पति के बॉस से सामूहिक चुदाई – II

By   April 29, 2018
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दोस्तों जैसा की आपने desi sexy stories के पिछले भाग में पढ़ा की में अपने पति के बॉस से चुदने वाली थी और पूरा मजे लेने के मूड में थी अब आगे –

indian chudai stories के अन्य भाग –

भाग – 1

भाग – 2

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भाग – 3


 

एकाएक बोस उठे और उन्होंने शोवर बंद कर दिया और फिर बैठते हुए मेरी पेंटी को झटके से उतार दिया। उन्होंने मेरी जांघों को फैलाने का इशारा किया तो मैं अपनी जांघों को फैलाकर खड़ी हो गई। मेरी साफ चिकनी चुत अब उनके सामने थी। एक पल तो वो देखते ही रह गए और फिर बोले वाह भाभी क्या मस्त चुत है आपकी, और वो मेरी चुत पर मुंह रखकर चुमने लगे। और फिर धीरे-धीरे उनकी जीभ मेरी चुत चाटते हुए चुत के अन्दर घुस कर अपना करिश्मा दिखाने लगी।
सच्ची कहुं तो रवि ने कभी इस तरह नहीं चाटी थी मेरी चुत एकदम वाइल्ड और रफ। रवि सामने से सब देख रहे थे और वो बोले बोस कोमल ने खास आपके लिये अपनी चूत को साफ किया है आप पूरे मजे लिजिए इसकी चुत के। कुछ देर चुत चटवाने के बाद मैं जब पूरी गर्म हो गई तो मैने बोस को कह अब करिये ना। तब बोस खडे हो गये और मुझसे पूछा कि भाभी क्या करना है? मैने कहा कि अब डल दिजिये तो वो बोले क्या डालूँ भाभी? आखिर मैने कहा कि अपना लंड डालिये मेरी चुत में और मुझे चोदिये। बोस तैश में आ गए और मुझे उल्टा झुका दिया। अब मैं रवि के सामने मुं करके कुतिया की तरह झुकी हुई थी और बोस मेरे पीछे आ गए। और फिर उन्होंने अपना लंड पीछे से मेरी चुत के प्रेम द्वार पर टिकाया और धक्का दे दिया। बोस का लंड मेरी चुत में समा गया। पहली बार मैंने लंड को काफ़ी अन्दर तक महसूस किया। बोस धक्कों पर धक्के लगाये जा रहे धे और रवि उनको और उकसा रहे थे कि बोस ऐसे ही मारो कोमल की चुत, और जोर से चोदो इसकी चुत। आखिर करीब सात आठ मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों एक एक कर अपने चरम तक पहुंचे।
इसके बाद हमने एक-दूसरे को नहलाया और फिर बाथरूम से बाहर आकर डिनर किया। डिनर के दौरान भी रवि और बोस मुझे छेडते रहे। उस रात मेरी दो बार और चुदाई हुई। बोस मेरी गांड भी मारना चाहते थे पर मैं नहीं मानी क्योंकि मुझे बहुत डर था। इसके बाद एक महीने में बोस ने मुझे तीन बार घर आकर चोदा। फिर एक दिन बोस ने मुझे बताया कि उनके बिजनेस पार्टनर राजकोट से आ रहे हैं और वो मुझे उनके साथ शेयर करना चाहते हैं। मैंने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया। इस पर वो नाराज हो गए और फिर मुझे बहुत समझाया। मैंने उनको कहा कि रवि को कैसे बतायेंगे तो वो बोले कि रवि को मैं कह दूंगा कि कोमल को मैं लोनावला अपने फार्म हाउस पर ले जाना चाहता हूं।


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मेरी ग्रुप में चुदाई

सोरी, इन दिनों मै थोड़ी व्यस्त रही। उस दिन के बाद बोस हमारे घर आते रहते थे। मुझे भी अब दो दो लंडों से एकसाथ खेलने में मजा आता था। फिर एक दिन बोस ने मुझसे पूछा कि क्या मैं उनके बिजनेस पार्टनर पंकजभाई के साथ मजे लेना चाहूंगी? उन्होंने पंकजभाई की चुदाई के बारे में बहुत तारीफ़ की। पंकजभाई राजकोट में रहते हैं और वहां की बड़ी हस्तियों में गिने जाते हैं। मैंने रवि से उनके बारे में सुन रखा था पर कभी उनसे मिली नहीं थी। पहले तो मैने बोस को मना किया और कहा कि मुझे डर लगता है। इसपर बोस ने मुझे समझाते हुए कहा कि वो बहुत अच्छे इंसान हैं और फिर मैं भी तो हूं तुम्हारे साथ। मैं वास्तव में डर रही थी। फिर बोस ने एक दिन रवि से कहा कि वो मुझे लोनावला अपने फार्महाउस पर ले जाना चाहते हैं। इस पर रवि ने कहा ठीक है पर वो भी साथ चलेंगे। बोस ने कहा ठीक है।
इसके बाद एक दिन बोस और हम दोनों घर पर चुदाई कर रहे थे और दो दिन बाद रवि बिजनेस के लिए बेंगलुरु जाने वाले थे तब बोस ने रवि से कहा कि जब तुम बेंगलुरु जाओगे तो मैं कोमल को लोनावला ले जाऊंगा। रवि ने कहा कि वहां अगर किसी ने देख लिया तो प्रोब्लम हो जायेगी। बोस ने कहा कि हम फार्महाउस से बाहर नहीं जायेंगे और उनका फार्महाउस हैभी काफी एकांत में। फिर जब मैंने रवि से कहा कि डरने की जरूरत नहीं है और मैं सब अच्छी तरह से संभाल लुंगी तो रवि मजाक में बोले कि बहुत उतावली हो रही हो चुदवाने के लिए। और फिर उन्होंने हमें इजाजत दे दी।
तब तक बोस ने मुझसे या रवि से पंकजभाई के बारे में कुछ भी नहीं बताया था। फिर जिस दिन रवि बेंगलुरु चले गये तब उनके जाने के बाद बोस का फोन आया कि आज शाम हम लोनावला जायेंगे और पंकजभाई भी हमारे साथ होंगे। मैंने बोस को कहा कि हम दोनों ही जाते हैं मुझे किसी और के साथ जाने में डर लगता है तो बोस बोले कि तुम बेफिक्र रहो मै हूं ना। तुम सिर्फ एन्जॉय करो। इसके बाद बोस ने मुझे अपनी चूत को साफ करने और बगल के भी बाल साफ करने को कहा। वैसे तो मैं सब साफ ही रखती हूं पर फिर भी मैंने चुत को और बगल को एकदम साफ और चिकना बना दिया। बोस ने मुझे कुछ नयी और सेक्सी ब्रा और पेंटी भी खरीदने को कहा। मैंने 3 जोड़ी सेक्सी ब्रा पेंटी खरीदी। बोस ने मुझे 7 बजे तक तैयार रहने को कह दिया था। मैं डर भी रही थी और कुछ हद तक एक्साइटेड भी थी।
शाम करीब 7 बजे बोस का फोन आया और उन्होंने मुझे हमारे घर से आगे एक बैंक के पास बुलाया। मैं एक बेग लेकर वहां पहुंची तो बोस की स्कोडा कार खड़ी थी। बोस बाहर आये और मेरा बेग लेकर मुझे पीछे की सीट पर बैठने के लिए कहा। मैं कार में बैठी तो मैने देखा कि आगे की सीट पर एक आदमी बैठा हुआ था। वो पंकजभाई थे। उन्होंने कुर्ता पाजामा पहना था। डील डोल से वो हट्टे-कट्टे लग रहे थे और उम्र मे करीब 50-55 के लगभग। बोस ड्राइविंग सीट पर बैठे थे। बोस ने मुझसे कहा कि कोमल ये पंकज भाई हैं। मैने उनसे हेलो कहा।
बोस कार चलाते चलाते बोले कि कोमल अकेले पीछे बैठकर बोर हो जाऐगी, पंकजभाई आप उसे कंपनी दिजिये और उन्होंने कार एक तरफ रोक दी। पंकजभाई बाहर निकले और पीछे आकर मेरे पास बैठ गये। मुझे शर्म आ रही थी। बोस ने कार चला दी। मैंने साडी पहनी हुई थी। कुछ देर ऐसे ही बैठे रहने के बाद पंकजभाई बोले कि यार विक्रम तुमने मुझे पीछे तो भेज दिया पर ये तुम्हारी कोमल तो शर्मा रही है और कंपनी भी नहीं दे रही। इसपर बोस ने मुझसे कहा कि कोमल बी कंफर्टेबल और पंकजभाई तो अपने ही है उनसे क्या शर्माना। अब पंकजभाई ने अपना एक हाथ मेरे कंधे पर रखा और दूसरे हाथ में मेरा हाथ लिया और मुझे अपनी और खींचा। मैं उनके चोडे सीने से जा लगी। उन्होंने मेरा मुँह ऊपर उठाया और मेरे माथे और पलकों पर हल्का सा चुमा। फिर उन्होंने मेरे होठों पर अपने होठ रखे और मुझे किस करने लगे। जब मैंने अपने होठ नहीं खोले तो उन्होंने मुझे जो र से किस करना शुरू किया और अपनी जीभ निकाल कर मेरे होठों को खोलने और जीभ को मेरे मुँह में डालने लगे। अब मैं भी उनका साथ देने लगी थी और फिर जैसे ही मैंने अपने होठ खोले उन्होंने अपनी जीभ मेरे मुँह के अन्दर डाल दी और हम दोनों एक-दूसरे से जीभ लडाने लगे। कुछ देर जोरदार किस करने और एकदूसरे का थुंक चखने के बाद उन्होंने मुझे सीधा किया। इस बीच मेरा पल्लू सरक चुका था उन्होंने जब मेरी क्लीवेज देखी तो एकदम बोल पड़े कि वाह कोमल तुम्हारे बबले कितने मस्त हैं और वो मेरे ब्लाउज के ऊपर ही किस करने लगे और एक हाथ से मेरे बुब्स दबाने लगे। मुझे भी मजा आने लगा।
बुब्स को जोर जोर से दबाते हुए वो मेरा ब्लाउज खींचने लगे। मैंने उनसे रुकने को कहा और पहले मेरे बिखरे हुए बालों को पीछे लेकर एक बन सा बांधा और फिर अपने ब्लाउज के हुक खोल दिए। मेरी लाल कलर की ब्रा के अंदर से मेरे बुब्स देखकर वो तो जैसे पागल से हो गए और मेरे बुब्स को मुंह में लेने लगे। मेरी ब्रा से मेरी कडक हो रही निप्पल्स को मुंह में लेने लगे। मैंने उनको पीछे से ब्रा का हुक खोलने को कहा और जैसे ही उन्होंने हूक खोला तो मैने ब्राको ऊपर कर दिया। अब मेरे दोनों बुब्स पंकजभाई के सामने थे। मेरा ब्लाउज साइड में हो गया था और ब्रा ऊपर हो गयी थी।
पंकजभाई मेरे बुब्स पर टुट पडे मेरा हाथ उनके सिर को अपने ब
बुब्स पर दबा रहा था। वो मेरे बुब्स को जोर जोर से चुसने लगे। कुछ देर चुसने के बाद उनका एक हाथ मेरे पेट से होते हुए मेरी नाभि पर आ गया और वो उंगली से मेरी नाभि सहलाने लगे। इस बीच बोस कार चलाते हुए हमें देख रहे थे और उन्होंने पंकजभाई को पूछा कि कैसी लगी हमारी कोमल? पंकजभाई ने जवाब में कहा कि एकदम मीठी।
अब मैं भी काफ़ी गर्म हो चुकी थी मैने अपना हाथ पंकजभाई के पाजामे के ऊभार पर रखा। सच कहती हूँ उनका लंड इतना मोटा और बड़ा फील किया मैने कि वो मुझे बोस के लंड से भी काफ़ी बड़ा लगा। और उनका लंड एकदम कडक था। मैंने उनके लंड को सहलाते हुए जोर से दबा दिया तो उनकी आह निकल गयी। वोअब भी मेरी नाभि सहला रहे थे और फिर एकाएक उन्होंने एक हाथ पीछे ले जाकर मेरी गांड सहलाई। उनका हाथ मेरी गांड पर घुमने लगा और उन्होंने मुझे अपने ऊपर खींच लिया मेरे हाथ से उनका लंड छुट गया। उन्होंने दोनों हाथों से मेरी गांड पकडी थी और वोमुझे किस कर रहे थे। वो मेरी गांड जोर जोर से दबाते हुए बोस से बोले कि आशीष तुम सही कहते थे कोमल की गांड वाकई में लाजवाब है।
इसके बाद उन्होंने मुझे कहा कि कोमल मेरा लंड कैसा है? मैं शर्मा कर बोली अच्छा है तो वो बोले कि इसको बाहर निकाल कर देखोगी नही?
और मेरा हाथ पकडकर लंड पर रख दिया। मैंने उनका कुर्ता ऊपर किया और देखा कि उनके पाजामे में जिप लगी है। मैंने जिप को नीचे किया और अन्दर हाथ डाला। उन्होंने अन्दर कुछ भी नहीं पहना था। माई गोड क्या मस्त लंड था उनका, एकदम कडक और गर्म। मैंने लंड को बाहर निकाला और देखा कि उसके लाल सुपाडे पर कुछ बुंदे पानी की थी। मैंने अपने आप को झुकाते हुए सुपाडे पर होठ से चुमा और उसपर अपनी जीभ फिरायी। लंड की सुगंध ने मुझे मदहोश कर दिया। पंकजभाई बोले कि कोमल इसको मुंह में लो। मैने उनके लंड को मुंह में लिया और चुसने लगी। इस बीच पंकजभाई का हाथ मेरे पेट से नीचे होते हुए मेरी चुत पर आ रहा था। मैंने अनजाने में ही अपने पैरों को फैला दिया। अब उनका हाथ मेरी चुत को साडी के ऊपर से ही सहला रहा था।
मै पंकजभाई का लंड चुस रही थी और चाट रही थी। वोबोल रहे थे कि हां कोमल ऐसे ही चुसो। बोस भी ये सब देख सुन कर अपने लंड को दबा रहे थे। कुछ देर में पंकजभाई जोर जोर से लंड को मेरे मुंह में डालने और निकालने की कोशिश करने लगे। कार की पिछली सीट पर ये सब बहुत कंफर्टेबल नहीं था फिर भी मैंने उनके मस्त लंड को चुसना जारी रखा और थोडी ही देर में पंकजभाई ने मेरे मुंह में ही अपना पानी छोड दिया। मैंने सारा पानी पीकर उनका लंड बाहर निकाला और उसे अच्छे से चाटकर साफ किया।
इसके बाध पंकजभाई ने बोस से कहा कि तुम्हारी कोमल तो एकदम मस्त और लाजवाब है और फिर मेरी गांड दबाते हुए कहा कि इसकी गांड बहुत मस्त है, तुमने कोमल की गांड मारी या नहीं? जब बोस ने कहा कि नहीं तो पंकजभाई मेरी गांड में जोर से उंगली करते हुए बोले गुड, अब मैं मारूंगा कोमल की गांड…….

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