सामूहिक चुदाई का विवाह सम्मेलन

By   April 28, 2017

हैल्लो दोस्तों, आज मैं एक बहुत ही रोचक group sex kahani सुनाने जा रहा हूँ. अपने पेरेंट्स के मरने के बाद हम 2 परिवारों ने आपस में शादी करने का फैसला किया. और शादी होगी पर नंगी.. आप आमंत्रित है.

मेरा नाम तरुण है और मेरी उम्र 19 साल है. ये कहानी एक साल पहले की है जिसमें 2 फेमिली है, एक मेरी और दूसरी हमारे फेमिली फ्रेंड कमल अंकल की है. मेरी फेमिली में हम 5 लोग है में, मम्मी, पापा और दो बहनें, जो अभी पढ़ रही है और कमल अंकल की फेमिली में 6 लोग है वो, उनकी वाईफ और 3 बेटे और एक बेटी, जो कि 19 साल की है और वो अभी पढ़ रही है. एक दिन कमल अंकल और उनकी वाईफ हमारे घर आए, अब वो मेरे पापा और मम्मी से बात कर रहे थे. वो लोग कहीं बाहर जाने की प्लानिंग कर रहे थे, वो लोग छुट्टी मनाने ऊटी जाने का प्लान बनाकर रविवार को निकल गये. वो दोनों अंकल, आंटी और मेरे मम्मी, पापा और हम सब बच्चे अपने घर पर ही थे.

अब में आपको बता दूँ कि मेरी दोनों बहनों का नाम वीणा और दामिनी है, वो दोनों जुड़वा है और बहुत सेक्सी है. वो 19 साल की कामुक लड़कियां है और कमल अंकल के बेटे पियूष 21 साल, धीरज 20 साल और सागर 19 साल के है. हमारे पापा मम्मी की तरह हम सब भी अच्छे दोस्त थे और बहुत बार मेरी दोनों बहने विनती के पास जाया करती थी और हम भी पियूष और उसके भाइयों के साथ बाहर जाते थे. इस तरह जब हमारे पापा मम्मी ऊटी गये थे, तो हम लोग अपने एग्जॉम में व्यस्त थे और अचानक हमें एक शॉक लगा और पता चला कि रोड़ एक्सिडेंट में हमारे माता पिता की मौत हो गई है.

फिर हम सबने बहुत दुख से उन सभी का क्रियाकर्म किया. उस समय मेरे पास कुछ नहीं था, फिर में पियूष और उसके भाइयों के घर गया. फिर थोड़ी देर तक बात करने के बाद हमने फ़ैसला कर लिया कि हम सब साथ में रहेंगे. फिर में अपनी दोनों बहनों के साथ उनके घर चला गया और फिर हम एक साथ रहने लगे. फिर करीब 5 महीने के बाद हम सब घुल मिल गये और मस्त रहने लगे. अब पियूष और में बिज़नस किया करते और घर चलाया करते. फिर हमने सोचा कि अब हमें शादी कर लेनी चाहिए.

पियूष : क्या यार, अब हमारी शादी कैसे होगी?

में : हाँ यार, में भी यही सोच रहा हूँ.

पियूष : एक बात बोलूं.

में : हाँ बोल.

पियूष : मुझे तेरी बहन दामिनी बहुत पसंद है, क्या में उससे शादी कर सकता हूँ?

में : हाँ, मगर एक शर्त है.

पियूष : बोल.

में : मुझे भी तेरी बहन बहुत पसंद है.

पियूष : ये तो खुशी की बात है चल आज ही मीटिंग करते है.

फिर घर आने के बाद हम सब डिनर टेबल पर बैठे और पियूष ने पूछा कि जिसको भी शादी करनी है वो हाथ उठाओ, तो सबने अपना हाथ उठाया और हम चौंक गये, तो दामिनी बोली कि लेकिन करेगें किससे?

में : देख हम सब जवान है और अलग-अलग फेमिली से बिलॉंग करते है, क्यों ना हम आपस में शादी कर ले?

तो सब राजी हो गये और अब सब खुश लग रहे थे, तो धीरज ने कहा कि लेकिन एक प्रोब्लम है दोस्तों.

में : क्या?

धीरज : हम 4 लड़के है और लड़कियां 3 ही है, कैसे शादी होगी?

पियूष : कुछ सोचो यार.

फिर हम एक फैसले पर आए कि मेरी बहन वीणा के दो पति होगें, तो सब राजी हो गये.

अब हम सब शर्म छोड़ चुके थे और खुलकर बात कर रहे थे. फिर मैंने पियूष की बहन विनती से कहा कि

क्या ख्याल है मेरी होने वाली पत्नी?

विनती : हाए मेरे राजा आई लव यू.

फिर हम सब हंस पड़े, फिर हमने अगले दिन शादी का प्लान किया और सब खुश हो गये, क्योंकि सब हवस में पागल थे. फिर दूसरे दिन सभी लड़कियां साड़ी पहने थी और सब लड़के कुर्ता पजामा पहने थे, फिर मैंने कहा कि क्यों ना शादी एक नयी स्टाइल में की जाए?

पियूष : कैसे?

में : क्यों ना हम कम से कम कपड़ो में शादी करे?

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गरमा गरम चुदाई का सम्मेलन

सागर : अच्छा आईडिया है.

में : गर्ल्स सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में और बॉय सिर्फ शॉर्ट्स पहनकर शादी करे.

विनती : आईडिया अच्छा है.

फिर हम सबने अपने-अपने कपड़े उतारे और ड्रेस कोड में आ गये. अब दामिनी और वीणा ने ब्लेक कलर की ब्रा और पेंटी पहनी थी और विनती ने रेड कलर की ब्रा पेंटी पहनी थी और सभी बॉय ने ब्लू कलर की शॉर्ट पहनी हुई थी.

विनती : लेकिन, हम शादी शुरू कैसे करे?

फिर हमने हॉल में सब गद्दे बिछाए और अब हम हार पहनाकर शादी कर रहे थे.

वीणा : सिंदूर कहाँ है?

पियूष : हाँ, सिंदूर हम माँग में नहीं चूत में भरेंगे.

तो वो खुश हो गई और अब सब लेडीस अपनी पेंटी को साईड में करके खड़ी थी.

में : हम सिंदूर हाथ से नहीं लंड से भरेंगे.

तो सब राजी हो गये, फिर मैंने अपने 8 इंच के लंड पर सिंदूर लगाया और विनती की नाज़ुक चूत पर सिंदूर लगाया. वही धीरज और सागर ने मेरी बहन वीणा की चूत पर सिंदूर लगाया और पियूष ने दामिनी की चूत पर अपना लंड लगाकर शादी कर ली थी. अब हम सब रोमांस कर रहे थे, अब में विनती की ब्रा खोलकर उसके 19 साल के निपल चूस रहा था. अब वो बहुत सिसकियां मार रही थी, अब वीणा धीरज और सागर के साथ मज़े ले रही थी और पियूष दामिनी की चूत को चाट रहा था. अब में भी विनती की चूत चाट रहा था. अब वो लाल हो गई थी और में उसकी चूत पर अपना लंड मसल रहा था और अब वो भी मेरा साथ दे रही थी.

फिर मैंने एक जोरदार धक्के के साथ विनती की चूत में अपना लंड डाल दिया, तो वो चीख उठी और वहीँ दामिनी का भी यही हाल था और वीणा भी एक लंड चूस रही थी और दूसरा लंड अपनी चूत में ले रही थी. इस तरह से हमने रात के तीन बजे तक चुदाई की और अब सब कई बार झड़ चुके थे. फिर सुबह 9 बजे मेरी आँख खुली तो मैंने देखा कि विनती मेरी बाहों में सो रही है, दामिनी पियूष का लंड अपनी चूत में लिए सो रही हैं और वीणा के दोनों साईड में सागर धीरज सो रहे थे.

फिर मैंने सबको उठाया और कहा कि नहा लो, तो अब सब उठकर एक दूसरे को देख रहे थे और फिर सबने अपनी बीवियों को मॉर्निंग किस किया और बीवियों ने लंड मुँह में लेकर सबको ठीक से जगाया. अब सब कपल एक के बाद एक बाथरूम में जा कर चुदाई के साथ फ्रेश होकर कपड़े पहनकर बाहर आए और नाश्ता किया.

तभी विनती ने कहा कि आज राखी है हम सब अच्छे से मनायेंगे, तो मैंने कहा कि अच्छा आइडिया है.

धीरज : मगर हम राखी हाथ पर नहीं बांधेगे.

वीणा : फिर कहाँ?

सागर : सब बहने अपने भाइयों के लंड पर राखी बांधना.

में : मस्त आइडिया है.

अब सब राजी हो गये और भाई अपने लंड को खोलकर सोफे पर बैठ गये. अब विनती आरती की थाली ला कर अपने भाइयों के लंड पर राखी बांध रही थी.