पड़ोसन ने प्यास बुझाई – 2

By   February 24, 2018
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दोस्तों जैसा की आपने पिछले भाग में पहा की में भाभी के पुरे मजे ले रहा था पढ़िए bhabhi chudai story का अंतिम भाग

indian sex stories के अन्य भाग –

पार्ट – १ 

पार्ट – २ 


 

सबसे पहले उस बाहर निकली भगनासा को ही अपने मुंह में ले लिया और अंदर को चूस लिया।
एक लंबी सी ‘आह’ भाभी के मुंह से निकल गई।

भाभी ने अपनी दोनों टाँगे खुद उठा कर मेरे कंधों पे रख ली और मेरा सर खींच कर अपनी दोनों जांघों में जकड़ लिया।
मतलब वो चाहती थी कि मैं उसकी चूत चाटूँ… मैं तो खुद यह मज़ा लेना चाहता था तो बस मैंने अपनी जीभ उसकी चूत के अंदर तक डाल डाल कर चाटना शुरू कर दिया।

चूत में जीभ लगते ही भाभी मस्त हो गई, मेरे लिए तो अब सभी रास्ते खुल गए थे, मैं अपने हाथों से उसकी कमर सहलाते हुये अपने हाथ ऊपर लेकर गया और उसके बूब्स पकड़े और दबाये।
उसके निप्पल हल्के से ही दबाये थे के भाभी के बूब्स से दूध की पिचकारियाँ फूट पड़ी।

यह तो मेरी मनपसंद चीज़ थी, मैं हमेशा से ही किसी ऐसी औरत से सेक्स करना चाहता था, जिसे बूबू दूध से भरे हों और मैं उसे चोदते हुये उसका दूध भी पी सकूँ।

‘ओह नैन्सी, तुम्हारे दूध आता है, मैं तुम्हारा दूध पीऊँगा।’
नैन्सी बोली- सब तुम्हारा है मेरी जान, जो चाहो पी लो।

मगर पहले मैं उसकी चूत का मज़ा लेना चाहता था, मैं चूत चाटता रहा और मेरे बूब्स के निप्पल दबा दबा कर दूध निकालता रहा क्योंकि उसकी चूत का स्वाद भी मुझे बहुत अच्छा लगा, मैं चाहता था कि वो मेरी चटाई से ही झड़ जाए तो मैंने अपनी जीभ चलानी चालू रखी।

और कोई 4-5 मिनट पूरी शिद्दत से उसकी चूत चाटी, मैं महसूस कर रहा था कि उसकी तड़प बढ़ती जा रही थी, और फिर वो बुरी तरह से तड़पी मेरे सर के तो बाल ही खींच दिये, मगर मैं फिर भी चाटता रहा, उसकी चूत से निकालने वाली रस की आखरी बूंद तक मैं चाट गया।

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जब वो बिल्कुल शांत हो गई तो मैंने पूछा- कैसा लगा भाभी?
वो वैसे ही नंगी लेटी लेटी बोली- पूछो मत, बस मज़ा आ गया!

उसका संतोष, उसकी खुशी तो उसके चेहरे पर ही दिख रही थी।
अब मेरी बारी थी कि मैं अपने मन की भी कर लूँ, तो मैंने अपने कपड़े उतारे और पूरा नंगा हो गया।

मैंने देखा कि भाभी मेरे 7 इंच के तने हुये लौड़े को घूर रही थी।
मैंने सोचा अगर इतना घूर रही है तो क्यों न इसे अपना लंड चुसवाया जाए।
मैं आज हर वो चीज़ करना चाहता था, जो कुछ भी मैंने ब्लू फिल्मों में देखी थी।

मैंने उसे उठा कर उसकी नाईटी उतारी और उसे नंगी करके अपने सामने फर्श पर खड़ा किया ताकि मैं उसे एक बार पूरी तरह से नंगी देख सकूँ।
सुंदरता की एक मिसाल थी नैन्सी… नंगी तो और भी प्यारी लग रही थी।
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मैंने उसको अपने सीने से लगा लिया और उसके होंठों को चूमा, उससे पूछा- अपने यार का लंड चूसोगी, जानम?
उसने बड़े जोश से कहा- क्यों नहीं, मुझे लंड का स्वाद बहुत अच्छा लगता है।
आज तो जैसे मेरा ही दिन था, मैंने उसे नीचे बैठाया और अपना लंड उसके मुंह के पास किया।
भाभी ने मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ा और पहले तो उसको चूमा, फिर अपने चेहरे होंठों के आस पास घुमाते हुये अपने मुंह में ले लिया।

‘हा…’ मज़ा आ गया किसी औरत से पहली बार अपना लंड चुसवा कर!
‘जानती हो नैन्सी, आज पहली बार किसी औरत ने मेरा लंड चूसा है, इससे पहले सिर्फ सोचता था कि लंड चुसवा कर कैसा मज़ा आता होगा, मगर आज सच में उसका एहसास हुआ, चूसो मेरी जान, और चूसो, पूरा मुंह में ले लो, और आँड भी चाट जाओ!’ मैंने नैन्सी से कहा।


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नैन्सी ने भी किसी एक्सपर्ट की तरह से बहुत अच्छे से लंड चूसा, टोपा बाहर निकाल कर चूसा और मेरे आँड भी चाट गई।
मेरे तो सारे बदन में अजब अजब से अहसास हो रहे थे, मुझे लग रहा था कि मैं कहीं गिर ही न जाऊं, तो मैं बेड पर लेट गया, मगर वो मेरे लंड चूसती रही।

मुझे लगा कि कहीं यह चूस चूस कर ही मेरा पानी न निकाल दे तो मैंने उसे रोक दिया- बस कर यार, अब ऊपर आ जा!
वो मेरी कमर के ऊपर आकर बैठ गई, बिल्कुल मेरे लंड के ऊपर चढ़ कर बैठ गई।

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भाभी की मस्त चुदाई

‘आज से पहले कभी किसी को चोदा है?’ भाभी ने पूछा।
मुझे झूठ बोलने की क्या ज़रूरत थी, मैंने सच ही कहा- नहीं, तुम पहली हो जो मेरा कौमार्य भंग करेगी।

वो हंस कर बोली- कुँवारे तो नहीं हो तुम!
बात भी सच थी उसकी, तो मैंने ये बात भी सच ही बता दी उसको- यह तो मुट्ठ मार कर सील तोड़ ली थी, वरना इस लंड ने आज
पहली बार कोई चूत देखी है।

वो थोड़ा सा ऊपर को उठी और उसने मेरा लंड अपने हाथ से पकड़ कर अपनी चूत पे सेट किया और बोली- ले लूँ अंदर?

अब यह भी कोई पूछने वाली बात थी, मैंने भी कह दिया- बड़े शौक से!
और फिर उसने मेरे लंड के ऊपर हल्का सा दबाव बनाया और मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया।

‘आह…’ कितना मज़ा आया, इस नज़ारे को देख कर, इस अहसास को महसूस करके के मेरा लंड आज किसी बहुत ही खूबसूरत चूत के अंदर घुस गया है।

वो शायद अपने पति के साथ पहले भी ये करती रही होगी, तो उसने तो एक दो बार और ऊपर नीचे किया और मेरा सारा लंड चूत में चला गया।

मगर मेरी तो इस आनन्द से ही आँखें बंद हो गई, इस खुशी को मैं अपने मन में समा नहीं पा रहा था, तो मैंने कहा- एक मिनट यहीं रुको नैन्सी!
‘क्या हुआ?’ भाभी ने पूछा।
मैंने कहा- मैं इस अहसास को जीना चाहता हूँ कि जिस औरत से मैं इतने दिनों से मन ही मन प्यार करता था, आज मेरा लंड उसकी चूत में है।

वो भी मेरी कमर पर ही बैठ गई, मेरा सारा लंड उसकी चूत में था, मैंने उसके दोनों बूब्स पकड़ लिए, और मैं दोनों को बारी बारी अपने मुंह में लेकर चूस रहा था।

भाभी के बूब्स से भी टपाटप दूध टपक रहा था जो मेरे सारे चेहरे पर गिर रहा था, मैंने खूब बूब्स चूसे उसके, बहुत सारा दूध पिया, बहुत खेला उसके बूब्स से, उसके बूब्स से टपकते दूध से मेरा ऊपर का आधा जिस्म गीला हो गया था।

जब कुछ देर उसके साथ खेल चुका तब मैंने कहा- अब शुरू करो।

वो आगे पीछे हो कर चुदाई करने लगी और मैं नीचे लेटा कभी उसका दूध पीता तो कभी उसके बूब्स से खेलता, कभी चूमता।
अब ज़िंदगी का पहला सेक्स, वो भी औरत ऊपर, मेरी तो हालत ही बड़ी खस्ता हो रही थी।

बड़ी मुश्किल से कोई 5 मिनट ही रुक पाया, और 5 मिंट की चुदाई के बाद मैंने तो नीचे से भी अपनी कमर चलाने लगा, मेरे सारे बदन में जैसे गर्म लावा बह रहा हो, मेरी इच्छा हो रही थी कि अपना लंड उसकी चूत में घुसा कर उसके मुंह से बाहर निकाल दूँ!

और बस वहीं मैं ढेर हो गया।

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