड को हलके से दबाया.

“क्या सजा?”

 

नीरज ने सूट के ऊपर से नयना की गांड पर हाथ फेरा और हलके से एक थपकी मारी. “जिस गांड पर कल रात को लेटकर सो रही थी तू, उसको थप्पड़ मार मार कर लाल करना है”

 

नयना ने चड्डी के ऊपर से नीरज का लंड पकड़ लिया “उसके एक्स्ट्रा लगेंगे साब” कहकर लंड को हलके से दबाया.

 

 

नीरज ने नयना को बेड की तरफ धकेला हलके से. वो बिना किसी प्रतिरोध के बेड की तरफ बढ़ी. नीरज ने अपनी चड्डी उतार दी. उसका लंड पूरा तन चुका था. वो जाकर बेड पर बैठ गया और नयना से कहा कि बिस्तर पर गांड ऊपर करके कुतिया बनाकर बैठ जाए. नयना वैसे ही गांड ऊँची कर के बात गयी बिस्तर पर.

नीरज ने उसकी गांड पर हाथ फेरा और खींच कर एक थप्पड़ मारा. हालांकि हाथ और नयना की गांड की चमड़ी के बीच में सलवार का कपडा, legging का कपडा और नयना की चड्डी थी लेकिन थप्पड़ का जोर इतना था कि नयना की आह निकल गयी.

 

“अभी से बहन की लोड़ी ? अभी तो तेरी गांड नंगी करके थप्पड़ दूंगा.” नीरज ने कहा.

“मारो मुझे साब. मारो मेरे गांड पर थप्पड़.” नयना ने नीरज की तरफ देखते हुए कहा.

 

ये तो साली रंडियों से भी तगड़ी माल है.

नीरज ने मन में सोचा. इतनी अदा तो कल वाली रंडी ने नहीं दिखाई थी. नीरज खुश हो गया. उसने उसकी सलवार उठाके legging खींच के नीसह घुटनों तक कर दी. नयना ने चड्डी नहीं पहनी थी. उसकी हलकी सांवली गांड पर्दों के बीच से आती धुप में चमक रही थी. उसके कमर पर बंधा काला धागा उसकी कमर को और सुन्दर बना रहा था.

अपना सर दर्द वो भूल चूका था. साली चुदास चीज़ ही ऐसी है कि आदमी सब भूल जाता है.

 

नीरज ने अपना हाथ नयना के मुंह के सामने किया, बोला ” चाट ”

 

नयना ने कुतिया की तरज उसका हाथ चाट लिया. नयना के थूक से गीले हाथ से ही नीरज ने नयना के गांड पर झन्नाटेदार एक थप्पड़ मारा. इतना तेज़ कि नयना की गांड पर हाथ छप गया था. नयना ने दांत भींचे हुए थी इसलिए चीख दबा ली.

 

“लगा नहीं तेरे को??” नीरज ने उससे पुछा.

नयना ने कुछ नहीं काह बस अपना हाथ पीछे करके सहलाने जा रही थी तभी नीरज ने उसका हाथ पकड़ लिया. “नहीं. जब तक तेरी punishment पूरी नहीं हो जाती तेरे गांड पर बस मेरा ही हाथ रहेगा”

 

उसने नयना के दुसरे गांड पर एक और थप्पड़ मारा. नयना ने दर्द के मारे अपनी गांड भींच ली. थप्पड़ की मार से भिन्चता गांड का छेद बड़ा ही सेक्सी लग रहा था. नीरज अब दोनों गांड पर धीरे धीरे चपेड मारने लगा. इतना तेज़ कि नयना को आराम न मिले लेकिन इतना तेज़ भी नहीं कि उसको लगे.